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काशी-गुजरात से आए खास बंदनवार, सजेंगे घर-द्वार
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। दीपावली को लेकर बाजारों में साज-सज्जा के सामान की भरमार है। इस बार काशी (बनारस) व गुजरात के बंदनवार से घर व मंदिरों के द्वार सजेंगे। वहीं गुजराती लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियों की भी मांग बढ़ गई है। मूर्तियों को सजाने के लिए वस्त्र, मुकुट, हार की अलग-अलग वैरायटी दुकानों के बाहर सजी हैं। राजस्थानी वस्त्र भी ग्राहकों को ज्यादा भार रहे हैं। बाजार में हस्तनिर्मित स्वदेशी कैंडल चीन की कैंडल को टक्कर दे रही है। आकर्षक रूप से सजाई गई कैंडल भी बाजार में आए लोगों का ध्यान खींच रही है। खरीदारों की भीड़ देखकर दुकानदारों के चेहरे भी खिले हैं। दीपावली पर उन्हें अच्छे व्यवसाय की उम्मीद है। हालांकि कोरोना के बाद साज-सज्जा व मूर्तियों के रेट 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
दीपावली पर इनकी ज्यादा मांग
दीपावली को लेकर घर, मंदिर व मूर्तियों को सजाने के लिए बंदनवार, मालाएं, लक्ष्मी-गणेश के चरण, स्वास्तिक, ओम, हैंडमेड कैंडल, लटकण, गुलाबदान, लैंप, पीतल की थाली, मूर्तियों को सजाने के लिए वस्त्र आदि की मांग बढ़ी है।
चाइनीज सामान का बहिष्कार
दुकानदारों ने बताया कि खरीदारी करने आ रहे लोग चीन के सामान का बहिष्कार कर रहे हैं। वह स्वदेशी सामान को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि स्वदेशी सामान थोड़ा महंगा होने पर संकोच भी कर रहे हैं।
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धीरे-धीरे लोग बाजार में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। कोरोना के बाद अब दुकान पर इतनी ग्राहकी देखने को मिल रही है। उम्मीद है कि अबकी बार अच्छा व्यवसाय होगा।
- सुनील कुमार, दीपचंद एंड मुकेश कुमार
बाजार में लोगों की भीड़ देखकर हौसला जरूर बढ़ा है। बिक्री भी बढ़ रही है। आगामी दो दिन में अधिक व्यवसाय की आस है, क्योंकि दीपावली में अभी समय है।
पूजा, पूजा पैलेस
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करनाल। दीपावली को लेकर बाजारों में साज-सज्जा के सामान की भरमार है। इस बार काशी (बनारस) व गुजरात के बंदनवार से घर व मंदिरों के द्वार सजेंगे। वहीं गुजराती लक्ष्मी-गणेश जी की मूर्तियों की भी मांग बढ़ गई है। मूर्तियों को सजाने के लिए वस्त्र, मुकुट, हार की अलग-अलग वैरायटी दुकानों के बाहर सजी हैं। राजस्थानी वस्त्र भी ग्राहकों को ज्यादा भार रहे हैं। बाजार में हस्तनिर्मित स्वदेशी कैंडल चीन की कैंडल को टक्कर दे रही है। आकर्षक रूप से सजाई गई कैंडल भी बाजार में आए लोगों का ध्यान खींच रही है। खरीदारों की भीड़ देखकर दुकानदारों के चेहरे भी खिले हैं। दीपावली पर उन्हें अच्छे व्यवसाय की उम्मीद है। हालांकि कोरोना के बाद साज-सज्जा व मूर्तियों के रेट 20 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।
दीपावली पर इनकी ज्यादा मांग
दीपावली को लेकर घर, मंदिर व मूर्तियों को सजाने के लिए बंदनवार, मालाएं, लक्ष्मी-गणेश के चरण, स्वास्तिक, ओम, हैंडमेड कैंडल, लटकण, गुलाबदान, लैंप, पीतल की थाली, मूर्तियों को सजाने के लिए वस्त्र आदि की मांग बढ़ी है।
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चाइनीज सामान का बहिष्कार
दुकानदारों ने बताया कि खरीदारी करने आ रहे लोग चीन के सामान का बहिष्कार कर रहे हैं। वह स्वदेशी सामान को प्राथमिकता दे रहे हैं। हालांकि स्वदेशी सामान थोड़ा महंगा होने पर संकोच भी कर रहे हैं।
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धीरे-धीरे लोग बाजार में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। कोरोना के बाद अब दुकान पर इतनी ग्राहकी देखने को मिल रही है। उम्मीद है कि अबकी बार अच्छा व्यवसाय होगा।
- सुनील कुमार, दीपचंद एंड मुकेश कुमार
बाजार में लोगों की भीड़ देखकर हौसला जरूर बढ़ा है। बिक्री भी बढ़ रही है। आगामी दो दिन में अधिक व्यवसाय की आस है, क्योंकि दीपावली में अभी समय है।
पूजा, पूजा पैलेस

53: जैसे जैसे दिवाली के दिन पास आते जा रहे है बाजारों में खरिदार भी अपने अपने घरों को सजाने के लिये ख?