फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Women taking suicidal steps due to domestic discord and loneliness

Karnal News: घरेलू कलह, अकेलेपन के कारण आत्मघाती कदम उठा रहीं महिलाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 10 Sep 2024 06:01 AM IST
विज्ञापन
Women taking suicidal steps due to domestic discord and loneliness
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस
विज्ञापन

- मनोरोग ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे चार केस, इनमें तीन महिलाएं व एक पुरुष शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। एक तरफ महिलाओं पर घरेलू हिंसा के केस बढ़ रहे हैं तो दूसरी ओर काम के बढ़ते बोझ के कारण पति-पत्नी आपस में समय नहीं बिता पा रहे हैं। ऐसे में विशेषकर घरेलू महिलाएं डिप्रेशन का शिकार हो रही हैं। इस कारण से उनके मन में बार-बार आत्महत्या के विचार आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता ने बताया कि 14 वर्ष के बाद लगभग 50 प्रतिशत बच्चे और 21 वर्ष के बाद 70 प्रतिशत बच्चे डिप्रेशन का शिकार होने लगते हैं। डिप्रेशन के ज्यादातर मामले 15 से 30 वर्ष के लोगों में सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि ओपीडी में रोजाना 80 से 100 मरीज आ रहे हैं। इनमें से आत्महत्या करने की सोचने वाले रोजाना लगभग चार केस पहुंच रहे हैं। इनमें तीन महिलाएं व एक पुरुष शामिल हैं।
विज्ञापन

ऐसे में विभाग काउंसलिंग के माध्यम से आत्महत्या के विचार को जड़ से खत्म करने में जुटा हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार थोड़ी-सी सावधानी बरतकर डिप्रेशन के मामलों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकता है। रोजाना अगर घर के सदस्यों के साथ बैठकर बातें शेयर करते हैं और उनकी बातें सुनते हैं तो शायद ही मन में आत्महत्या का विचार आए। उन्होंने बताया कि अपनी दूसरे की जिंदगी से तुलना करना भी जानलेवा साबित हो रहा है। इसका बड़ा कारण एकल परिवार और उनमें भी एक-दूसरे से सही तरीके से बातचीत न होना भी आत्महत्या का कारण बनता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर के सदस्यों के साथ बैठकर बातें शेयर करने की डालें आदत

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन गुप्ता बताते हैं कि पहले संयुक्त परिवार होते थे। तब सभी लोग एक साथ बैठा करते थे और सारे दिन की बातें एक-दूसरे को बताते थे, लेकिन अब एकल परिवार और सोशल मीडिया के कारण यह खत्म हो गया है। इससे अकेलापन बढ़ने से मन में गलत विचार आते हैं, जो कई बार आत्मघाती साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना अगर आप अपने घर के सदस्यों के साथ बैठकर अपनी बातें शेयर करते हैं और उनकी बातें सुनते हैं तो आत्महत्या जैसी घटनाओं पर अंकुश लगा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed