Russia-Ukraine War: कारोबार पर असर, लोहे के दाम में 30 फीसदी बढ़ोतरी, कृषि यंत्र इंडस्ट्री को झटका
रूस-यूक्रेन के बीच जंग का असर स्थानीय कारोबार पर भी दिखने लगा है। हालांकि यूक्रेन से लोहे, सोने के भारतीय बाजार का कोई सीधा संबंध नहीं है, फिर भी किमतों में उछाल एक चिंता का विषय है।
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रूस-यूक्रेन तनाव ने यूं तो वैश्विक बाजार को ही प्रभावित किया है, लेकिन स्थानीय कारोबार पर भी इसका असर दिख रहा है। शुक्रवार को हरियाणा के करनाल के सर्राफा बाजार में इसका बड़ा प्रभाव दिखा। रूस की ओर से हमले की तैयारियों को देखते हुए ही सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में उछाल आना शुरू हो गया था। यूक्रेन पर हमले के बाद तो सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गय्रा।
सोने की कीमत 49,000 से 54,000 रुपये प्रति दस ग्राम तक पहुंच गई। हालांकि शुक्रवार को दोपहर तक जब रूस के उच्चस्तरीय वार्ता के लिए तैयार होने की चर्चा शुरू हुई तो सोने की कीमत 52,250 प्रति दस ग्राम आ गई। चांदी में भी करीब एक हजार रुपये तक का उछाल रहा।
भले ही करनाल से किसी वस्तु का सीधे यूक्रेन में निर्यात नहीं होता, लेकिन रूसी हमले के बाद दुनिया में बने भय के माहौल का असर यहां बखूबी देखा जा रहा है। इसका परिणाम यह हुआ कि कच्चे लोहे की कीमतों में भी करीब 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है, जिसका सीधा प्रभाव जिले की कृषि यंत्र इंडस्ट्री पर दिखने लगा है।
करनाल कृषि यंत्र इंडस्ट्री को कच्चे लोहे की आपूर्ति यूं तो गोविंदगढ़ मंडी से ही होती है। यूक्रेन से इसका कोई मतलब भी नहीं है, लेकिन फिर भी न जाने क्योंयूक्रेन संकट के उत्पन्न होने के साथ यानी पिछले एक सप्ताह के दौरान कच्चे लोहे के भाव में करीब 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो गई है, जो कृषि यंत्र इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका है। इससे प्रोडक्ट महंगे हो गए हैं। जिसका बड़ा प्रभाव कारोबार पर पड़ रहा है। - रविंद्र ढल, प्रधान करनाल एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन।
सोना यूएस, दुबई व साउथ अफ्रीका से आता है, लेकिन जब विश्व की महा शक्तियों में तनाव होता है तो इसका सीधा असर बाजार पर होता है। कारोबारी आवागमन, खरीद फरोख्त प्रभावित होती है। यही कारण है कि यूक्रेन को लेकर तनाव के बाद सोने की कीमत बढ़ने लगी। 24 फरवरी को 54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया, जो आज 52,250 पर आया। - अविनाश बंसल, ओपीएस ज्वैलर्स सर्राफा बाजार करनाल।
जैसे ही यूक्रेन संकट उत्पन्न हुआ तो सोने के भाव में इजाफा हो गया। शुक्रवार की सुबह तक भी रेट 54,000 पर खुला, लेकिन जैसे ही रूस शिखर वार्ता के लिए तैयार हुआ, वैसे ही सोने के भाव में करीब 2000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार की शाम को भाव 52250 रुपये का रहा। तनाव कम होने के साथ ही सोने का भाव भी कम होने की उम्मीद है। -अंशुल बंसल, सोमप्रकाश सराफ प्रा.लि. सराफा बाजार।
रूस-यूक्रेन के तनाव का बड़ा असर वैश्विक बाजार पर है, डायमंड तो रूस से ही आता है। यही कारण है कि आवागमन प्रभावित होने के कारण बाजारों में सोने की शार्टेज हो गई और परिणाम यह रहा कि सोने के भावों में बड़ा उछाल आ गया है, भाव 54,000 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि तनाव कम होते ही यह पुरानी स्थिति में आ जाएगा। - विकास बंसल, ओपीएस ज्वैल्स नेहरू पैलेस करनाल।
करनाल से किसी वस्तु का यूक्रेन को निर्यात या आयात नहीं किया जाता है, लेकिन रूस, अमेरिका जैसी महाशक्तियों में तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर तो दिखता ही है। कच्चे तेल के भाव तेजी के साथ बढ़े, आवागमन प्रभावित हुआ, भय का माहौल बना है, जिससे उद्योगों पर भी सीधा प्रभाव पड़ रहा है। - अमित गुप्ता, उपाध्यक्ष हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स।