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Karnal News: पोर्टल बाधित, खरीद ठप, किसानों ने लगाया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Oct 2023 02:32 AM IST
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Portal disrupted, procurement stalled, farmers blocked
- पांच घंटे तक घरौंडा में गेट पास न कटने पर हंगामा, निसिंग में कैथल राजमार्ग पर डटे किसान, इंद्री में गढ़ी-बीरबल मार्ग पर डेढ़ घंटे दिया धरना
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- किसान बोले- पांच दिन से बाधित है धान खरीद, पीआर के नहीं मिल रहे पूरे दाम



माई सिटी रिपोर्टर

करनाल। जिले की अनाज मंडियों में धान खरीद व्यवस्था नहीं सुधर रही है। कहीं पीआर धान का सही दाम नहीं मिल रहा तो कहीं गेटपास के लिए बनाया गया पोर्टल खामियों के कारण अटका है। ऐसे में खरीद का कार्य लगभग ठप है। कई दिनों से परेशानी झेल रहे किसानों ने शनिवार को सड़कों पर उतरकर रोष जताया। निसिंग में करनाल-कैथल राजमार्ग पर करीब पौने घंटे तक जाम लगाया गया। वहीं, इंद्री में गढ़ीबीरबल मार्ग पर डेढ़ घंटे तक किसानों ने ट्रालियां सड़क पर अड़ाकर जाम लगाया। घरौंडा में लगातार पांच घंटे से गेट पास न कटने पर किसानों ने हंगामा किया। नीलोखेड़ी में भी अव्यवस्था से परेशान किसानों ने नारेबाजी की। इधर, प्रशासन का दावा है कि व्यवस्था को सुचारू बनाया जा रहा है। आगामी दिनों में किसानों को परेशानी नहीं आने देंगे। तकनीकी खामी के कारण गेटपास का पोर्टल बाधित रहा। ब्यूरो

सड़क पर अड़ाई ट्रैक्टर ट्रालियां

इंद्री। अनाज मंडी के ब्याना सब यार्ड में शनिवार को धान खरीद शुरू नहीं होने पर नाराज आढ़तियों व किसानों ने करनाल-यमुनानगर वाया गढ़ी बीरबल मार्ग पर ट्रैक्टर ट्रॉली अड़ाकर करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगाया। किसान व व्यापारी अनाज मंडी में करीब 11 बजे एकत्रित हुए व यमुनानगर मार्ग की ओर रुख किया। जहां किसानों ने सड़क पर ट्रॉली लगाकर जाम लगा दिया। साढ़े 12 बजे मार्केट कमेटी सचिव दीपक सुहाग मौके पर पहुंचे और खरीद का आश्वासन देकर किसानों को शांत किया।
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किसानों व आढ़तियों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि करीब पिछले पांच दिनों से धान खरीद सुचारू रूप से नहीं हो रही है। किसान फसल लेकर मंडी में पड़ा है, लेकिन नमी अधिक बताकर मिलर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। राजेश कुमार, बलबीर सिंह, रामसिंह और सुरेश आदि किसानों का कहना है कि स्थानीय राइस मिलों की क्षमता बढ़ाई जाए। मंडी सचिव ने कहा कि सरकार की ओर स्थानीय राइस मिलों का कोटा बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा कुछ बाहरी राइस मिल भी मंडी से धान खरीद का कार्य करेंगे। जिसके बाद किसानों को परेशानी नहीं होगी। संवाद
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पीआर धान का नहीं मिल रहा एमएसपी
संवाद न्यूज एजेंसी

