{"_id":"0b3b97cd7049f66df5a8842cd5ad2a83","slug":"relief-to-consumers","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली उपभोक्ताओं को लाइनों में नहीं खाने पड़ेंगे धक्के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली उपभोक्ताओं को लाइनों में नहीं खाने पड़ेंगे धक्के
अमर उजाला, कैथ्ाल
Updated Wed, 25 Dec 2013 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैथल में उपभोक्ताओं को शीघ्र, सरल और श्रेष्ठ सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम राज्य के 36 शहरों के उपभोक्ताओं के पूरे रिकॉर्ड को भारत सरकार के रिस्ट्रक्चरड एक्सलरेटिड पॉवर डेवलपमेंट एंड रिफोरस प्रोग्राम के तहत कंप्यूटरीकृत करेगा।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यत: सभी जिला मुख्यालयों और अन्य बड़े शहरों के उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को बिल जमा करवाने, डुप्लीकेट बिल बनवाने और शिकायत दर्ज करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त अन्य जानकारियां जैसे बिल की राशि, बिजली की दर और लोड शेडिंग आदि सब जानकारियां भी वेबसाइट पर आनलाइन उपलब्ध होंगी।
उपभोक्ताओं की ओर से दी गई जानकारियां निगमों के हिसार स्थित डाटा सेंटर में दर्ज की जाएंगी। केंद्रीकृत सरवर से जुड़ कर यह प्रणाली भी प्रदेश में उसी प्रकार कार्य करेगी जैसे रेलवे, बैंकों और बीमा कार्यालयों में होती है।
विज्ञापन
डीसी एन के सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में आवश्यक जानकारियां जुटाने के लिए निगमों ने अपने अधिकार क्षेत्र में मैसर्ज एचसीएल को अधिकृत किया है। एचसीएल के कर्मचारियों को उपभोक्ता सर्वेक्षण फार्म उपलब्ध करवाए गए हैं। उपभोक्ताओं से जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्हें अपने पहचान पत्र उपभोक्ताआें को दिखाने होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एचसीएल के कर्मचारियों को विजिलेंस के किसी भी कार्य के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। उनका कार्य सर्वेक्षण तक ही सीमित रहेगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे सर्वेक्षण कार्य में सहयोग दें ताकि सर्वेक्षण के आधार पर प्राप्त जानकारी को अपडेट किया जा सके और उन्हें बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।
विज्ञापन
इस कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यत: सभी जिला मुख्यालयों और अन्य बड़े शहरों के उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को कंप्यूटरीकृत किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को बिल जमा करवाने, डुप्लीकेट बिल बनवाने और शिकायत दर्ज करने की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त अन्य जानकारियां जैसे बिल की राशि, बिजली की दर और लोड शेडिंग आदि सब जानकारियां भी वेबसाइट पर आनलाइन उपलब्ध होंगी।
विज्ञापन
उपभोक्ताओं की ओर से दी गई जानकारियां निगमों के हिसार स्थित डाटा सेंटर में दर्ज की जाएंगी। केंद्रीकृत सरवर से जुड़ कर यह प्रणाली भी प्रदेश में उसी प्रकार कार्य करेगी जैसे रेलवे, बैंकों और बीमा कार्यालयों में होती है।
विज्ञापन
डीसी एन के सोलंकी ने बताया कि इस संबंध में आवश्यक जानकारियां जुटाने के लिए निगमों ने अपने अधिकार क्षेत्र में मैसर्ज एचसीएल को अधिकृत किया है। एचसीएल के कर्मचारियों को उपभोक्ता सर्वेक्षण फार्म उपलब्ध करवाए गए हैं। उपभोक्ताओं से जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्हें अपने पहचान पत्र उपभोक्ताआें को दिखाने होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एचसीएल के कर्मचारियों को विजिलेंस के किसी भी कार्य के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। उनका कार्य सर्वेक्षण तक ही सीमित रहेगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अनुरोध किया कि वे सर्वेक्षण कार्य में सहयोग दें ताकि सर्वेक्षण के आधार पर प्राप्त जानकारी को अपडेट किया जा सके और उन्हें बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकें।