{"_id":"654d48a5737e43486804b6b6","slug":"tension-between-farmers-and-sellers-on-the-issue-of-adulteration-in-fertilizers-karnal-news-c-18-knl1008-260844-2023-11-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: खाद में मिलावट के मुद्दे पर किसान-विक्रेताओं में तनातनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: खाद में मिलावट के मुद्दे पर किसान-विक्रेताओं में तनातनी
विज्ञापन
- सैंपल जांच में खाद नकली नहीं पाई गई, लेकिन किसानों ने जांच रिपोर्ट को मानने से किया इनकार
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। डीएपी खाद में मिलावट के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को फिर किसान और खाद विक्रेता आमने-सामने आ गए। खाद के नमूने की जांच में खाद नकली नहीं पाए जाने के बाद खाद विक्रेता किसानों के धरने को गलत बताते हुए एसडीएम से मिले तो किसान जांच रिपोर्ट को गलत बताकर धरना जारी रखे हुए हैं। दोनों ही पक्षों में तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है।
वीरवार को जैसे ही संबंधित विभागीय अधिकारी खाद विक्रेता की दुकान के सामने धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे और लैब की रिपोर्ट में सैंपल पास होने यानी खाद असली होने की बात कही तो किसानों ने रिपोर्ट लेने से ही इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अब किसानों की फसलों में हुए नुकसान को देखकर ही स्वयं अपने तौर पर फैसला करेंगे। जिसको लेकर किसान और खाद्य विक्रेता आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। धरने पर बैठे किसान और किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट पास करवाने में धांधली हुई है। किसानों ने कहा कि वे अपने खेतों की फसल को रिपोर्ट मानेंगे। कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट के अनुसार खाद की गुणवत्ता सही है।
मौके पर तनाव की स्थिति को देखते हुए डीएसपी संदीप मलिक समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और डीएसपी ने किसान नेताओं को समझाते हुए कहा कि अगर विभागीय जांच पर भरोसा नहीं है तो वह कोर्ट के माध्यम से इसे चैलेंज कर सकते हैं। कोर्ट जो निर्णय देगा वह सभी को मान्य होना चाहिए। डीएसपी संदीप मलिक ने कहा कि प्रशासन आपके बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह धरने प्रदर्शन खाद विक्रेता से 10 फुट और पीछे ले जाएं ताकि वह खाद विक्रेता अपनी दुकान खोल सके। जिस पर किसान सहमत हो गए, लेकिन लैब रिपोर्ट को संदेश के घेरे में लाते हुए धरना प्रदर्शन जारी रखा।
विज्ञापन
एसडीएम से मिले खाद विक्रेता
लैब की रिपोर्ट आने के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति होते देख घरौंडा के अधिकांश खाद्य विक्रेता अपनी दुकान बंद कर अन्य लोगों के साथ शहर में नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम कार्यालय पर जाकर पुलिस प्रशासन व किसान नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की। मौके पर एसडीएम अदिति ने खाद्य विक्रेताओं को समझाया कि किसी के साथ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। डीएपी खाद में मिलावट के मुद्दे को लेकर शुक्रवार को फिर किसान और खाद विक्रेता आमने-सामने आ गए। खाद के नमूने की जांच में खाद नकली नहीं पाए जाने के बाद खाद विक्रेता किसानों के धरने को गलत बताते हुए एसडीएम से मिले तो किसान जांच रिपोर्ट को गलत बताकर धरना जारी रखे हुए हैं। दोनों ही पक्षों में तनाव जैसी स्थिति बनी हुई है।
वीरवार को जैसे ही संबंधित विभागीय अधिकारी खाद विक्रेता की दुकान के सामने धरने पर बैठे किसानों के बीच पहुंचे और लैब की रिपोर्ट में सैंपल पास होने यानी खाद असली होने की बात कही तो किसानों ने रिपोर्ट लेने से ही इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अब किसानों की फसलों में हुए नुकसान को देखकर ही स्वयं अपने तौर पर फैसला करेंगे। जिसको लेकर किसान और खाद्य विक्रेता आमने-सामने हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। धरने पर बैठे किसान और किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि जांच रिपोर्ट पास करवाने में धांधली हुई है। किसानों ने कहा कि वे अपने खेतों की फसल को रिपोर्ट मानेंगे। कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट के अनुसार खाद की गुणवत्ता सही है।
विज्ञापन
मौके पर तनाव की स्थिति को देखते हुए डीएसपी संदीप मलिक समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और डीएसपी ने किसान नेताओं को समझाते हुए कहा कि अगर विभागीय जांच पर भरोसा नहीं है तो वह कोर्ट के माध्यम से इसे चैलेंज कर सकते हैं। कोर्ट जो निर्णय देगा वह सभी को मान्य होना चाहिए। डीएसपी संदीप मलिक ने कहा कि प्रशासन आपके बीच शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह धरने प्रदर्शन खाद विक्रेता से 10 फुट और पीछे ले जाएं ताकि वह खाद विक्रेता अपनी दुकान खोल सके। जिस पर किसान सहमत हो गए, लेकिन लैब रिपोर्ट को संदेश के घेरे में लाते हुए धरना प्रदर्शन जारी रखा।
विज्ञापन
एसडीएम से मिले खाद विक्रेता
लैब की रिपोर्ट आने के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति होते देख घरौंडा के अधिकांश खाद्य विक्रेता अपनी दुकान बंद कर अन्य लोगों के साथ शहर में नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसडीएम कार्यालय पर जाकर पुलिस प्रशासन व किसान नेताओं के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान नेताओं को गिरफ्तार करने की मांग की। मौके पर एसडीएम अदिति ने खाद्य विक्रेताओं को समझाया कि किसी के साथ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा।