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धान स्टाक : बड़े घोटाले की आशंका

Mon, 23 Nov 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल Updated Mon, 23 Nov 2015 12:39 AM IST
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धान स्टाक के मामले में बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। हरियाणा राज्य विपणन बोर्ड के अधिकारियों को आशंका है कि अकेले करनाल जिले में ही करीब करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। स्टाक कम और पूरा दिखाने व पैसे मांगने के आरोपों ने इस मामले को और गरमा दिया है।
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बड़े गोलमाल का मामला सीएम दरबार तक पहुंच गया है। उधर, सरकार भी मामले को लेकर अलर्ट हो गई है और जांच के आदेश दिए हैं। सबसे पहले, कुंजपुरा के राइस मिल के स्टाक की तीसरी बार जांच की जाएगी। वहीं, शिकायतों को आधार बनाते हुए सरकार सभी राइस मिलों का धान स्टाक जांच कराने की तैयारी कर रही है।
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चावल उद्योग से जुड़े लोग ही बताते हैं कि इस बार मंडियों में जमकर खेल चला है। बता दें कि सरकार पीआर (मोटा धान) खरीदती है और बाद में इसे मीलिंग के लिए राइस मिलर्स को दे दिया जाता है। सूत्रों का कहना है कि जिले की कई मंडियों में मार्केट कमेटी के अधिकारियों से मिलीभगत करके 1121 धान को ही पीआर दिखा दिया गया। इतना ही नहीं स्टाक के नाम पर भी जमकर खेल चल रहा है।
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सूत्र बताते हैं कि मंडी से पीआर के नाम पर कई मिलों में 1121 धान आया, जबकि कागजों में इसे पीआर दिखाया गया है। इसके पीछे बड़े घोटाले का संकेत यह भी है कि इस बार अनाज मंडियों में मौसम खराबी के बावजूद हजारों क्विंटल धान ज्यादा दर्शाई गई है। इसलिए घोटाले की आशंकाओं को और बल मिलता है।

कुंजपुरा के राइस मिल का मामला भी इसी तरह का बताया जा रहा है। हालांकि, राइल मिल मालिक बार बार यही कह रहा है कि उसका स्टाक पूरा है, लेकिन मार्केट कमेटी ने स्टाक पूरा नहीं होने के कारण उसका लाइसेंस निलंबित कर दिया है। उधर, मामले का खुलासा होने पर कई मौजूदा और पूर्व अधिकारियों के पसीने छूटे हुए हैं। अगर जांच सही हुई तो कई अधिकारियों और राइस मिलर्स के नपने से इंकार नहीं किया जा सकता।

लगातार मिल रही हैं कम स्टाक की शिकायतें
हरियाणा राज्य विपणन बोर्ड मुख्यालय के अधिकारियों के पास लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें जा रही हैं। कई राइस मिलों के बारे में स्टाक पूरा न होने की शिकायतें पहुंच रही हैं। वहीं अधिकारियों का मानना है कि स्टाक कम लोकल स्तर के अधिकारियों की सहमति के बिना नहीं हो सकता। विभाग हर मार्केट कमेटी के सचिवों पर भी नजर रख रहा है। इस बारे में विभाग के सीएमईओ, पंचकूला रामनिवास बेनिवाल का कहना है कि हमें इस तरह की शिकायतें मिली हैं। अगर किसी अधिकारी की मिलीभगत हुई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।

कई अधिकारियों पर शक की सुई
हालांकि, राइस मिल मालिक सुभाष गुप्ता ने रिश्वत के मामले में सीएमईओ राजकुमार बेनिवाल, पूर्व मार्केट सचिव आशा रानी व एक राइस मिलर्स का ही नाम लिया है। इस मामले ने भी अधिकारियों की परेशानी बढ़ा दी है। मिलर्स का आरोप है कि यह पूरा खेल एक चेन के रूप में चलता है और जांच के नाम पर व्यापारियों को ब्लैकमेल किया जाता है। अब देखना यह है कि चावल स्टाक के साथ साथ अधिकारियों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की कितनी जांच होती है। हालांकि, बेनिवाल और आशा रानी ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए इसे झूठे आरोप करार दिया है।

वर्जन
मेरा स्टाक पूरा है, जानबूझकर पैसे ऐंठने के लिए स्टाक कम दिखाया गया है। मेरे से पांच लाख रुपये मांगे गए हैं, इसकी जांच होनी चाहिए। इस मामले की शिकायत सीएम को भी की जाएगी, हर हाल में न्याय लेकर ही रहूंगा और जो अधिकारी भ्रष्टाचार फैला रहे हैं, हम उनपर कार्रवाई की मांग करते हैं।

- सुभाष गुप्ता, राइस मिल मालिक।

वर्जन

सोमवार को एक टीम कुंजपुरा के राइस मिल के स्टाक की जांच करेगी। यह स्टाक हमारा है। अगर कहीं गड़बड़ हुई है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। जांच को मजबूत बनाने के लिए इस कमेटी में खरीद एजेसियों के डीएम को शामिल किया गया है और शिकायतें आ रही हैं, जरूरत हुई तो अन्य राइस मिल का भी स्टाक जांचा जाएगा। स्टाक को लेकर गोलमाल की शिकायतें आ रही हैं, इस लिए इस मामले पर विभाग गंभीर है।  निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।
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