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संदिग्ध बुखार से पूर्व महिला पार्षद समेत दो की मौत
घरौंडा
Updated Thu, 10 Oct 2013 10:02 PM IST
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कस्बे में पूर्व महिला पार्षद व अराईपुरा गांव के एक युवक की संदिग्ध बुखार से मौत होने का मामला सामने आया है। दोनों की मौत के बाद से लोगाें में भय का माहौल है।
वहीं, जनता प्रशासन की लचर व्यवस्था के खिलाफ भी आक्रोशित है। परिजनों का कहना है कि दोनों में डेंगू के सिमटम मिले थे लेकिन हेल्थ विभाग इन मौतों को अभी तक संदिग्ध मान रहा है। वार्ड सत्रह की पूर्व पार्षद राजकुमारी को रविवार को हल्का बुखार हुआ था। इसके बाद से ही वे लगातार बीमार चल रही थी।
पूर्व पार्षद के बेटे गुरविंदर सिंह राणा ने बताया कि उन्होेंने अपनी मां को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने बुखार के साथ-साथ डेंगू की शिकायत बताई थी। बाद में उनकी तबीयत ज्यादा खराब होती चली गई। इस कारण उनको उपचार के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया लेकिन चंडीगढ़ जाते समय उनकी रास्ते में ही मौत हो गई।
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अराईपुरा में युवक ने दम तोड़ा
गांव अराईपुरा में भी बुखार से पीड़ित एक युवक कंवरपाल की मौत हो गई। कंवरपाल के दोस्त रामभूल ने बताया कि लगभग दस दिन पूर्व उसे बुखार हो गया था। इसके बाद उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालात खराब होने के कारण उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
संदिग्ध बुखार से दो मौत होने के कारण लोगों में दहशत का माहौल है और प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। शहर में कई मामले डेंगू बुखार के पाए गए थे, जिन्हाेंने अपना उपचार करनाल व दूसरे शहरों के निजी अस्पतालों में कराया था। डेंगू के मामले मिलने से लोगों ने शहर में फॉगिंग कराने की मांग की थी लेकिन लोगों की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग तक नहीं कराई। इसको लिए भी लोगों में गहरी नाराजगी है।
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वहीं, जनता प्रशासन की लचर व्यवस्था के खिलाफ भी आक्रोशित है। परिजनों का कहना है कि दोनों में डेंगू के सिमटम मिले थे लेकिन हेल्थ विभाग इन मौतों को अभी तक संदिग्ध मान रहा है। वार्ड सत्रह की पूर्व पार्षद राजकुमारी को रविवार को हल्का बुखार हुआ था। इसके बाद से ही वे लगातार बीमार चल रही थी।
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पूर्व पार्षद के बेटे गुरविंदर सिंह राणा ने बताया कि उन्होेंने अपनी मां को उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने बुखार के साथ-साथ डेंगू की शिकायत बताई थी। बाद में उनकी तबीयत ज्यादा खराब होती चली गई। इस कारण उनको उपचार के लिए चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया लेकिन चंडीगढ़ जाते समय उनकी रास्ते में ही मौत हो गई।
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अराईपुरा में युवक ने दम तोड़ा
गांव अराईपुरा में भी बुखार से पीड़ित एक युवक कंवरपाल की मौत हो गई। कंवरपाल के दोस्त रामभूल ने बताया कि लगभग दस दिन पूर्व उसे बुखार हो गया था। इसके बाद उसे उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। हालात खराब होने के कारण उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
संदिग्ध बुखार से दो मौत होने के कारण लोगों में दहशत का माहौल है और प्रशासन के प्रति रोष पनप रहा है। शहर में कई मामले डेंगू बुखार के पाए गए थे, जिन्हाेंने अपना उपचार करनाल व दूसरे शहरों के निजी अस्पतालों में कराया था। डेंगू के मामले मिलने से लोगों ने शहर में फॉगिंग कराने की मांग की थी लेकिन लोगों की मांग पर भी स्वास्थ्य विभाग ने फॉगिंग तक नहीं कराई। इसको लिए भी लोगों में गहरी नाराजगी है।