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आज से खुलेंगे स्कूल, 48 प्रतिशत अभिभावकों ने जताई सहमति
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। लगभग 17 माह बाद चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों के लिए आज से स्कूल खुलेंगे। स्कूलों की ओर से अभिभावकों से सहमति पत्र मंगवाए जा रहे हैं, जिसमें 48 फीसदी अभिभावकों ने सहमति जताई है। सभी स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं को लेकर पूरी तैयारी की गई है। कक्षाएं कोविड एसओपी के अनुसार ही लगेंगी। विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील नहीं बनेगा। बच्चों को सूखा राशन दिया जाएगा। बच्चों को पीने का पानी भी घर से ही बोतल में लाना पड़ेगा। जिले के 778 सरकारी, 120 सीबीएसई और 250 निजी स्कूलों में इन दोनों कक्षाओं के करीब 40 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले सरकार की ओर से 16 जुलाई से नौवीं से 12वीं व 23 जुलाई से छठी से आठवीं की कक्षाएं शुरू की गई थी। ब्यूरो
3 दिन ऑफलाइन, 3 दिन ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं
जिन निजी स्कूलों में अभिभावक बच्चों को ऑफलाइन कक्षाओं के लिए स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं वहां सप्ताह में तीन दिन ऑनलाइन व तीन दिन ऑफलाइन कक्षाएं लगेंगी। वहीं जिन स्कूलों में 30 से अधिक विद्यार्थी हैं, वहां एक दिन में केवल 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही बुलाया जाएगा। यहां सम-विषम फार्मूले पर कक्षाएं लगाई जाएंगी।
ये रहेंगे नियम
- कक्षा में बैठने की क्षमता अनुसार ही चौथी-पांचवीं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाए।
- स्कूल में बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा, पानी की बोतल भी साथ लाएंगे।
- प्रवेश द्वार पर ही बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, ऑक्सीमीटर से प्लस रेट भी मापी जाएगी।
- तीस से अधिक बच्चों वाली कक्षा में 50 प्रतिशत बच्चों को ही एक दिन स्कूल में बुलाया जाए।
- कक्षा में प्रवेश व निकास द्वार अलग-अलग होंगे, एक डेस्क पर एक ही बच्चा बैठेगा।
बच्चों को स्कूल भेजने का कोई दबाव नहीं होगा। स्कूल सरकारी निर्देशों का पालन करेंगे। अन्यथा किसी भी तरह की लापरवाही दिखने पर कार्रवाई होगी।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
कक्षा चौथी और पांचवीं के बच्चों के जो अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजना चाहें, भेज सकते हैं। स्कूल बसें चल रही हैं, अभिभावक बच्चे की बस के चालक से संपर्क कर व्यवस्था कर लें।
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- डा. राजन लांबा, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल कांप्लेक्स
छोटे बच्चों को स्कूल लाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी स्कूलों को नियमों का पालन करना होगा। ऑनलाइन कक्षाएं भी सुचारु रूप से चलती रहेंगी।
-सुशील कुमार, उपाध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन
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करनाल। लगभग 17 माह बाद चौथी और पांचवीं के विद्यार्थियों के लिए आज से स्कूल खुलेंगे। स्कूलों की ओर से अभिभावकों से सहमति पत्र मंगवाए जा रहे हैं, जिसमें 48 फीसदी अभिभावकों ने सहमति जताई है। सभी स्कूलों में ऑफलाइन कक्षाओं को लेकर पूरी तैयारी की गई है। कक्षाएं कोविड एसओपी के अनुसार ही लगेंगी। विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील नहीं बनेगा। बच्चों को सूखा राशन दिया जाएगा। बच्चों को पीने का पानी भी घर से ही बोतल में लाना पड़ेगा। जिले के 778 सरकारी, 120 सीबीएसई और 250 निजी स्कूलों में इन दोनों कक्षाओं के करीब 40 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इससे पहले सरकार की ओर से 16 जुलाई से नौवीं से 12वीं व 23 जुलाई से छठी से आठवीं की कक्षाएं शुरू की गई थी। ब्यूरो
3 दिन ऑफलाइन, 3 दिन ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं
जिन निजी स्कूलों में अभिभावक बच्चों को ऑफलाइन कक्षाओं के लिए स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं वहां सप्ताह में तीन दिन ऑनलाइन व तीन दिन ऑफलाइन कक्षाएं लगेंगी। वहीं जिन स्कूलों में 30 से अधिक विद्यार्थी हैं, वहां एक दिन में केवल 50 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही बुलाया जाएगा। यहां सम-विषम फार्मूले पर कक्षाएं लगाई जाएंगी।
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ये रहेंगे नियम
- कक्षा में बैठने की क्षमता अनुसार ही चौथी-पांचवीं के बच्चों को स्कूल बुलाया जाए।
- स्कूल में बच्चों को दोपहर का भोजन नहीं मिलेगा, पानी की बोतल भी साथ लाएंगे।
- प्रवेश द्वार पर ही बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी, ऑक्सीमीटर से प्लस रेट भी मापी जाएगी।
- तीस से अधिक बच्चों वाली कक्षा में 50 प्रतिशत बच्चों को ही एक दिन स्कूल में बुलाया जाए।
- कक्षा में प्रवेश व निकास द्वार अलग-अलग होंगे, एक डेस्क पर एक ही बच्चा बैठेगा।
बच्चों को स्कूल भेजने का कोई दबाव नहीं होगा। स्कूल सरकारी निर्देशों का पालन करेंगे। अन्यथा किसी भी तरह की लापरवाही दिखने पर कार्रवाई होगी।
- रोहताश वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
कक्षा चौथी और पांचवीं के बच्चों के जो अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजना चाहें, भेज सकते हैं। स्कूल बसें चल रही हैं, अभिभावक बच्चे की बस के चालक से संपर्क कर व्यवस्था कर लें।
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- डा. राजन लांबा, अध्यक्ष, सहोदय स्कूल कांप्लेक्स
छोटे बच्चों को स्कूल लाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सभी स्कूलों को नियमों का पालन करना होगा। ऑनलाइन कक्षाएं भी सुचारु रूप से चलती रहेंगी।
-सुशील कुमार, उपाध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन