{"_id":"6adba5f83cb39390950f1e33","slug":"power-crisis-water-in-short-supply-industries-brought-to-a-standstill-business-worth-rs-125-crore-affected-karnal-news-c-18-knl1018-1018815-2026-10-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली संकट : पानी को तरसे, उद्योग हुए ठप... 125 करोड़ का कारोबार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली संकट : पानी को तरसे, उद्योग हुए ठप... 125 करोड़ का कारोबार प्रभावित
विज्ञापन
शहर में बिजली गुल होने से बाजार सूने हुये। संवाद
करनाल। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को जिले में बिजली संकट और गहरा गया। 110 से अधिक फीडर ब्रेकडाउन हुए। इससे शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पेयजल संकट खड़ा हो गया। इन्वर्टर जवाब दे गए। लोग गर्मी में जूझते रहे। बिजली पर निर्भर होने से उद्योगों के साथ सरकारी कार्यालयों, बैंकों और डाकघरों के कामकाज पर भी असर पड़ा। करीब 125 करोड़ रुपये के कारोबार के प्रभावित होने का अंदेशा है।
लंबे समय तक आपूर्ति बहाल नहीं होने से परेशान निसिंग क्षेत्र के ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी राजमार्ग पर जाम लगा दिया। असंध में भी बिजली-पानी की समस्या से लोगों में रोष रहा। जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न पावर हाउसों और महत्वपूर्ण बिजली प्रतिष्ठानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
शहर में सेक्टर-6 बिजली उपकेंद्र सुबह 10 बजे से बंद रहने के कारण सेक्टर-7, कर्ण विहार, विकास नगर, राजीव पुरम, एसपीडीसी कॉलोनी, फूसगढ़, दुर्गा कॉलोनी, उत्तम नगर और पृथ्वी विहार समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। घीड़ उपकेंद्र दोपहर 12 बजे से बंद होने के कारण आसपास के गांवों में भी बिजली संकट बना रहा। गढ़ी बीरबल उपकेंद्र सुबह चार बजे से बंद था, जिससे इससे जुड़े दस से अधिक क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित रही। सेक्टर-13 फीडर भी देर रात बंद होने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे चालू हो सका। इससे इन क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहराया। पूरे दिन में जिले से 600 शिकायतें मिलीं, लोगों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुचारु करने की मांग की।
विज्ञापन
110 उद्योग में खाली बैठे रहे कर्मचारी
एचएसआईआईडी के अध्यक्ष मनोज अरोड़ा ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन तीन फीडर बंद थे। दूसरे दिन एक प्रभावित रहा। करनाल के औद्योगिक क्षेत्र के चार में से एक फीडर बंद रहा। इससे करीब 110 उद्योग प्रभावित हुए। कृषि यंत्र उपकरण बनाने, दवा उद्योग और पैकेजिंग संबंधित मशीनों का संचालन नहीं हो पाया। कंप्यूटर व ऑनलाइन होने वाले कार्य भी प्रभावित रहे। इससे पूरा दिन लेबर व अन्य स्टाफ खाली बैठा रहा।
48 घंटे से बिजली गुल, गोंदर, डाचर और औंगद के ग्रामीणों ने राजमार्ग किया जाम
निसिंग। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते क्षेत्र के गोंदर, डाचर और औंगद गांवों में करीब 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों ने गुरुद्वारा चौक पर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। बिजली निगम व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं आने से घरों में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। लोगों के साथ पशुओं के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। छोटे बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। निसिंग के वार्ड-13 में भी लोग बाल्टियां लेकर इधर-उधर से पानी लाने को मजबूर हुए। सूचना मिलने पर डीएसपी संदीप कुमार और थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों की समस्या के समाधान के प्रयास किए गए।
लोगों में रोष, सरकारी कार्यालयों, बैंकों और कारोबार पर पड़ा असर
असंध। असंध शहर में बिजली-पानी संकट गहरा गया। आपूर्ति बाधित रहने से आमजन को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी और थाना प्रभारी राजेश कुमार रातभर गश्त करते रहे। देर रात निजी बिजली मैकेनिकों की मदद से कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की गई। शुक्रवार सुबह फिर बिजली आपूर्ति बंद होने से परेशानी बढ़ गई।
तरावड़ी में पानी आपूर्ति न होने से स्कूल नहीं जा पाए बच्चे
