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मनीऑर्डर का विकल्प बना ग्रीन रेमिट कार्ड

Tue, 28 Jan 2014 04:45 PM IST
करनाल
करनाल Updated Tue, 28 Jan 2014 04:45 PM IST
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देश के दूरदराज क्षेत्र में अपनोें से दूर बसे लोगों को अब मनीऑर्डर के जरिये मिलने वाले राशि के पहुंचने के तमाम जोखिम समाप्त हो गए हैं। मनीऑर्डर से भेजा गया पैसा देरी से मिलने की परेशानी तथा पैसा नहीं मिलने की दिक्कत भी समाप्त हो गई है।
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भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया करनाल की शाखा अपने बैंक के दूसरे राज्यों और शहरों में बसे करीब साढे़ तीन हजार उपभोक्ताओं को लाभ दे रही है। बैंक अधिकारियों के अनुसार यह सुविधा ग्रीन रेमिट कार्ड (जीआरसी) के जरिये दी जा रही है।  
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साल में 36 हजार उपभोक्ता भेजते हैं पचास करोड़ से अधिक रुपये
इस सुविधा के तहत रोजाना करीब 100 से अधिक उपभोक्ता ग्रीन रेमिट का प्रयोग कर रहे हैं। ऐसे में करनाल से दूसरे स्थानों पर करीब सात से आठ लाख रुपया रोजाना इस सुविधा के तहत भेजा जा रहा है। ऐसे में एक औसत अनुमान के तहत करनाल शाखा से ही वर्ष भी में लगभग 36 हजार उपभोक्ता लाभ ले रहे हैं, जो अपने दूरदराज के क्षेत्र में बसे परिजनों व परिचितों को सालभर में करीब पचास करोड़ से अधिक रुपया भेज रहे हैं। दूसरे राज्यों में शामिल बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में पैसा भेजा जा रहा है।
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गजब सुविधा है जीआरसी

भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर मिले बिहार के जिला समस्तीपुर निवासी गुलटन, बेगूसराय निवासी रामप्रसाद समेत कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वह लोग हरियाणा में कई वर्षों से अपनी आजीविका कमा रहे हैं। यहां वह लोग मजदूरी करते हैं। कोई चाय की दुकान चलाता है, तो कोई और छोटा-मोटा काम कर रहा है। उनके परिवार के लोग बिहार में बसे हैं। वह लोग मनीऑर्डर से पैसा भेजने के लिए पहले फार्म भरते थे। फिर डाकघर की लंबी लाइन में खडे़ होकर कई-कई घंटे बेकार करते थे। इतना ही नहीं कुछ लोगों के मनीऑर्डर कई बार बीच में ही गायब हो जाते थे तो कभी देरी से पहुंचते थे। ऐसे में एसबीआई के ग्रीन रेमिट कार्ड की सुविधा ने उन्हें सहूलियत दी है। यहां लाइन में लगने की जरूरत नहीं। 24 घंटे किसी भी समय पैसा व्यक्ति स्वयं जमा कर सकता है। न फार्म भरना। कोई जोखिम भी नहीं है। रात में पैसा जमा करवाया है तो रात को ही उनके  परिचित अपने खाते से एटीएम के माध्यम से पैसा ले सकते हैं।  


देशहित में है सुविधा   
डीजीएम पवन कुमार केडिया के मार्गदर्शन में करनाल के एसबीआई की मुख्य शाखा में जीआरसी की सुविधा पिछले करीब आठ महीने से चल रही है। कोई भी व्यक्ति करनाल के बाहर रहता है और वह एसबीआई का उपभोक्ता है तो करनाल में उनका परिचित ग्रीन रेमिट कार्ड हासिल कर सकता है। कार्ड धारक को केवल एक नंबर देना होगा, जो इस कार्ड से साथ ऑटोमैटिक जुड़ा होगा। जीआरसी का प्रयोग करने वाला व्यक्ति अपने परिचित को किसी समय भी 25 हजार रुपये तक की राशि एक समय में जमा करवा सकता है। जमा होते ही उपभोक्ता को पैसा मिल सकता है। यह सुविधा अभी केवल एसबीआई के पास है। सैकड़ों लोग इस सुविधा का लाभ रोजाना ले रहे हैं। इसके साथ करनाल में कैश डिपॉजिट मशीन भी लगी है।


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