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सड़े गेहूं को अच्छे में मिलाकर कर रहे थे सप्लाई
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Tue, 01 Dec 2015 12:48 AM IST
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जुंडला स्थित डीएफएससी के गोदाम में सड़े हुए गेहूं को राशन डिपो पर सप्लाई करने के मामले का भंडाफोड़ हुआ है। ओएसडी अमरेंद्र सिंह व प्रशासनिक टीम ने सोमवार को मौके पर छापा मारा और पांच जगह से गेहूं से सैंपल भरे। इस मामले में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के तीन अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं, छापेमारी से विभाग में हड़कंप का माहौल है।
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मुख्यमंत्री मनोहरलाल के ओएसडी अमरेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि जुंडला में घटिया गेहूं को बढ़िया में मिलाकर डिपो पर सप्लाई किया जा रहा है। इस पर ओएसडी ने बीडीपीओ नरेश शर्मा को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट साथ लिया और टीम के साथ सोमवार को डीएफएससी के जुंडला गोदाम पर छापा मारा और मौके से सड़े हुए गेहूं को नई बोरियों में भरकर सप्लाई करते हुए पकड़ा। गोदाम में चार से पांच चट्टों में मात्र सड़ा हुआ गेहूं मिला। एक भी ऐसी बोरी में ऐसा गेहूं नहीं मिला, जो खाने लायक हो। ऐसी स्थिति देखकर ओएसडी हैरान हो गए और मौके पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
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निसिंग में भेजा जा रहा था गेहूं
अधिकारी मौके से निसिंग एरिया के करीब 28 डिपो पर राशन बांटने के लिए इस गेहूं को सप्लाई करवा रहे थे। मौके पर स्थिति खराब मिलने पर ओएसडी ने बीडीपीओ नरेश शर्मा, सिटी थाना प्रभारी मोहनलाल व डीएफएससी निशांत राठी की टीम बनाई और मौके से पांच सैंपल लिए। ओएसडी ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहरलाल की सरकार में भ्रष्टाचार सहन नहीं किया जाएगा। उधर, डीएफएससी निशांत राठी की शिकायत पर इंस्पेक्टर सुशील कंसल, सब इंस्पेक्टर सज्जन मान व एफसीआई के क्वालिटी कंट्रोलर राजेश चौधरी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
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12 गाड़ियां लोड होकर भेजी जा चुकी थी
ओएसडी ने मौके पर ट्रैक्टर-ट्राली की लोडिंग पर रोक लगाई और कॉमर्शियल वाहनों में ढुलाई के आदेश दिए। ओएसडी ने गोदाम में हर पहलु पर जांच करने के आदेश दिए हैं। मौके के निरीक्षण करने पर अधिकारियों को मिला कि गोदाम से सड़ा हुआ गेहूं डिपो के लिए लोड किया जा रहा है। निरीक्षण से पहले तक 12 गाडिय़ां लोड होकर चली गई थी। वर्ष 2010-11 का डैमेज गेहूं को वर्ष 2014-15 के नये गेहूं में मिक्स करके सप्लाई किया जा रहा था। पुराने गेहूं को नई बोरियों में डालकर विभाग के अधिकारी मोटा मुनाफा कमा रहे हैं।
बड़े स्तर पर मिलीभगत की आशंका
ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार बदल गई है। भ्रष्टाचार किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। सड़ा हुआ गेहूं राशन डिपो पर भेजा जा रहा है। बड़े घोटाले की बू आ रही है। इस तरह का कारनामा अधिकारियों की मिलीभगत से नहीं हो सकता। डीएफएससी की शिकायत पर पुलिस को केस दर्ज करने के भी आदेश दिए हैं। पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है। जुंडला और निसिंग गोदामों की देखरेख इंस्पेक्टर सुशील कंसल और सब इंस्पेक्टर सज्जन मान पर थी। दोनों ही अधिकारी मौके से गेहूं की सप्लाई करवा रहे थे।
16 हजार कट्टों में भरा खराब गेहूं
जुंडला गोदाम में करीब 16 हजार कट्टे गेहूं के रखे हुए हैं। सभी कट्टों में गेहूं खराब है। विभाग के इंस्पेक्टर सुशील कंसल ने बताया कि वर्ष 2014-15 में एक चट्टे में 1830 कट्टे, दूसरे चट्टे में 2838 कट्टे व तीसरे चट्टे में 1710 कट्टे लगे हुए हैं। इसके अलावा वर्ष 2010-11 में 8200 कट्टे लगे हुए हैं। वर्ष 2010-11 का गेहूं सड़ चुका है और विभाग द्वारा इसे डैमेज घोषित कर रखा है। इस गेहूं पर पंखा लगाया और साफ गेहूं की करीब 700 बोरियां भरी गई। बाकी सड़ा हुआ गेहूं वर्ष 2014-15 में मिक्स करके डिपो पर भेजने लगे। जुंडला के पूरे गोदाम में एक भी बोरी में साफ सुथरा गेहूं नहीं मिला।
विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग लंबे समय से गड़बड़ी करने में सुर्खियों में है। पहले भी गेहूं चोरी व धोखाधड़ी के आरोप में एक डीएफएससी रविंद्र मलिक, इंस्पेक्टर सुरेंद्र हुड्डा व निर्दोष डांगी पर केस दर्ज है। मामले की जांच चल रही है। यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि जुंडला के गोदाम ने भी एक बार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिया है। इस गोदाम में एक भी बोरी साफ सुथरी नहीं है। विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि विभाग के प्रत्येक गोदाम में सड़ा हुआ गेहूं ही सप्लाई किया जाता है।
वर्जन
गोदाम में खराब गेहूं मिला है। इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर व क्वालिटी कंट्रोलर को सस्पेंड करने का पत्र मुख्यालय भेजा जाएगा। पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनी है। इसमें जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी। गोदामों में गड़बड़ सहन नहीं की जाएगी।
निशांत राठी, डीएफएससी।