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अधीक्षण अभियंता निलंबित, पीए बर्खास्त
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करनाल। रुपये के लेनदेन का वीडियो वायरल होने के मामले में संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार ने अधीक्षण अभियंता दीपक किगर को निलंबित कर दिया है। वहीं उनके पीए विकास को बर्खास्त कर दिया है। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने प्रदेश सरकार को इस मामले की रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने बुधवार देर शाम ये कार्रवाई की है।
बता दें कि नगर निगम करनाल के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर का ऑफिस डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम स्थित करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यालय में स्थित है। वे वहीं से नगर निगम संबंधी कार्य करते हैं। उनके पीए विकास भी वहीं बैठते हैं। 17 दिसंबर को दीपक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उन्हें एक व्यक्ति ब्लैकमेल कर रहा है। उसके पास वीडियो भी है, जिसमें अधीक्षण अभियंता व उनका पीए रुपये लेता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें उनके ही कार्यालय का एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था। उसने रुपये लेते हुए वीडियो इसलिए बना ली थी, क्योंकि उसे हिस्सा नहीं मिल रहा था। पुलिस ने तो कार्रवाई कर दी थी, लेकिन नगर निगम की ओर से अधीक्षण अभियंता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। वहीं दीपक किगर ने भी अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया और इस मामले में निगम के बड़े अफसरों ने भी कोई जवाब नहीं दिया। निगम में अफसरशाही हावी होने के कारण महापौर ने भी इस मामले में कुछ भी कहना उचित नहीं समझा। वहीं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो की जांच शुरू करा दी और हरियाणा सरकार को भी इस मामले की रिपोर्ट भेज दी। उपायुक्त ने बताया कि वीडियो वायरल करने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है वहीं, सरकार के आदेश पर अधीक्षण अभियंता दीपक किगर को निलंबित कर दिया है और उनके पीए विकास को बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। इधर, एडीसी योगेश कुमार ने भी स्वयं संज्ञान लेकर वीडियो की जांच शुरू करने की बात कही है।
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बता दें कि नगर निगम करनाल के अधीक्षण अभियंता दीपक किगर का ऑफिस डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम स्थित करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के कार्यालय में स्थित है। वे वहीं से नगर निगम संबंधी कार्य करते हैं। उनके पीए विकास भी वहीं बैठते हैं। 17 दिसंबर को दीपक ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उन्हें एक व्यक्ति ब्लैकमेल कर रहा है। उसके पास वीडियो भी है, जिसमें अधीक्षण अभियंता व उनका पीए रुपये लेता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें उनके ही कार्यालय का एक कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल था। उसने रुपये लेते हुए वीडियो इसलिए बना ली थी, क्योंकि उसे हिस्सा नहीं मिल रहा था। पुलिस ने तो कार्रवाई कर दी थी, लेकिन नगर निगम की ओर से अधीक्षण अभियंता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। वहीं दीपक किगर ने भी अपना फोन स्विच ऑफ कर लिया और इस मामले में निगम के बड़े अफसरों ने भी कोई जवाब नहीं दिया। निगम में अफसरशाही हावी होने के कारण महापौर ने भी इस मामले में कुछ भी कहना उचित नहीं समझा। वहीं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो की जांच शुरू करा दी और हरियाणा सरकार को भी इस मामले की रिपोर्ट भेज दी। उपायुक्त ने बताया कि वीडियो वायरल करने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है वहीं, सरकार के आदेश पर अधीक्षण अभियंता दीपक किगर को निलंबित कर दिया है और उनके पीए विकास को बर्खास्त कर दिया गया है। इस मामले की जांच कराई जा रही है। इधर, एडीसी योगेश कुमार ने भी स्वयं संज्ञान लेकर वीडियो की जांच शुरू करने की बात कही है।
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