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तीन हजार विद्यार्थी और कमरे महज बीस
कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 01 Dec 2013 12:11 AM IST
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ए ग्रेड कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, टॉप मेरिट एडमिशन वाला कॉलेज, विद्यार्थी तीन हजार और क्लास रूम मात्र बीस। ये हाल है यूनिवर्सिटी कॉलेज कुरुक्षेत्र (यूसीके) का।
केयू के इस शिक्षण संस्थान में वर्तमान हालात यह हैं कि चालू सत्र से करीब तीन हजार विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। जबकि इन विद्यार्थियों के बैठने के लिए यहां महज 20 क्लास रूम ही उपलब्ध हैं।
यूसीके स्टाफ की माने यह हालात पिछले कई सालों से बने हुए हैं और दो वर्ष पहले नए क्लास रूम के निर्माण और इनकी संख्या बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था।
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ए ग्रेड का ढोल पीटने वाले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी कॉलेज में हालात के हालात बद से बदतर हैं। यूनिवर्सिटी कॉलेज में हर वर्ष उज्ज्वल भविष्य के लिए टॉप मेरिट लेकिर प्रवेश करने वाले लगभग तीन हजार छात्रों के भविष्य को विश्वविद्यालय प्रशासन दांव पर लगाने पर तुला हुआ है।
कॉलेज इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को प्रवेश तो दे देता है, लेकिन अभी तक इनके लिए व्यवस्था के नाम पर यूसीके में केवल 20 कमरे उपलब्ध हैं।
इन 20 कमरों में ही तीन हजार छात्रों की कक्षाऐं पूरे वर्ष लगाई जाती हैं और औसतन हर कमरे पर 150 छात्रों का बोेझ होता है। ऐसे में एक ओर जहां कक्षाएं चल रही होती है तो वहीं दूसरी ओर कतार में लगे छात्र कक्षा छूटने की प्रतीक्षा करते नजर आते हैं, जिससे उस कक्षा के बाद उन्हें कमरा मिल सके।
किसी भी विश्वविद्यालय को ए ग्रेड देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर हर प्रकार की सुविधाओं की समीक्षा की जाती है जिसके बाद ही विश्वविद्यालय को ग्रेड दिया जाता है। छात्रों के लिए यूसीके में सुविधाओं का यह टोटा पूरी व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगाता है।
इस बारे में यूसीके के प्रिंसिपल डॉ. केएस अंतिल ने कहा कि कमरों की संख्या को बढ़ाने के लिए दो वर्ष पहले कॉलेज द्वारा केयू प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया गया था। कॉलेज द्वारा अपने स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द छात्रों की समस्या के समाधान के लिए कोई व्यवस्था की जाए।
इस बारे में केयू के रजिस्ट्रार केसी रलहाण ने कहा कि बहुत जल्द ही यूसीके के लिए नई बिल्डिंग बनाने का काम आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे छात्रों के लिए पूरी तरह से गंभीर हैं और वे इस काम को जल्द पूरा करवाने का प्रयास करेंगे।
उधार के कमरों में चल रही हैं कक्षाएं
यूनिवर्सिटी कॉलेज की कक्षाओं को चलाने के लिए कॉलेज ने काम चलाऊ व्यवस्था अपनाई है। इसके लिए प्रशासन से उन्हें चार कमरे मिले हैं जिनमें मास्टर डिग्री की कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
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केयू के इस शिक्षण संस्थान में वर्तमान हालात यह हैं कि चालू सत्र से करीब तीन हजार विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। जबकि इन विद्यार्थियों के बैठने के लिए यहां महज 20 क्लास रूम ही उपलब्ध हैं।
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यूसीके स्टाफ की माने यह हालात पिछले कई सालों से बने हुए हैं और दो वर्ष पहले नए क्लास रूम के निर्माण और इनकी संख्या बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था।
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ए ग्रेड का ढोल पीटने वाले कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी कॉलेज में हालात के हालात बद से बदतर हैं। यूनिवर्सिटी कॉलेज में हर वर्ष उज्ज्वल भविष्य के लिए टॉप मेरिट लेकिर प्रवेश करने वाले लगभग तीन हजार छात्रों के भविष्य को विश्वविद्यालय प्रशासन दांव पर लगाने पर तुला हुआ है।
कॉलेज इतनी बड़ी संख्या में छात्रों को प्रवेश तो दे देता है, लेकिन अभी तक इनके लिए व्यवस्था के नाम पर यूसीके में केवल 20 कमरे उपलब्ध हैं।
इन 20 कमरों में ही तीन हजार छात्रों की कक्षाऐं पूरे वर्ष लगाई जाती हैं और औसतन हर कमरे पर 150 छात्रों का बोेझ होता है। ऐसे में एक ओर जहां कक्षाएं चल रही होती है तो वहीं दूसरी ओर कतार में लगे छात्र कक्षा छूटने की प्रतीक्षा करते नजर आते हैं, जिससे उस कक्षा के बाद उन्हें कमरा मिल सके।
किसी भी विश्वविद्यालय को ए ग्रेड देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर हर प्रकार की सुविधाओं की समीक्षा की जाती है जिसके बाद ही विश्वविद्यालय को ग्रेड दिया जाता है। छात्रों के लिए यूसीके में सुविधाओं का यह टोटा पूरी व्यवस्था पर प्रश्न चिह्न लगाता है।
इस बारे में यूसीके के प्रिंसिपल डॉ. केएस अंतिल ने कहा कि कमरों की संख्या को बढ़ाने के लिए दो वर्ष पहले कॉलेज द्वारा केयू प्रशासन को प्रस्ताव भेज दिया गया था। कॉलेज द्वारा अपने स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं कि जल्द से जल्द छात्रों की समस्या के समाधान के लिए कोई व्यवस्था की जाए।
इस बारे में केयू के रजिस्ट्रार केसी रलहाण ने कहा कि बहुत जल्द ही यूसीके के लिए नई बिल्डिंग बनाने का काम आरंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे छात्रों के लिए पूरी तरह से गंभीर हैं और वे इस काम को जल्द पूरा करवाने का प्रयास करेंगे।
उधार के कमरों में चल रही हैं कक्षाएं
यूनिवर्सिटी कॉलेज की कक्षाओं को चलाने के लिए कॉलेज ने काम चलाऊ व्यवस्था अपनाई है। इसके लिए प्रशासन से उन्हें चार कमरे मिले हैं जिनमें मास्टर डिग्री की कक्षाएं लगाई जा रही हैं।