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बेटियों के हक में खड़ा हुआ गांव हाबड़ी

Sat, 01 Feb 2014 11:58 PM IST
कैथल
कैथल Updated Sat, 01 Feb 2014 11:58 PM IST
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save girls
अमर उजाला की मुहिम ‘बेटी ही बचाएगी’ से प्रेरणा लेकर गांव हाबड़ी बेटियों के हक में खड़ा हो गया है। गांव की पंचायत ने इस मुहिम से प्रभावित होकर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जिसमें पूरे गांव के लोगों ने बेटियोें के हक में शपथ ग्रहण की और ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में विशेष रूप से अमर उजाला की मुहिम का जिक्र किया गया। लोगों ने सरपंच सतपाल सिंह की अध्यक्षता व ग्राम सचिव विकास शर्मा की मौजूदगी में संकल्प लिया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेलों में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। साथ ही लिंगानुपात के स्तर को और भी सुधारा जाएगा। इस समय भी गांव में लड़कियों की संख्या लड़कों से ज्यादा है।
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गांव के स्कूल में हुई ग्राम सभा
गांव के राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में सुबह 11 बजे गांव के सरपंच सतपाल की अध्यक्षता में ग्राम सभा शुरू हुई जिसमें ग्राम सचिव विकास शर्मा सहित पंचायत सदस्य जानपाल सिंह, साहब सिंह, गुरजिंदर सिंह, आत्मा सिंह, धर्मपाल, रिछपाल, रामकुमार, महेंद्र देवी, प्रभी देवी, कमलेश देवी, प्रवीण रानी, रामकुमार, कुलबीर कौर, आजाद सिंह, राजपाल सिंह के साथ-साथ भारी संख्या में गांववासियों ने भाग लिया। ग्राम सभा में गांव में पढ़ने वाली नौवीं व दसवीं की छात्राओं को मंच पर बैठाया गया।
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यह रखा प्रस्ताव
ग्राम सचिव विकास शर्मा ने बताया कि पंचायत द्वारा डाले गए प्रस्ताव में कहा गया है कि अमर उजाला की बेटी ही बचाएगी मुहिम का ग्राम पंचायत हाबड़ी समर्थन करती है। ग्रामसभा में मौजूद सभी ग्रामसभा सदस्य अमर उजाला की मुहिम से प्रेरणा लेते हुए शपथ लेते हैं कि हम गांव में लड़कियों को प्रत्येक अवसर पर लड़कों के समान दर्जा देंगे। उनसे किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा। साथ ही गांव की बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सहित लालन-पालन में सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही बेटियों को रोजगार दिलवाने एवं खेलों के क्षेत्र में भी भागीदारी सुनिश्चित करने का हरसंभव प्रयास करेंगे। इसके साथ-साथ फैसला लिया जाता है कि आने वाले समय में पंचायत की ओर गांव में जरूरतमंद बेटियों की आर्थिक एवं सामाजिक रूप से हरसंभव सहायता की जाएगी। गांव में कन्या भ्रूण हत्या और ऑनर किलिंग नहीं होने देंगे।
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गांव के सभी लोगों ने किया समर्थन
गांव के सरपंच व ग्राम सचिव की अगुवाई में शुरू हुई इस मुहिम का गांव के सभी लोगों ने समर्थन किया। ग्राम पंचायत सदस्य जॉनपाल ने कहा कि यह सभी के लिए गौरव का विषय है कि बेटियों के हक के लिए गांव आगे आया है।

बेटियों ने पहले भी दिलवाया है गांव को सम्मान
गांव में लिंगानुपात पहले से ही काफी अच्छा है। यहां वर्ष 2012 में 1000 लड़कों के साथ 1086 लड़कियां थीं। गांव को एक लाख रुपये का पुरस्कार भी मिल चुका है। हॉकी खेल में भी इस गांव की बेटियों ने देश भर में विशेष पहचान हासिल की है।

शपथ पत्र भी भरे
ग्राम सभा में प्रस्ताव डालने के साथ-साथ सभी पंचायत सदस्यों एवं स्कूल के स्टॉफ ने अमर उजाला के अभियान के शपथ पत्र भी भरे। स्कूल स्टॉफ सदस्य रेमन देवी, राज धीमान, ऊषा कुमारी, मदन लाल, पूनम रानी, सरिता रानी, जीत कौर, अनीता रानी ने भी बेटियों के हक में शपथ ली।

हमारे गांव में अभी भी बेटियों को पूरा हक दिया जाता है। हाबड़ी ही ऐसा गांव है जिसकी बेटियों ने खेलों में जिला ही नहीं पूरे देश में नाम कमाया है। अमर उजाला ने बेटी ही बचाएगी मुहिम से समाज को नया रास्ता दिखाया है। पूरा गांव शनिवार को हुई ग्राम सभा में इस मामले में एकजुट रहा।

    सतपाल सिंह, सरपंच ग्राम पंचायत हाबड़ी।

यह एक अनूठी शुरुआत है। अमर उजाला की मुहिम के बाद गांव के लोगों के साथ मिलकर हाबड़ी में नया अभियान शुरू हुआ है। डीडीपीओ राजेश खौथ के नेतृत्व में सरकार की ओर से बेटियों के हक में जितना संभव हो सकेगा गांव के लोगों का सहयोग किया जाएगा। ग्राम पंचायत हाबड़ी ने शनिवार को अमर उजाला की मुहिम से प्रेरित होेकर विशेष रूप से ग्राम सभा बुलाई और यह प्रस्ताव डाला है।
विकास शर्मा,  ग्राम सचिव, हाबड़ी।
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