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ग्रामीणों ने राहड़ा पावर हाउस पर जड़ा ताला
करनाल
Updated Sat, 17 May 2014 11:59 PM IST
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गांव राहड़ा में लगातार लग रहे बिजली के लंबेे कटों से लोग परेशान हैं।
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दूसरी ओर बिजली निगम के अधिकारियों द्वारा किए गए अभद्र व्यवहार से रोषजदा
ग्रामीणों ने शुक्रवार रात गांव स्थित 33 केवी सबस्टेशन पर ताला जड़ दिया।
आधी रात को ग्रामीण ताला जड़ने के बाद धरने पर बैठ गए और शनिवार दोपहर को विभाग के एसडीओ राजबीर सरोहा के आश्वासन के बाद धरना समाप्त करने पर राजी हुए। धरने का नेतृत्व कर रहे सर्वजातीय महापंचायत के अध्यक्ष यशपाल राणा, सोमपाल, सुंदर, रमेश राणा, प्रवीण, तेजपाल, तरसेम, संजय, सतपाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। लंबे कटों ने उनका जीना दूभर कर दिया है।
रात को खाना खाने के वक्त बिजली गुल हो जाती है और पूरी रात उन्हें गर्मी से बेहाल होकर काटनी पड़ती है। बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते और मच्छरों से बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली आपूर्ति न के बराबर है और इसके चलते उनका जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाती है तो वे आगे से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। आरोप है कि शुक्रवार रात भी जब उन्होंने बिजली न होने की शिकायत सबस्टेशन इंचार्ज एसडीओ गगन पांडे से की तो उन्होंने उनके साथ तथाकथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। एसडीओ के अभद्र व्यवहार से खफा होकर लोगों ने सबस्टेशन पर रात तकरीबन दो बजे ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
शनिवार सुबह असंध से एसडीओ बिजली विभाग राजबीर मौके पर पहुंचे और उनकी समस्या सुनी। ग्रामीणों ने मांग की कि उनकी अलग मेट्रो लाइन चालू की जाए और अभद्र व्यवहार करने वाला अधिकारी पंचायत में आकर माफी मांगे अन्यथा वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे। इस मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी व एसडीओ ने ग्रामीणों को उनकी समस्या के जल्द हल का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण धरना समाप्त करने पर राजी हो गए। ग्रामीणों ने एसडीओ को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर अधिकारी ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो ग्रामीण अपना आंदोलन तेज कर देंगे।
आधी रात को ग्रामीण ताला जड़ने के बाद धरने पर बैठ गए और शनिवार दोपहर को विभाग के एसडीओ राजबीर सरोहा के आश्वासन के बाद धरना समाप्त करने पर राजी हुए। धरने का नेतृत्व कर रहे सर्वजातीय महापंचायत के अध्यक्ष यशपाल राणा, सोमपाल, सुंदर, रमेश राणा, प्रवीण, तेजपाल, तरसेम, संजय, सतपाल आदि ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली आपूर्ति का बुरा हाल है। लंबे कटों ने उनका जीना दूभर कर दिया है।
रात को खाना खाने के वक्त बिजली गुल हो जाती है और पूरी रात उन्हें गर्मी से बेहाल होकर काटनी पड़ती है। बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते और मच्छरों से बीमारियां फैलने का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली आपूर्ति न के बराबर है और इसके चलते उनका जीवन प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाती है तो वे आगे से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। आरोप है कि शुक्रवार रात भी जब उन्होंने बिजली न होने की शिकायत सबस्टेशन इंचार्ज एसडीओ गगन पांडे से की तो उन्होंने उनके साथ तथाकथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। एसडीओ के अभद्र व्यवहार से खफा होकर लोगों ने सबस्टेशन पर रात तकरीबन दो बजे ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए।
शनिवार सुबह असंध से एसडीओ बिजली विभाग राजबीर मौके पर पहुंचे और उनकी समस्या सुनी। ग्रामीणों ने मांग की कि उनकी अलग मेट्रो लाइन चालू की जाए और अभद्र व्यवहार करने वाला अधिकारी पंचायत में आकर माफी मांगे अन्यथा वे अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे। इस मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी व एसडीओ ने ग्रामीणों को उनकी समस्या के जल्द हल का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण धरना समाप्त करने पर राजी हो गए। ग्रामीणों ने एसडीओ को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर अधिकारी ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो ग्रामीण अपना आंदोलन तेज कर देंगे।