{"_id":"d9a1dce49cb5b5d7238c025f0daf90d5","slug":"roadways-employees-to-stage-protest-at-surjewala-house","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुरजेवाला के आवास पर धरना देंगे रोडवेज कर्मी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुरजेवाला के आवास पर धरना देंगे रोडवेज कर्मी
करनाल
Updated Sun, 09 Feb 2014 12:07 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों के संबंध में सरकार के खिलाफ फिर से संघर्ष का ऐलान कर दिया है। हड़ताल के दौरान सरकार और रोडवेज विभाग के नेताओं के बीच हुए समझौते को रद्द कराने और अपनी मांगों को लागू कराने के लिए रोडवेज कर्मचारी कमेटी के चेयरमैन पीडब्ल्यूडी एवं उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला के कैथल स्थित निवास पर 19 फरवरी को प्रदर्शन करेंगे। शनिवार को करनाल में हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन पंचायत भवन में हुआ, जिसमें यह ऐलान किया गया।
इसमें प्रदेश भर के डिपुओं और सब डिपुओं से यूनियन कार्यकर्ता पहुंचे थे। सम्मेलन में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी गत चार दिवसीय हड़ताल के दौरान सरकार व विभाग के कुछ तथाकथित नेताओं के बीच हुए समझौते को रद्द करवाने एवं अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए सुरजेवाला के निवास पर प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन देंगे।
सरबत पूनिया व धर्मबीर हुड्डा ने कहा कि 13-14 नवंबर की हड़ताल के दौरान तालमेल कमेटी से हुई बातचीत मे परिवहन मंत्री ने सभी मांगों को हल करने के लिए तीन मंत्रियों व तालमेल कमेटी के नेताओं की एक संयुक्त कमेटी बनाने की घोषणा की थी तथा पीडब्ल्यूडी व उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला को इसका अध्यक्ष बनाया था। यूनियन नेताओं ने रोष जताया कि सुरजेवाला ने मांगों के समाधान के बजाय कर्मचारियों की वर्षों से कायम एकता को तोड़ने और आंदोलन को दबाने की साजिश रचनी शुरू कर दी।
विज्ञापन
इस साजिश के तहत गत 20 जनवरी की सफ ल हड़ताल से घबरा कर कमेटी की मीटिंग बुलाने की बजाय कुछ अपने चहेते कर्मचारी नेताओं को आधी रात के समय अपने सरकारी निवास पर बुलाया और उन्हें डरा-धमका कर अपनी मनमर्जी के फैसले पर हस्ताक्षर करवा लिए।
ये हैं मांगें
वरिष्ठ उपप्रधान रामफ ल देशवाल, मुख्य संगठन कर्ता रामनिवास राणा व कोषाध्यक्ष जसबीर सिंह ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी 3519 प्राइवेट बसों को परमिट को देने की नीति को रद्द् करने, विभाग मे बसों की संख्या 10 हजार करने, कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पक्के भर्ती किए गए कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पूरा वेतन देने, सभी तकनीकी कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान देने, कर्मशाला के लगभग 2800 खाली पडे़ पदों पर शीघ्र पक्की भर्ती करने, एक महीने के वेतन के बराबर बोनस देने की स्थाई नीति बनाने, चालक-परिचालकों के 10 महीने से रुके भत्ते को बहाल करने, 210 कर्मचारियों को पक्का करने, कर्मचारियों को केन्द्र के समान ग्रेड-पे व भत्ते देने और लिपिक वर्ग को पंजाब के समान वेतनमान देने सहित कई अन्य मांगें हैं। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि इस समझौते से रोडवेज कर्मचारियों के मांगपत्र मे शामिल कर्मचारियों की एक भी मांग का समाधान नहीं हुआ।
विज्ञापन
इसमें प्रदेश भर के डिपुओं और सब डिपुओं से यूनियन कार्यकर्ता पहुंचे थे। सम्मेलन में यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सरबत सिंह पूनिया ने कहा कि हरियाणा रोडवेज के कर्मचारी गत चार दिवसीय हड़ताल के दौरान सरकार व विभाग के कुछ तथाकथित नेताओं के बीच हुए समझौते को रद्द करवाने एवं अपनी मांगों को लागू करवाने के लिए सुरजेवाला के निवास पर प्रदर्शन कर मांगों का ज्ञापन देंगे।
विज्ञापन
सरबत पूनिया व धर्मबीर हुड्डा ने कहा कि 13-14 नवंबर की हड़ताल के दौरान तालमेल कमेटी से हुई बातचीत मे परिवहन मंत्री ने सभी मांगों को हल करने के लिए तीन मंत्रियों व तालमेल कमेटी के नेताओं की एक संयुक्त कमेटी बनाने की घोषणा की थी तथा पीडब्ल्यूडी व उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला को इसका अध्यक्ष बनाया था। यूनियन नेताओं ने रोष जताया कि सुरजेवाला ने मांगों के समाधान के बजाय कर्मचारियों की वर्षों से कायम एकता को तोड़ने और आंदोलन को दबाने की साजिश रचनी शुरू कर दी।
विज्ञापन
इस साजिश के तहत गत 20 जनवरी की सफ ल हड़ताल से घबरा कर कमेटी की मीटिंग बुलाने की बजाय कुछ अपने चहेते कर्मचारी नेताओं को आधी रात के समय अपने सरकारी निवास पर बुलाया और उन्हें डरा-धमका कर अपनी मनमर्जी के फैसले पर हस्ताक्षर करवा लिए।
ये हैं मांगें
वरिष्ठ उपप्रधान रामफ ल देशवाल, मुख्य संगठन कर्ता रामनिवास राणा व कोषाध्यक्ष जसबीर सिंह ने बताया कि रोडवेज कर्मचारी 3519 प्राइवेट बसों को परमिट को देने की नीति को रद्द् करने, विभाग मे बसों की संख्या 10 हजार करने, कर्मचारी चयन आयोग द्वारा पक्के भर्ती किए गए कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पूरा वेतन देने, सभी तकनीकी कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान देने, कर्मशाला के लगभग 2800 खाली पडे़ पदों पर शीघ्र पक्की भर्ती करने, एक महीने के वेतन के बराबर बोनस देने की स्थाई नीति बनाने, चालक-परिचालकों के 10 महीने से रुके भत्ते को बहाल करने, 210 कर्मचारियों को पक्का करने, कर्मचारियों को केन्द्र के समान ग्रेड-पे व भत्ते देने और लिपिक वर्ग को पंजाब के समान वेतनमान देने सहित कई अन्य मांगें हैं। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव सुभाष लांबा ने कहा कि इस समझौते से रोडवेज कर्मचारियों के मांगपत्र मे शामिल कर्मचारियों की एक भी मांग का समाधान नहीं हुआ।