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कुश्ती में पहलवानों ने एक-दूसरे को दी पटखनी
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बड़ा गांव में आयोजित दंगल में दमखम दिखाते पहलवान। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बड़ागांव में आश्विन मास की शुद्धि चौदस को हर साल मां के मंदिर में मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में पारंपरिक कुश्ती दंगल को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताएं भी करवाई जाती हैं। इस बार भी मेले के अवसर पर कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया जिसमें मुस्कान ने संजना को और अशोक ने कुलदीप को पटखनी देकर जीत दर्ज की।
अन्य मुकाबलों में जितेंद्र ने राकेश को पटखनी दी। रमेश ने रविश, शांतनु ने रवि, जस्सा ने पवन, रवि ने अंकित को हराया। बड़ागांव के सोमा ने असंध के अशोक, कोहंड के ऋषि ने सग्गा गांव के अंकुश, मोनू ने सहारनपुर जिले के गंगोह से आए पहलवान भूरा को मात दी। मुखाला के बिल्ला ने हरिद्वार के पहलवान मोहम्मद अली को चित कर दिया। सोनीपत के संदीप ने मुकेश, अंकुश ने रमन, कोहंड के मोनू ने कालवा के विकास को हराया।
मौके पर गांव के पूर्व सरपंच चरण सिंह राणा, शेखर राणा, दिलीप राणा, मास्टर संजीव राणा, नंदलाल पांचाल, तिलकराज नंबरदार, सतीश मुंजाल, मोहित राणा व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। बड़ागांव के इस सालाना कुश्ती दंगल को देखने आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे।
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मां शाकंभरी के दर पर उमड़ी श्रद्धा
कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पानीपत, जींद, कैथल व पड़ोसी राज्यों से भी पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बड़ागांव स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर में आश्विन मास की चौदस पर मंगलवार को आयोजित मेले में श्रद्धा उमड़ी। इस दिन मंदिर में हर साल हजारों लोग मां के दर्शनार्थ पहुंचते हैं। मां को शुद्ध देसी घी के हलवे-पूरी के प्रसाद का भोग लगाकर ज्योति प्रज्ज्वलित करते हैं। मेले में दूर-दराज काम करने वाले लोग भी विशेष तौर पर पूजा-अर्चना में शामिल होने पहुंचते हैं।
सुबह से देर रात तक मंदिर में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मेला परिसर में भीड़ के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन कमेटी की ओर सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए। कुंजपुरा थाना पुलिस भी तैनात रही। वहीं मंदिर द्वार के सामने करनाल-यमुनानगर वाया गढ़ीबीरबल स्टेट हाईवे पर पूरा दिन जाम के हालात बने रहे। पुलिस ने यातायात को व्यवस्थित किया।
करनाल के अलावा, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पानीपत, जींद, कैथल व पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर इत्यादि जिलों से भी श्रद्धालु मेले में पहुंचे। मां के मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। महिलाओं ने मेले में खरीदारी की वहीं बच्चों ने झूले का आनंद लिया। मंदिर में अटूट लंगर चलता रहा। बुधवार को भी मेला जारी रहेगा।
500 साल पुराना है मंदिर का इतिहास
गांव के पूर्व सरपंच चरण सिंह राणा ने बताया कि मां शाकंभरी देवी मंदिर का करीब 500 साल पुराना इतिहास है। सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी देवी स्थान से ज्योत यहां लाई गई थी। जो निरंतर जल रही है। मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं के मंदिर व मूर्तियां स्थापित हैं। यूं तो यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है लेकिन चौदस पर विशेष पूजा की जाती है।
हर घर में आए हैं मेहमान
दो दिन चलने वाले मां शाकंभरी देवी के मेले में पूजा करने के लिए गांव के हर घर में मेहमान आए हैं। महिला अन्नू ने बताया कि उन्हें दो साल से इस मेले का बेसब्री से इंतजार था। कोरोना की वजह से पिछली बार मेला नहीं लगा। मौके पर सेवादार विनोद चौधरी, रामधन गुप्ता, ईश्वर धानिया, राजपाल राणा, किरणपाल राणा, ऋषिपाल पांचाल, सुरेश गुप्ता, जयभगवान शर्मा, नरेश राणा, बीर सिंह राणा, दिनेश कुमार, सतपाल कश्यप, प्रताप सैन, नंदलाल, राजपाल सैन, नरेश शर्मा, सोमदत गुप्ता, जसबीर जोगी, अंकुर चौहान व अन्य मां के दर पर सेवा कार्यों में जुटे रहे।
