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10 दुकानें, 52 भवन को किया ध्वस्त, लोग हुए बेघर
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71: बरसत रोड पर कस्टोडियन की जमीन पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के लिए चलाया गया अभियान।
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आठ घंटे की कार्रवाई में 10 दुकानें और 52 मकान ध्वस्त
झोपड़ियों और आशियानों पर दूसरे दिन भी चला पीला पंजा, अधिकारियों से मिन्नतें करते रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। कस्टोडियन विभाग ने सोमवार को दूसरे दिन भी सुबह दस बजे भारी पुलिस बल के साथ अनाधिकृत कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जिससे एक बार फिर लोगों में अफरातफरी मच गई। चार जेसीबी ने करीब आठ घंटे में 52 मकान और दस दुकानों को ध्वस्त कर दिया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लगभग 22 मरले जमीन पर कब्जा ले लिया है।
वहीं मेहनत की कमाई से बनाए गए अपने आशियाने टूटते देख लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। कुछ झोपड़ी के मालिक जेसीबी के सामने हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। कुछ मकान मालिकों को दस दिन का समय दिया है। उसके बाद प्रशासन कार्रवाई अमल में लाएगा।
कस्टोडियन विभाग ने रविवार को ही जमीन खाली करवाने के लिए जेसीबी से तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। मीट मार्केट के सामने चार कच्चे निर्माणों को ध्वस्त कर बैरंग लौट गए थे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार पुलिस बल के साथ डिंगर माजरा रोड पर पहुंच गए तो लोगों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। लोगों के अनुरोध पर जेसीबी को कुछ देर के लिए रोका गया। जिनके मकान पूरी तरह कस्टोडियन में आए हैं उन्होंने अपने घर का सामान ट्रैक्टर ट्रालियों में लाद लिया। लोगों का कहना है कि उनके आशियाने उजड़ चुके हैं, अब उनके पास कोई ठिकाना नहीं है।
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पक्के मकान मालिकों को दिया 10 दिन का समय
कस्टोडियन विभाग ने एक हॉस्पिटल व कुछ पक्के मकान मालिकों को 10 दिन का समय दिया है। अधिकारियों के मुताबिक जिन लोगों के पक्के मकान हैं वे दस दिन के भीतर कागजात पेश करें। यदि कागजात नहीं हैं तो मकान खाली करें। कस्टोडियन विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि कब्जा खाली कराने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। दो दिन की कार्रवाई में लगभग दस दुकानें व झोपड़ियों सहित 52 मकान ध्वस्त किए गए हैं। एक हॉस्पिटल सहित कुछ पक्के मकानों को 10 दिन का समय दिया है।
बेटियों की शादी के लिए एकत्र सामान भी खराब
एक परिवार ने बताया कि इस कार्रवाई में दो बेटियों की शादी के लिए इकट्ठा किया गया सामान खराब हो गया है। वे गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। परिजन बोले कि अब शादियां कैसे होंगी। उनका घर बर्बाद हो गया है। कब्जा हटाने की कार्रवाई में कई परिवार बेघर हो गए हैं। झोपड़ियों वाले परिवारों ने दिन में अपना सामान पटवारखाने में रख लिया था, लेकिन रात होते ही उन्हें बसेरे की चिंता सताने लगी है। एक परिवार में एक दिन का जच्चा-बच्चा भी है, जो रात आठ बजे तक आसमान के नीचे ही रहा। झोपड़ी में रहने वाले परिवारों का कहना है कि सुबह से ही वे अपने सामान को समेटने में लगे रहे। हमारे बच्चे सुबह से भूखे हैं। सोमवार रात को बेघर परिवारों के लिए अभिभावक एकता मंच ने भंडारा लगाया।
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झोपड़ियों और आशियानों पर दूसरे दिन भी चला पीला पंजा, अधिकारियों से मिन्नतें करते रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। कस्टोडियन विभाग ने सोमवार को दूसरे दिन भी सुबह दस बजे भारी पुलिस बल के साथ अनाधिकृत कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। जिससे एक बार फिर लोगों में अफरातफरी मच गई। चार जेसीबी ने करीब आठ घंटे में 52 मकान और दस दुकानों को ध्वस्त कर दिया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि लगभग 22 मरले जमीन पर कब्जा ले लिया है।
वहीं मेहनत की कमाई से बनाए गए अपने आशियाने टूटते देख लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए जमकर नारेबाजी की। कुछ झोपड़ी के मालिक जेसीबी के सामने हाथ जोड़कर मिन्नतें करते रहे लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी। कुछ मकान मालिकों को दस दिन का समय दिया है। उसके बाद प्रशासन कार्रवाई अमल में लाएगा।
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कस्टोडियन विभाग ने रविवार को ही जमीन खाली करवाने के लिए जेसीबी से तोड़फोड़ शुरू कर दी थी। मीट मार्केट के सामने चार कच्चे निर्माणों को ध्वस्त कर बैरंग लौट गए थे। सोमवार सुबह करीब 10 बजे विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार पुलिस बल के साथ डिंगर माजरा रोड पर पहुंच गए तो लोगों ने सामान समेटना शुरू कर दिया। लोगों के अनुरोध पर जेसीबी को कुछ देर के लिए रोका गया। जिनके मकान पूरी तरह कस्टोडियन में आए हैं उन्होंने अपने घर का सामान ट्रैक्टर ट्रालियों में लाद लिया। लोगों का कहना है कि उनके आशियाने उजड़ चुके हैं, अब उनके पास कोई ठिकाना नहीं है।
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पक्के मकान मालिकों को दिया 10 दिन का समय
कस्टोडियन विभाग ने एक हॉस्पिटल व कुछ पक्के मकान मालिकों को 10 दिन का समय दिया है। अधिकारियों के मुताबिक जिन लोगों के पक्के मकान हैं वे दस दिन के भीतर कागजात पेश करें। यदि कागजात नहीं हैं तो मकान खाली करें। कस्टोडियन विभाग के तहसीलदार रमेश कुमार ने बताया कि कब्जा खाली कराने की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। दो दिन की कार्रवाई में लगभग दस दुकानें व झोपड़ियों सहित 52 मकान ध्वस्त किए गए हैं। एक हॉस्पिटल सहित कुछ पक्के मकानों को 10 दिन का समय दिया है।
बेटियों की शादी के लिए एकत्र सामान भी खराब
एक परिवार ने बताया कि इस कार्रवाई में दो बेटियों की शादी के लिए इकट्ठा किया गया सामान खराब हो गया है। वे गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। परिजन बोले कि अब शादियां कैसे होंगी। उनका घर बर्बाद हो गया है। कब्जा हटाने की कार्रवाई में कई परिवार बेघर हो गए हैं। झोपड़ियों वाले परिवारों ने दिन में अपना सामान पटवारखाने में रख लिया था, लेकिन रात होते ही उन्हें बसेरे की चिंता सताने लगी है। एक परिवार में एक दिन का जच्चा-बच्चा भी है, जो रात आठ बजे तक आसमान के नीचे ही रहा। झोपड़ी में रहने वाले परिवारों का कहना है कि सुबह से ही वे अपने सामान को समेटने में लगे रहे। हमारे बच्चे सुबह से भूखे हैं। सोमवार रात को बेघर परिवारों के लिए अभिभावक एकता मंच ने भंडारा लगाया।