फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   trains and roadways buses dismis

ट्रेनें और रोडवेज बसें बंद, यात्री परेशान

Tue, 23 Feb 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो /करनाल।
अमर उजाला ब्यूरो /करनाल। Updated Tue, 23 Feb 2016 12:53 AM IST
विज्ञापन
trains and roadways buses dismis

 उधर रविवार रात को जाट आंदोलन के चलते काफी हंगामा रहा। चिड़ाव मोड़ पर जाम लगाए बैठे लोगों ने न केवल आने जाने वाली गाड़ियों के शीशे तोड़े बल्कि एक बाइक को भी आग के हवाले कर दिया। वहीं देर रात वाहनों से गुजर रही महिलाओं के साथ भी छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आई हैं। अहम बात यह है कि सरकार का भारी दबाव आने के बाद ही पुलिस ने जाम लगाने वाले व अराजकता फैलाने वाले युवकों को वहां से खदेड़ा और जाम खुलवाया। हालांकि, बताया जा रहा है कि शाम से ही इस प्रकार की शिकायतें पुलिस के पास पहुंच रही थी, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनकर तमाशा देख रही थी। 

विज्ञापन

 चिड़ाव मोड़ पर प्रदर्शनकारियों ने रविवार देर रात एक बाइक जला दी और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी गई। गौरतलब है कि शाम को केंद्र सरकार ने जाट नेताओं की सभी मांगें मान ली गई थी, इससे प्रदेश में ज्यादातर स्थानों पर से जाम खुल गए थे, लेकिन कैथल करनाल मार्ग पर चिड़ाव मोड़ पर जाम लगाए बैठे युवकों ने इसके बाद भी जाम नहीं खोला और जमकर उत्पात मचाया। जैसे ही कोई गाड़ी वहां पहुंचती तो उसके शीशे तोड़ दिए गए और उसके परिवार वालों महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की। प्रदर्शनकारियों के उग्र होने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला। सदर थाना और सिविल लाइन थाना पुलिस ने दलबल के साथ प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा और भाग रहे चार आरोपियों को हिरासत में भी लिया। पुलिस ने ही सड़क पर गिरा रखे पेड़ों को साइड में करके जाम खुलवाया। सदर थाना प्रभारी ललित कुमार ने बताया कि सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने, जाम लगाकर आमजन को परेशान करने, संपत्ति का नुकसान सहित विभिन्न धाराओं के तहत बलविंद्र, तेजवीर, राजेश व चंद्रहास के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इनमें से चार आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

रेलवे और रोडवेज को लाखों का नुकसान

जिले में असंध, घरौंडा और करनाल में जाट आंदोलन तेज रहा। सेना, पुलिस तैनात रही और प्रदर्शनकारी दहशत फैलाते रहे। इससे रेलवे को करीब 50 लाख रुपये का नुकसान है। रोडवेज के करनाल डिपो को करीब 27 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। रविवार रातभर जाम की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिनभर लोग घरों में रहे और फोन पर सूचना लेते रहे। 

विज्ञापन

रोडवेज जीएम के खिलाफ जताया रोष 

जिले में सोमवार को भी रोडवेज बसें और ट्रेनें बंद रही। इससे सवारियां वाहनों को तलाशती रही। निजी वाहन सोमवार को सरपट दौड़े। निजी वाहनों ने निर्धारित किराये से ज्यादा किराया लेकर लोगों को सफर कराया। सवारियों ने अतिरिक्त किराया लेने की शिकायत रोडवेज जीएम जयपाल राणा को की गई, लेकिन अधिकारी द्वारा कार्रवाई न करने पर सवारियों ने बस स्टैंड पर ही जीएम के खिलाफ विरोध जताया। सवारियों ने आरोप लगाया कि रोडवेज अधिकारियों के इशारे पर सवारियों से अतिरिक्त किराया लिया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सुरक्षा की दृष्टि से एटीएम रहे बंद 

सुरक्षा के मद्देनजर सोमवार को जिलेभर के एटीएम बंद रहे। उधर, रविदास जयंती पर छुट्टी होने के कारण बैंक भी बंद रहे। ऐसे में दिनभर लोग पैसे के लिए एक दूसरे एटीएम पर घूमते रहे हैं। बता दें कि शहर में 200 एटीएम मशीनों के साथ-साथ कस्बों के 100 एटीएम बूथ भी बंद रहे। इससे हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। उम्मीद की जा रही है कि मंगलवार को एटीएम बूथ खुल सकते हैं। 


