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शुगर मिल की राख से दर्जनों गांव के लोग परेशान
करनाल
Updated Sat, 08 Feb 2014 11:38 PM IST
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करनाल। भादसों क्षेत्र में लगी शुगर मिल से निकलने वाली राख ने दर्जन भर गांवों के लोग परेशान हैं। इसके लिए भाकियू ने कड़ा रुख अपना लिया है।
इस संबंध में इंद्री में भारतीय किसान यूनियन की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों की समस्याओं और शुगर मिल की राख से लोगों को होने वाली परेशानी पर रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता भाकियू के कोषाध्यक्ष ईश्वर सिंह चहल की अध्यक्षता में हुई। मुख्य अतिथि के तौर पर भाकियू के प्रदेशअध्यक्ष सेवा सिंह आर्य शामिल हुए।
भादसों क्षेत्र के लोगों ने भारतीय किसान यूनियन के समक्ष समस्या रखते हुए कहा कि शुगर मिल की राख के कारण लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। मनुष्य ही नहीं पशु भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके प्रदूषण के कारण सब्जियों और पशु चारा खराब हो जाता है।
राख के कारण लोग घर के बाहर कपडे़ भी नहीं सूखा सकते। क्षेत्र के गांव बुटानखेड़ी, पंजोखरा, बडशालू, कादरगढ, भादसों, बुढनपुर, गढी साधान, कमालपुर, बाकीपुर, श्रवणमाजरा, झिंवरेहड़ी सहित कई गांवों के लोग परेशान हैं। इन परेशानियों पर भाकियू ने कहा कि प्रशासन और सरकार ने जल्द ही इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने कहा कि दिल्ली में इसी माह किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस पंचायत में हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान के किसान भाग लेंगे।
पंचायत में किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को लागत के हिसाब से फसल का लाभकारी मूल्य नहीं मिलता। फसल बीमा योजना किसान हित में नहीं है इसे किसान पर थोपा न जाए। किसानों को कर्जमुक्त किया जाए और ब्याज रहित कर्ज उपलब्ध कराए जाए।
मौके पर जिलाध्यक्ष पृथ्वी सिंह, सूबे सिंह, रिषीपाल, पालाराम, दर्शनलाल सहित काफी संख्या में भाकियू के पदाधिकारी मौजूद थे।
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इस संबंध में इंद्री में भारतीय किसान यूनियन की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में किसानों की समस्याओं और शुगर मिल की राख से लोगों को होने वाली परेशानी पर रणनीति तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता भाकियू के कोषाध्यक्ष ईश्वर सिंह चहल की अध्यक्षता में हुई। मुख्य अतिथि के तौर पर भाकियू के प्रदेशअध्यक्ष सेवा सिंह आर्य शामिल हुए।
भादसों क्षेत्र के लोगों ने भारतीय किसान यूनियन के समक्ष समस्या रखते हुए कहा कि शुगर मिल की राख के कारण लोग गंभीर बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। मनुष्य ही नहीं पशु भी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके प्रदूषण के कारण सब्जियों और पशु चारा खराब हो जाता है।
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राख के कारण लोग घर के बाहर कपडे़ भी नहीं सूखा सकते। क्षेत्र के गांव बुटानखेड़ी, पंजोखरा, बडशालू, कादरगढ, भादसों, बुढनपुर, गढी साधान, कमालपुर, बाकीपुर, श्रवणमाजरा, झिंवरेहड़ी सहित कई गांवों के लोग परेशान हैं। इन परेशानियों पर भाकियू ने कहा कि प्रशासन और सरकार ने जल्द ही इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष सेवा सिंह आर्य ने कहा कि दिल्ली में इसी माह किसान पंचायत का आयोजन किया जाएगा। इस पंचायत में हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान के किसान भाग लेंगे।
पंचायत में किसानों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को लागत के हिसाब से फसल का लाभकारी मूल्य नहीं मिलता। फसल बीमा योजना किसान हित में नहीं है इसे किसान पर थोपा न जाए। किसानों को कर्जमुक्त किया जाए और ब्याज रहित कर्ज उपलब्ध कराए जाए।
मौके पर जिलाध्यक्ष पृथ्वी सिंह, सूबे सिंह, रिषीपाल, पालाराम, दर्शनलाल सहित काफी संख्या में भाकियू के पदाधिकारी मौजूद थे।