{"_id":"61897739e7193959e70e90b9","slug":"sugar-mill-administration-did-not-allow-45-years-of-tradition-to-break-karnal-news-knl88976074","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी मिल प्रशासन ने नहीं टूटने दी 45 साल की परंपरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीनी मिल प्रशासन ने नहीं टूटने दी 45 साल की परंपरा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करनाल। भले ही मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को करनाल की सहकारी चीनी मिल के 46वें पेराई सत्र का शुभारंभ कर दिया हो। लेकिन पिछले 45 सालों से एक मान्यता के अनुसार मंगलवार को ही मिल का पेराई सत्र शुरू होता रहा है। ऐसा पहली बार हुआ कि सोमवार तो पेराई सत्र का उद्घाटन हुआ लेकिन इस परंपरा को बनाए रखने के मिल प्रशासन ने भगवान बजरंगबली का दिन माने जाने वाले मंगलवार को ही पेराई शुरू करने का निर्णय लिया है।
करनाल में सहकारी चीनी मिल की स्थापना 1976 में हुई। इसके पेराई की शुरुआत मंगलवार को हुई थी। तब से ही चीनी मिल लगातार आगे बढ़ रही है। पेराई के रिकॉर्ड बना रही है। इसके बाद से अब तक यानी पिछले 45 सालों से चीनी मिल के पेराई सत्र की शुरुआत मंगलवार को ही होती आई है। यह बात सभी किसान व चीनी मिल से जुड़े जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी बखूबी जानते हैं।
प्रगतिशील किसान व कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह ने बताया कि उन्होंने जब से होश संभाला, जब से चीनी मिल को गन्ना देना शुरू किया, तब से हर साल उन्होंने मंगलवार से ही पेराई सत्र की शुरुआत होते देखा है। यह बात हर किसान जानता है। आज जब मुख्यमंत्री ने 46वें पेराई का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया तो परंपरा टूटने पर मिल की प्रबंध निदेशक से कई किसानों ने पूछा भी है।
विज्ञापन
यह बात सही है कि जब से चीनी मिल स्थापित हुई है, तब से मिल के पेराई सत्र की शुरुआत मंगलवार को ही होती रही है। इस बार भी यह परंपरा टूटेगी नहीं। क्योंकि मुख्यमंत्री ने सोमवार को पेराई सत्र का उद्घाटन किया है, लेकिन जो प्रोसेज है, उसमें करीब 12 से 15 घंटे का समय लगता है। मुख्यमंत्री 12.45 बजे पहुंचे। 2.30 बजे हवन में आहुति दी। इसके बाद केन चेन में गन्ना डाला गया। लेकिन जब पेराई शुरू करने की प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक मंगलवार आ जाएगा। कुल मिलाकर मंगलवार को ही पेराई शुरू होगी।
- अदिति, प्रबंध निदेशक सहकारी चीनी मिल करनाल।
विज्ञापन
करनाल में सहकारी चीनी मिल की स्थापना 1976 में हुई। इसके पेराई की शुरुआत मंगलवार को हुई थी। तब से ही चीनी मिल लगातार आगे बढ़ रही है। पेराई के रिकॉर्ड बना रही है। इसके बाद से अब तक यानी पिछले 45 सालों से चीनी मिल के पेराई सत्र की शुरुआत मंगलवार को ही होती आई है। यह बात सभी किसान व चीनी मिल से जुड़े जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी बखूबी जानते हैं।
विज्ञापन
प्रगतिशील किसान व कुंजपुरा मार्केट कमेटी के पूर्व चेयरमैन ईलम सिंह ने बताया कि उन्होंने जब से होश संभाला, जब से चीनी मिल को गन्ना देना शुरू किया, तब से हर साल उन्होंने मंगलवार से ही पेराई सत्र की शुरुआत होते देखा है। यह बात हर किसान जानता है। आज जब मुख्यमंत्री ने 46वें पेराई का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने सोमवार को किया तो परंपरा टूटने पर मिल की प्रबंध निदेशक से कई किसानों ने पूछा भी है।
विज्ञापन
यह बात सही है कि जब से चीनी मिल स्थापित हुई है, तब से मिल के पेराई सत्र की शुरुआत मंगलवार को ही होती रही है। इस बार भी यह परंपरा टूटेगी नहीं। क्योंकि मुख्यमंत्री ने सोमवार को पेराई सत्र का उद्घाटन किया है, लेकिन जो प्रोसेज है, उसमें करीब 12 से 15 घंटे का समय लगता है। मुख्यमंत्री 12.45 बजे पहुंचे। 2.30 बजे हवन में आहुति दी। इसके बाद केन चेन में गन्ना डाला गया। लेकिन जब पेराई शुरू करने की प्रक्रिया पूरी होगी, तब तक मंगलवार आ जाएगा। कुल मिलाकर मंगलवार को ही पेराई शुरू होगी।
- अदिति, प्रबंध निदेशक सहकारी चीनी मिल करनाल।