अस्पताल में दवाइयां खत्म, मरीज हलकान

जाट आंदोलन मरीजों पर भी भारी पड़ गया है। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ दवाइयां खत्म हो गई हैं। अस्पताल में दवाइयां न मिलने के कारण मरीजों को मेडिकल स्टोर से महंगे दामों में खरीदनी पड़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी आंदोलन की मजबूरी बता रहे हैं। ऐसे में अस्पताल में आने वाले सैकड़ों लोग दवाई से प्रभावित हैं। वहीं, तीन दिन से जाम के कारण ओपीडी भी आधी रह गई है। 

मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल जिले सहित आसपास के जिलों के लिए अहम है। यहां पर रूटीन ओपीडी 700 से 800 मरीजों की रहती है और ट्रामा सेंटर मेें भी 40 मरीज रोजाना एमरजेंसी आते हैं। अस्पताल में दवाई न मिलने से उन्हें परेशानी होनी तय है। दवाइयां पूरी न मिलने से डॉक्टर भी दिक्कत महसूस कर रहे हैं। डॉक्टर बताते हैं कि अस्पताल में रूटीन में उपयोग होने वाली दवा भी खत्म है। यदि अस्पताल से बाहर की दवा लिखते हैं तो शिकायत होने का डर सताता है। ऐसे में मरीज भी मजबूरी को समझते हुए खुद ही बाहर से दवा लिखने को कह रहे हैं। 

जिले में एक सप्ताह से नौ दवाइयां खत्म हैं। मौसम बदलाव में मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। उन्हें दवाई न मिलने से आंदोलनकारियों और सरकार को कोस रहे हैं। अस्पताल में आए मरीज सुमित ने बताया कि उनकी मां को बीपी की शिकायत है। वह ट्रामा सेंटर में ईलाज करवाने आए और उन्हें बाहर से दवाई लेकर उपचार करवाना पड़ा। सदर बाजार से विनोद ने बताया कि शुक्रवार को बंदर के काटने पर वह अस्पताल पहुंचा तो दवाई बाहर से लेनी पड़ी। डॉक्टरों ने मजबूरी बताते हुए बाहर से दवाई लिखी। उन्होंने कहा कि जाट समुदाय का विरोध जताया बिल्कुल गलत रहा। दवाई भी खत्म हो गई। 


700 से 300 रह गई ओपीडी

गौरतलब है कि पिछले तीन दिन से शहर के मुख्य मार्ग जाम हैं। कैथल मार्ग, इंद्री मार्ग और मेरठ रोड को जाटों ने आरक्षण की मांग को लेकर बंद कर रखा था। इसलिए अस्पताल में मरीजों की संख्या आधी रह गई है। सामान्य तौर पर अस्पताल में 700 मरीज ओपीडी में आते हैं, लेकिन पिछले तीन दिन ओपीडी घटकर आधी रह गई। शनिवार को भी 315 मरीज ही अस्पताल आ सके। 


ये दवाईयां नहीं अस्पताल में 

संख्या      दवाई का नाम       उपयोग   

1.   टेबलेट सिट्राजिन   एलर्जी, रियेक्शन, जुखाम होने पर 

2.  कैप्सुल ऑमीप्राजोल    गैस के लिए 

3.  टेबलेट टेल्मीसार्टन      बीपी के लिए 

4. इंजेक्शन एआरवी वैक्सीन कुत्ता, बंदर काटने पर 

5. एआरवाई सिरम 

6. टेबलेट एप्टाइन     दौरा पड़ने पर 

7. टेबलेट सस्टालाइन   दौरा पड़ने पर 

8. टेबलेट फॉलिक एसिड आयरन, गर्भवती महिलाओं के लिए  

9. डाईजीन सिरप        गैस के लिए 


वर्जन 

जाट आंदोलन व इससे पहले कई दिन सरकारी छुट्टी होने के कारण दवाई खत्म हुई हैं। जाम खुल गए हैं और एक दो दिन में सभी दवाइयां उपलब्ध होने की संभावना है। मरीजों को परेशान नहीं होने दिया जा रहा है। 

-डा. योगेश शर्मा, पीएमओ, करनाल। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed