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बेटी ऐसा अनमोल धन है जो किस्मत से मिलता
कैथल
Updated Fri, 07 Feb 2014 12:00 AM IST
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वीरवार को जाट कॉलेज ऑफ एजुकेशन के स्टॉफ सदस्यों और विद्यार्थियों ने अमर उजाला की मुहिम ‘बेटी ही बचाएगी’ का समर्थन कर बेटियों के हक में शपथ पत्र भरे। कॉलेज स्टाफ ने शपथ लेते हुए कहा कि वे बेटा-बेटी में किसी प्रकार अंतर न समझकर उनको बराबर का दर्जा देंगे। कॉलेज की प्राचार्य रेखा सैनी ने बताया कि वह पांच बहनें हैं, उनके पिता ने हमेशा उनको बेटों से बढ़कर माना है। उनके पिता हमेशा कहते हैं कि आज वह जो कुछ भी हैं, अपनी बेटियों के बल पर हैं।
प्राचार्या ने बताया कि कैथल के पास खानपुर में उनकी शादी हुई।
तब गांव में वह ही एकमात्र ऐसी महिला थीं जिसने बीएड की शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होेंने बताया कि उनकी एक बेटी और एक बेटा है। बेटा व बेटी को समानता का दर्जा देने के लिए अपनी प्रॉपर्टी का बराबर का हिस्सा बेटा-बेटी को देने निर्णय लिया है। कॉलेज लेक्चरर सीमा व अंजू ने बताया कि उनके उनकी एक-एक बेटी है। जीवन में बेटी होते हुए भी जो सपने वे पूरे नहीं कर सकी हैं, उन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए बेटी को अच्छी शिक्षा व संस्कार देंगी। जिस क्षेत्र में उनकी बेटी कैरियर बनाना चाहेगी उसी क्षेत्र में उसका सहयोग करेंगी।
लेक्चरर डा. राजेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, सिंकदर सिंह, डॉ. सुशील कुमार, प्रवीण कुमार मलिक ने बताया कि बेटी के बिना इस सुंदर संसार की कल्पना नहीं की जा सकती है। बेटी ऐसा अनमोल धन है जो किस्सत से मिलता है। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में किसी प्रकार कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। डॉ. प्रभजोत कौर, डॉ. चंद्रप्रकाश, डॉ. दिनेश कुमार ढिल्लों और राजेश धारीवाल ने बताया कि अमर उजाला की बेटी ही बचाएगी मुहिम समाज में नई चेतना का विकास कर रही है। दुनिया के सबसे बड़े शपथ अभियान का हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटी ही बचाएगी अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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प्राचार्या ने बताया कि कैथल के पास खानपुर में उनकी शादी हुई।
तब गांव में वह ही एकमात्र ऐसी महिला थीं जिसने बीएड की शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होेंने बताया कि उनकी एक बेटी और एक बेटा है। बेटा व बेटी को समानता का दर्जा देने के लिए अपनी प्रॉपर्टी का बराबर का हिस्सा बेटा-बेटी को देने निर्णय लिया है। कॉलेज लेक्चरर सीमा व अंजू ने बताया कि उनके उनकी एक-एक बेटी है। जीवन में बेटी होते हुए भी जो सपने वे पूरे नहीं कर सकी हैं, उन सपनों को हकीकत में बदलने के लिए बेटी को अच्छी शिक्षा व संस्कार देंगी। जिस क्षेत्र में उनकी बेटी कैरियर बनाना चाहेगी उसी क्षेत्र में उसका सहयोग करेंगी।
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लेक्चरर डा. राजेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, सिंकदर सिंह, डॉ. सुशील कुमार, प्रवीण कुमार मलिक ने बताया कि बेटी के बिना इस सुंदर संसार की कल्पना नहीं की जा सकती है। बेटी ऐसा अनमोल धन है जो किस्सत से मिलता है। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी में किसी प्रकार कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। डॉ. प्रभजोत कौर, डॉ. चंद्रप्रकाश, डॉ. दिनेश कुमार ढिल्लों और राजेश धारीवाल ने बताया कि अमर उजाला की बेटी ही बचाएगी मुहिम समाज में नई चेतना का विकास कर रही है। दुनिया के सबसे बड़े शपथ अभियान का हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बेटी ही बचाएगी अभियान के तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा।
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