घरौंडा। मार्केट कमेटी का सर्वर बंद होने के कारण गेटपास नहीं कट रहे हैं। मंडी गेट के बाहर ट्रैक्टर-ट्रालियों की लंबी लाइनें लगी हैं। नेशनल हाईवे से लेकर शहर की सड़कों तक जाम के हालात हैं। गेटपास के लिए किसानों को चार से पांच घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार सुबह करीब 11 बजे के बाद से मार्केटिंग बोर्ड के सर्वर में आई तकनीकी खामी के कारण पोर्टल ने काम करना बंद कर दिया। फसल लेकर मंडी पहुंचे किसानों को मंडी के गेट पर प्रवेश के लिए गेट पास नहीं मिला। लिहाजा मंडी के बाहर धान से भरी ट्रैक्टर ट्रालियों की लंबी कतारें लग गई। गेट पास न मिलने से भड़के किसानों ने हंगामा किया। किसानों का आरोप है कि पोर्टल बंद होने के कारण उन्हें गेटपास नहीं मिल रहे और बिना गेट पास के वे मंडी में दाखिल नहीं हो सकते। किसानों ने आरोप लगाया कि पीआर धान का एमएसपी उन्हें नहीं मिल रहा। आढ़ती फसल में नमी की मात्रा अधिक बता कर प्रति क्विंटल 200 से 300 रुपये तक काट रहे हैं। बीते दो दिनों में मंडी में धान के भाव कम हुए हैं और पीआर 26 वेरायटी की खरीद बहुत कम हो रही है।

एसडीएम के आश्वासन पर माने किसान
संवाद न्यूज एजेंसी

निसिंग। अनाज मंडी में पीआर धान एमएसपी पर खरीद न होने से परेशान किसानों ने सांभली रोड के सामने करनाल-कैथल राजमार्ग पर पौने घंटे तक जाम लगाया। करीब 12:15 बजे किसान सड़क पर डट गए। जिससे वाहनों की कतारें लग गई। जाम की सूचना पाकर डीएसपी सुरेश कुमार, थाना प्रभारी जंगशेर सिंह मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान नहीं माने।

शासन व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उसके बाद एसडीएम अनुभव मेहता ने पहुंच किसानों को समझाया और करीब एक बजे जाम खोला। एसडीएम अनुभव मेहता ने डीएफएससी अनिल व किसानों को साथ लेकर अनाज मंडी पर पीआर धान की खरीद शुरू करवाई और खरीद एजेंसियों के निरीक्षकों व राइस मिलर को बुलाकर धान को एमएसपी पर खरीद करने की बात कही। उसके बाद किसान व किसान नेता शांत हुए।

करीब पांच दिनों से मंडी में धान की खरीद नहीं होने के कारण किसानों ने मार्केट कमेटी गेट बंद कर दिया था। शुक्रवार को फिर गेट के सामने धरने पर बैठ गए। किसानों का कहना है कि जब तक खरीद शुरू नहीं होगी तब तक किसान धरने पर रहेंगे। किसानों ने कहा कि यदि शनिवार को 11 बजे सुबह तक खरीद शुरू नहीं की गई तो कमेटी गेट के सामने धान की ट्राली खाली कर देंगे। जिससे कमेटी में प्रवेश बंद हो जाएगा। सुबह मंडी में खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों ने जाम लगा दिया। हालांकि मंडी में किसानों को समझने बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक पहुंचे। इधर, परेशान किसान मार्केट कमेटी कार्यालय का गेट बंद कर शुक्रवार से धरने पर बैठे हैं। शनिवार सुबह किसान अमृत पाल बुग्गा सुबह से भूख हड़ताल पर बैठे।

किसान बोले, पहले मौसम की मार, अब दाम में कटौती

नीलोखेड़ी। धान का उचित दाम न मिलने से खफा किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। किसानों का आरोप है कि राइस मिलर और आढ़तियों की मिलीभगत के चलते धान अनाज मंडी में कई दिनों से पड़ी है। जिसके चलते किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। आढ़ती और मिलर चांदी कूट रहे हैं। सरकारी दाम 2203 रुपये प्रति क्विंटल होने के बावजूद किसानों को 1950 तक में बेचना पड़ रहा है।


सीधपुर के किसान पवन कुमार, पधाना के संजीव राणा, नीलोखेड़ी के पवन शर्मा और सुमन कुमार ने बताया कि सरकारी नियमों की आढ़ में राइस मिलर और धान औने-पौने दाम पर खरीद रहे हैं। मार्केट कमेटी सचिव अजय संधु ने बताया कि धान खरीदने के लिए सरकार द्वारा तय मापदंडों के अनुसार ही हैफेड और खाद्य आपूर्ति विभाग धान खरीद रहे हैं। यदि किसी किसान की फसल कम दाम में बिकती है अथवा फसल बेचने में कोई परेशानी हो रही तो किसान निसंकोच कार्यालय में आकर अपनी शिकायत दे सकते हैं। संवाद
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