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करनाल। बड़ागांव में आश्विन मास की शुद्धि चौदस को हर साल मां के मंदिर में मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में पारंपरिक कुश्ती दंगल को बढ़ावा देने के लिए प्रतियोगिताएं भी करवाई जाती हैं। इस बार भी मेले के अवसर पर कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया जिसमें मुस्कान ने संजना को और अशोक ने कुलदीप को पटखनी देकर जीत दर्ज की।
अन्य मुकाबलों में जितेंद्र ने राकेश को पटखनी दी। रमेश ने रविश, शांतनु ने रवि, जस्सा ने पवन, रवि ने अंकित को हराया। बड़ागांव के सोमा ने असंध के अशोक, कोहंड के ऋषि ने सग्गा गांव के अंकुश, मोनू ने सहारनपुर जिले के गंगोह से आए पहलवान भूरा को मात दी। मुखाला के बिल्ला ने हरिद्वार के पहलवान मोहम्मद अली को चित कर दिया। सोनीपत के संदीप ने मुकेश, अंकुश ने रमन, कोहंड के मोनू ने कालवा के विकास को हराया।
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मौके पर गांव के पूर्व सरपंच चरण सिंह राणा, शेखर राणा, दिलीप राणा, मास्टर संजीव राणा, नंदलाल पांचाल, तिलकराज नंबरदार, सतीश मुंजाल, मोहित राणा व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। बड़ागांव के इस सालाना कुश्ती दंगल को देखने आसपास के गांवों से सैकड़ों ग्रामीण पहुंचे।
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मां शाकंभरी के दर पर उमड़ी श्रद्धा
कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पानीपत, जींद, कैथल व पड़ोसी राज्यों से भी पहुंचे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बड़ागांव स्थित मां शाकंभरी देवी मंदिर में आश्विन मास की चौदस पर मंगलवार को आयोजित मेले में श्रद्धा उमड़ी। इस दिन मंदिर में हर साल हजारों लोग मां के दर्शनार्थ पहुंचते हैं। मां को शुद्ध देसी घी के हलवे-पूरी के प्रसाद का भोग लगाकर ज्योति प्रज्ज्वलित करते हैं। मेले में दूर-दराज काम करने वाले लोग भी विशेष तौर पर पूजा-अर्चना में शामिल होने पहुंचते हैं।
सुबह से देर रात तक मंदिर में माथा टेकने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मेला परिसर में भीड़ के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन कमेटी की ओर सुरक्षा के बंदोबस्त किए गए। कुंजपुरा थाना पुलिस भी तैनात रही। वहीं मंदिर द्वार के सामने करनाल-यमुनानगर वाया गढ़ीबीरबल स्टेट हाईवे पर पूरा दिन जाम के हालात बने रहे। पुलिस ने यातायात को व्यवस्थित किया।
करनाल के अलावा, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, पानीपत, जींद, कैथल व पड़ोसी राज्य उत्तरप्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर इत्यादि जिलों से भी श्रद्धालु मेले में पहुंचे। मां के मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया था। महिलाओं ने मेले में खरीदारी की वहीं बच्चों ने झूले का आनंद लिया। मंदिर में अटूट लंगर चलता रहा। बुधवार को भी मेला जारी रहेगा।
500 साल पुराना है मंदिर का इतिहास
गांव के पूर्व सरपंच चरण सिंह राणा ने बताया कि मां शाकंभरी देवी मंदिर का करीब 500 साल पुराना इतिहास है। सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी देवी स्थान से ज्योत यहां लाई गई थी। जो निरंतर जल रही है। मंदिर परिसर में अन्य देवी-देवताओं के मंदिर व मूर्तियां स्थापित हैं। यूं तो यहां वर्ष भर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है लेकिन चौदस पर विशेष पूजा की जाती है।
हर घर में आए हैं मेहमान
दो दिन चलने वाले मां शाकंभरी देवी के मेले में पूजा करने के लिए गांव के हर घर में मेहमान आए हैं। महिला अन्नू ने बताया कि उन्हें दो साल से इस मेले का बेसब्री से इंतजार था। कोरोना की वजह से पिछली बार मेला नहीं लगा। मौके पर सेवादार विनोद चौधरी, रामधन गुप्ता, ईश्वर धानिया, राजपाल राणा, किरणपाल राणा, ऋषिपाल पांचाल, सुरेश गुप्ता, जयभगवान शर्मा, नरेश राणा, बीर सिंह राणा, दिनेश कुमार, सतपाल कश्यप, प्रताप सैन, नंदलाल, राजपाल सैन, नरेश शर्मा, सोमदत गुप्ता, जसबीर जोगी, अंकुर चौहान व अन्य मां के दर पर सेवा कार्यों में जुटे रहे।