तरावड़ी। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच तरावड़ी में करीब 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान रहे। घरों की पानी की टंकियां खाली हो गईं। इन्वर्टर जवाब दे गए। पानी की कमी के कारण कई बच्चे स्कूल नहीं जा सके। लोगों को पीने का पानी बाजार से खरीदना पड़ा। लोगों ने बताया कि हेल्पलाइन पर शिकायतें देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। संवाद
विज्ञापन
लंबे समय तक आपूर्ति बहाल नहीं होने से परेशान निसिंग क्षेत्र के ग्रामीणों ने दूसरे दिन भी राजमार्ग पर जाम लगा दिया। असंध में भी बिजली-पानी की समस्या से लोगों में रोष रहा। जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न पावर हाउसों और महत्वपूर्ण बिजली प्रतिष्ठानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई।
विज्ञापन
शहर में सेक्टर-6 बिजली उपकेंद्र सुबह 10 बजे से बंद रहने के कारण सेक्टर-7, कर्ण विहार, विकास नगर, राजीव पुरम, एसपीडीसी कॉलोनी, फूसगढ़, दुर्गा कॉलोनी, उत्तम नगर और पृथ्वी विहार समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। घीड़ उपकेंद्र दोपहर 12 बजे से बंद होने के कारण आसपास के गांवों में भी बिजली संकट बना रहा। गढ़ी बीरबल उपकेंद्र सुबह चार बजे से बंद था, जिससे इससे जुड़े दस से अधिक क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित रही। सेक्टर-13 फीडर भी देर रात बंद होने के बाद शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे चालू हो सका। इससे इन क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहराया। पूरे दिन में जिले से 600 शिकायतें मिलीं, लोगों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुचारु करने की मांग की।
विज्ञापन
110 उद्योग में खाली बैठे रहे कर्मचारी
एचएसआईआईडी के अध्यक्ष मनोज अरोड़ा ने बताया कि हड़ताल के पहले दिन तीन फीडर बंद थे। दूसरे दिन एक प्रभावित रहा। करनाल के औद्योगिक क्षेत्र के चार में से एक फीडर बंद रहा। इससे करीब 110 उद्योग प्रभावित हुए। कृषि यंत्र उपकरण बनाने, दवा उद्योग और पैकेजिंग संबंधित मशीनों का संचालन नहीं हो पाया। कंप्यूटर व ऑनलाइन होने वाले कार्य भी प्रभावित रहे। इससे पूरा दिन लेबर व अन्य स्टाफ खाली बैठा रहा।
48 घंटे से बिजली गुल, गोंदर, डाचर और औंगद के ग्रामीणों ने राजमार्ग किया जाम
निसिंग। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के चलते क्षेत्र के गोंदर, डाचर और औंगद गांवों में करीब 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे ग्रामीणों ने गुरुद्वारा चौक पर स्टेट हाईवे जाम कर दिया। बिजली निगम व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गईं।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं आने से घरों में पेयजल संकट खड़ा हो गया है। लोगों के साथ पशुओं के लिए भी पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है। छोटे बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। निसिंग के वार्ड-13 में भी लोग बाल्टियां लेकर इधर-उधर से पानी लाने को मजबूर हुए। सूचना मिलने पर डीएसपी संदीप कुमार और थाना प्रभारी कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बहाल करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों की समस्या के समाधान के प्रयास किए गए।
लोगों में रोष, सरकारी कार्यालयों, बैंकों और कारोबार पर पड़ा असर
असंध। असंध शहर में बिजली-पानी संकट गहरा गया। आपूर्ति बाधित रहने से आमजन को परेशानी झेलनी पड़ी। शहर में बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी और थाना प्रभारी राजेश कुमार रातभर गश्त करते रहे। देर रात निजी बिजली मैकेनिकों की मदद से कुछ क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल की गई। शुक्रवार सुबह फिर बिजली आपूर्ति बंद होने से परेशानी बढ़ गई।
तरावड़ी में पानी आपूर्ति न होने से स्कूल नहीं जा पाए बच्चे
तरावड़ी। बिजली कर्मचारियों की हड़ताल के बीच तरावड़ी में करीब 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोग परेशान रहे। घरों की पानी की टंकियां खाली हो गईं। इन्वर्टर जवाब दे गए। पानी की कमी के कारण कई बच्चे स्कूल नहीं जा सके। लोगों को पीने का पानी बाजार से खरीदना पड़ा। लोगों ने बताया कि हेल्पलाइन पर शिकायतें देने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। संवाद

शहर में बिजली गुल होने से बाजार सूने हुये। संवाद

शहर में बिजली गुल होने से बाजार सूने हुये। संवाद