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एक ही वाहन नंबर पर दस मिनट में दो काट दिए गेट पास
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करनाल। इंद्री अनाज मंडी में बाइक, स्कूटर व कार के नंबरों पर गेट पास काटने का मामला सामने आने के बाद एक और गड़बड़ी उजागर हुई है। जिसमें डीएफएससी के कर्मचारियों ने एक ही वाहन के दस मिनट में दो गेट पास काट दिए। जिस वाहन के नंबर से गेट पास काटे गए हैं उसका ऑनलाइन रिकॉर्ड ही नहीं है।
इंद्री अनाज मंडी में धान के सीजन में 27 अक्तूबर को एक वाहन के नंबर पर 4:16 बजे शाम को गेट पास काटा गया। वहीं वाहन शाम 6:0 बजे इनयार्ड हुआ, यानी राइस मिल में पहुंचा लेकिन खरीद निरीक्षक ने इसी बीच शाम 4:26 बजे उसी वाहन के नंबर से दूसरा गेट पास काट दिया, जो संभव ही नहीं है। यह डीएफएससी के अधिकारी भी मान भी रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर रहे हैं। इंद्री अनाज मंडी में खरीद एजेंसी डीएफएससी, हैफेड ने ट्रक व ट्रैक्टर ट्राली के बजाय बाइक, स्कूटर, कारों के नंबरों पर फर्जी गेट पास काट दिए। फिलहाल विभाग धान का उठान करने वाले ठेकेदारों से वाहनों के नंबर लेकर उनका परिवहन विभाग से सत्यापन करा रहे हैं।
हैफेड दो नंबरों की नहीं करा पा रहा जांच
हैफेड एजेंसी द्वारा इंद्री अनाज मंडी में दो नंबर सामने आए थे, जो बाइक के हैं। इन्हीं नंबरों पर 14 से 21 बार गेटपास काटे गए हैं। जिन पर 250 से 461 धान के कट्टे लोड कर राइस मिल में ले जाते दिखाया गया है। हैफेड इन्हीं दो नंबरों का सत्यापन नहीं कर पाया है। ऑनलाइन जांच करने पर वह दोनों नंबर बाइक के दिखाए गए हैं।
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असंध अनाज मंडी में एक आढ़ती द्वारा 13 फर्जी किसानों के नाम पर पोर्टल बनाकर गड़बड़ी करने के मामले में एक निरीक्षक नोटिस का जवाब नहीं दे रहा है। डीएफएससी की ओर से तीन निरीक्षकों को नोटिस जारी किया गया था और दो दिन का समय दिया था लेकिन नोटिस जारी हुए चार दिन बीत गए हैं।
वर्जन
निरीक्षक को भी नोटिस दिया गया है और परिवहन विभाग से भी वाहनों के नंबरों की जांच करा रहे हैं। जैसे ही वहां से रिपोर्ट आती है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। दस मिनट में एक ही वाहन के नंबर पर गेटपास कटना गड़बड़ी है। इसकी भी जांच कराई जाएगी।
डॉ. अशोक रावत, डीएफएससी, करनाल
वर्जन
धान का उठान करने वाले ठेकेदार से वाहनों के नंबरों की लिस्ट लेकर उसकी जांच कराई जा रही है। उसकी जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अनिल अहलावत, डीएम हैफेड करनाल
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इंद्री अनाज मंडी में धान के सीजन में 27 अक्तूबर को एक वाहन के नंबर पर 4:16 बजे शाम को गेट पास काटा गया। वहीं वाहन शाम 6:0 बजे इनयार्ड हुआ, यानी राइस मिल में पहुंचा लेकिन खरीद निरीक्षक ने इसी बीच शाम 4:26 बजे उसी वाहन के नंबर से दूसरा गेट पास काट दिया, जो संभव ही नहीं है। यह डीएफएससी के अधिकारी भी मान भी रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कर रहे हैं। इंद्री अनाज मंडी में खरीद एजेंसी डीएफएससी, हैफेड ने ट्रक व ट्रैक्टर ट्राली के बजाय बाइक, स्कूटर, कारों के नंबरों पर फर्जी गेट पास काट दिए। फिलहाल विभाग धान का उठान करने वाले ठेकेदारों से वाहनों के नंबर लेकर उनका परिवहन विभाग से सत्यापन करा रहे हैं।
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हैफेड दो नंबरों की नहीं करा पा रहा जांच
हैफेड एजेंसी द्वारा इंद्री अनाज मंडी में दो नंबर सामने आए थे, जो बाइक के हैं। इन्हीं नंबरों पर 14 से 21 बार गेटपास काटे गए हैं। जिन पर 250 से 461 धान के कट्टे लोड कर राइस मिल में ले जाते दिखाया गया है। हैफेड इन्हीं दो नंबरों का सत्यापन नहीं कर पाया है। ऑनलाइन जांच करने पर वह दोनों नंबर बाइक के दिखाए गए हैं।
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असंध अनाज मंडी में एक आढ़ती द्वारा 13 फर्जी किसानों के नाम पर पोर्टल बनाकर गड़बड़ी करने के मामले में एक निरीक्षक नोटिस का जवाब नहीं दे रहा है। डीएफएससी की ओर से तीन निरीक्षकों को नोटिस जारी किया गया था और दो दिन का समय दिया था लेकिन नोटिस जारी हुए चार दिन बीत गए हैं।
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निरीक्षक को भी नोटिस दिया गया है और परिवहन विभाग से भी वाहनों के नंबरों की जांच करा रहे हैं। जैसे ही वहां से रिपोर्ट आती है तो आगामी कार्रवाई की जाएगी। दस मिनट में एक ही वाहन के नंबर पर गेटपास कटना गड़बड़ी है। इसकी भी जांच कराई जाएगी।
डॉ. अशोक रावत, डीएफएससी, करनाल
वर्जन
धान का उठान करने वाले ठेकेदार से वाहनों के नंबरों की लिस्ट लेकर उसकी जांच कराई जा रही है। उसकी जांच के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अनिल अहलावत, डीएम हैफेड करनाल