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Karnal News: आफत की बारिश... मंडियों में भीगा 30 हजार मीट्रिक टन धान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 02:51 AM IST
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Torrential downpour... 30,000 metric tonnes of paddy soaked at market yards
करनाल। शनिवार रात हुई बारिश किसानों और आढ़तियों पर आफत बनकर बरसी। जिले की अनाज मंडियों में करीब 30 हजार मीट्रिक टन धान भीग गया। सबसे ज्यादा नुकसान करनाल अनाज मंडी में हुआ। यहां खरीदे गए धान का उठान समय पर नहीं हुआ। इससे शेडों के बाहर कट्टों के अंबार लगे हैं। बारिश के बाद मंडियों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह कट्टों के आसपास पानी जमा हो गया। खुले में रखी धान की ढेरियां भी प्रभावित हुईं। घरौंडा और नीलोखेड़ी में हल्की बूंदाबांदी हुई। वहां धान भीगने की सूचना नहीं है।
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रविवार को मंडियों में खरीद बंद रखी गई। इस दौरान उठान कराने पर जोर दिया गया। हालांकि, बारिश से उठान का काम प्रभावित हुआ। गीले कट्टों को सुखाने के बाद ही उठान संभव होगा। करनाल मंडी में उठान धीमा होने से जगह नहीं बची। शेडों के बाहर रखे कट्टों को बचाना चुनौती बन गया। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से पानी जमा हुआ। इससे कट्टों में रखा धान भीग गया। अब धान सुरक्षित रखने की चिंता बढ़ गई है। किसानों और आढ़तियों को इसे सुखाने की भी चिंता है।
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निसिंग अनाज मंडी में भी करीब चार हजार मीट्रिक टन धान भीगा। मंडी सचिव यशपाल मेहता ने बताया कि जगह की कमी से धान खुले में रखना मजबूरी है। बारिश से ढेरियों में पानी जमा हो गया। इससे धान सुखाने की समस्या खड़ी हो गई।
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बारिश शुरू होते ही किसानों और मजदूरों ने तिरपाल ढके। तेज हवा से तिरपाल बार-बार उड़ते रहे। इससे धान को भीगने से नहीं बचाया जा सका। नीचे से पानी आने के कारण कट्टे और ढेरियां भी भीगीं।


तरावड़ी मंडी में 1800 बोरियां भीगीं
तरावड़ी। शनिवार रात तूफान के साथ तेज बारिश हुई। इससे मंडी में रखी करीब 1800 धान की बोरियां भीग गईं। मंडी में जगह-जगह पानी जमा हो गया। इससे किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई। किसानों ने उठान तेज करने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि समय पर उठान होने से नुकसान घट सकता था। फसल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने से भी राहत मिलती।



कहां कितना धान भीगा

मंडी
भीगा धान

करनाल
22 हजार मीट्रिक टन

निसिंग 4 हजार मीट्रिक टन

इंद्री
2200 मीट्रिक टन

तरावड़ी 1800 मीट्रिक टन

नोट: संबंधित मंडी प्रधान का आकलन।


तिरपाल की व्यवस्था करा दी गई थी। बारिश अचानक आई, इसलिए धान भीगने से नहीं बच सका। करनाल मंडी में करीब 22 हजार मीट्रिक टन धान के कट्टे भीगे। अब गीले कट्टों को सुखाना भी चुनौती बन रहा है। -सुरेंद्र त्यागी, प्रधान, करनाल अनाज मंडी एसोसिएशन
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