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Karnal News: हर गली में होगी फॉगिंग, मिलेगी मच्छरों से निजात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 May 2023 02:24 AM IST
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There will be fogging in every street, will get rid of mosquitoes
फोटो 160
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निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने नई 15 मशीनों का किया निरीक्षण, फॉगिंग का शेड्यूल जारी करने का निर्देश

माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पिछले महीने से कई बार हल्की व मध्यम बारिश हो चुकी है, जिससे शहर में मच्छरों की भरमार है लेकिन नगर निगम व स्वास्थ्य महकमा एक दूसरे पर दोषारोपण कर जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन वीरवार को निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने सफाई शाखा पहुंचकर नई खरीदी गई 15 फॉगिंग मशीनों का निरीक्षण किया। उन्हें चलवा कर भी देखा, साथ ही मुख्य सफाई निरीक्षक को फॉगिंग कराने का शेड्यूल जारी करने के निर्देश दिए। ये भी कहा कि निगम क्षेत्र की कोई भी गली बिना फॉगिंग के छूटनी नहीं चाहिए।
मार्च महीने में जब नगर निगम हाउस की बैठक हुई तो उसमें फॉगिंग का मुद्दा उठा था। जिसमें सफाई शाखा के अधिकारियों ने कहा था कि उनके पास छह मशीनें हैं, जिसमें चार वर्किंग स्थिति में हैं, ये चारों मशीनें शहर में फॉगिंग कर रही है लेकिन ये बात उस समय झूठी निकली जब महापौर रेणू बाला गुप्ता के पास फॉगिंग नहीं कराने की शिकायतें पहुंची और उन्होंने सफाई शाखा से जानकारी की ली बताया गया कि फॉगिंग नहीं हो रही है, क्योंकि दवाई स्वास्थ्य विभाग देता है, उसका शेड्यूल भी वही जारी करता है। इस पर मेयर ने कड़ी नाराजगी भी जाहिर की थी लेकिन फिर भी निगम सक्रिय नहीं हुआ। स्वास्थ्य विभाग से जानकारी की गई तो अधिकारियों ने बताया कि वह तो वहीं फॉगिंग कराते हैं, जहां कोई डेगूं पॉजिटिव मिलता है, उसके घर के 100 मीटर की परिधि में ही फॉगिंग कराई जाती है। दरअसल, नगर निगम ने अपनी नैतिक जिम्मेदारी भूलकर अपना फॉगिंग कराने का शेड्यूल सिर्फ स्वास्थ्य विभाग के शेड्यूल तक सीमित कर लिया। पूरे शहर में फॉगिंग बंद कर दी। इस मुद्दे को अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में शिद्दत के साथ उठाया। जिसका संज्ञान निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने लिया।
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मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा ने बताया कि नगर निगम में पहले से छह फॉगिंग मशीनें उपलब्ध थी और अब 15 नई मशीनें खरीदे जाने के बाद इनकी कुल संख्या 21 हो गई है। निगमायुक्त ने मौके पर ही मुख्य सफाई निरीक्षक को निर्देश दिए कि पूरे शहर में फॉगिंग का शेड्यूल तैयार करें। निगम क्षेत्र की कोई गली नहीं छूटनी चाहिए। दवाई उपलब्ध करवाने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भी लिखा जाए, ताकि फॉगिंग जल्द शुरू करवाई जा सके।
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फॉगिंग के लिए टीमों का होगा गठन
निगमायुक्त ने बताया कि मुख्य सफाई निरीक्षक को निर्देशित किया गया कि फॉगिंग के लिए टीमों का गठन करें। फॉगिंग को एक अभियान के रूप में चलाया जाए, ताकि शहरवासियों को मच्छरों से बचाया जा सके। मशीनों की मार्किंग कर इनकी स्टॉक रजिस्टर में भी एंट्री करने के भी निर्देश दिए।वार्ड का रूट प्लान तैयार करते समय संबंधित पार्षद का सहयोग भी ले सकते हैं। टीमों की ट्रेनिंग करवाने व उनके लिए सेफ्टी ग्लब्स, मास्क उपलब्ध कराने को भी कहा।
मशीनों का रखरखाव न के बराबर है
उप निगमायुक्त अरुण भार्गव ने बताया कि पल्स फोग कंपनी की नई मशीनें अच्छी कार्यकुशलता की हैं तथा इनकी टेस्टिंग भी करवाई जा चुकी है। इनका रखरखाव न के बराबर है और यह एक साल की वारंटी पीरियड में भी हैं।

10 लीटर प्रति घंटा होती है डीजल की खपत
निगमायुक्त ने बताया कि जो जानकारी उपलब्ध कराई है, उसके आधार पर फॉगिंग के लिए एक लीटर डीजल में 52 एमएल दवाई मिलाई जाती है और एक घंटे में करीब 10 लीटर डीजल खर्च होता है।
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