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किसान ही नहीं सरकारी विभाग भी कचरा जलाने में पीछे नहीं
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पर्यावरण प्रदूषण को लेकर मचे बवाल पर किसानों पर पराली जलाने का दोष तो मढ़ा ही जा रहा है, लेकिन सरकार के विभाग भी प्रदूषण फैलाने में किसी लिहाज से पीछे नहीं। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की सख्ती और कचरे में आग लगाने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान जैसे नियम भी कचरा जलने की प्रक्रिया को रोक नहीं पा रहे। खेतों में जलने वाली पराली पर सेटेलाइट की नजर है जिसका आंकड़ा लगातार मिल रहा है। शहर में जलने वाले कचरे को पकड़ने का एक भी मामला नगर निगम के पास नहीं, जबकि कदम-कदम पर कचरा जलता देखा जा सकता है। शुक्रवार को अमर उजाला की टीम ने शहर का मुआयना किया तो कई स्थानों पर कचरे को जलाते हुए पाया गया।
करनाल जिले में पिछले छह दिन से वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा हुआ है। शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 407 पर आंका गया। चौथे दिन शुक्रवार को भी आसमान में स्मॉग छाई रही। जिस कारण सुबह दृृश्यता कम हुई। दिन में भी आसमान में प्रदूषण की छाया बरकरार है। अभी कई दिन इसके छंटने के आसार नहीं लग रहे। एयर क्वालिटी इंडेक्स 2.5पीएम का स्तर शाम पांच बजे औसतन 407, न्यूनतम 315 व अधिकतम 465 आंका गया। 10-पीएम का स्तर औसतन 372, न्यूनतम 191 व अधिकतम 455 आंका गया। यह फिजा सांस लेने के लिए खतरनाक मानी जाती है।
तारकोल प्लांट बंद करने के दिए आदेश
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ शैलेंद्र अरोड़ा का कहना है कि गुड़गांव, फरीदाबाद, बहादुरढ़, सोनीपत व पानीपत में कोयला से चलने वाले उद्योग बंद करवा दिए गए हैं। करनाल जिले में तारकोल प्लांट बंद करने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि बर्निंग पर एक्शन लें। पराली जलने पर एफआइआर की रिपोर्ट मांगी जा रही है। शहर में कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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छह कर्मचारी शहर में कर रहे जांच
नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र चोपड़ा का कहना है कि निगम की छह कर्मचारियों की टीम सुबह शहर में जांच के लिए निकलती है, ताकि कचरा जलाने वालों को मौके पर पकड़ा जा सके और घटना का फोटो लिया जा सके। दो दिन पहले हुडा के अधीन क्षेत्र में महिला कर्मचारी को कचरा जलाते देखा गया। उसकी रिपोर्ट ईओ हुडा को भेजी गई है। नगर निगम का कोई कर्मचारी कचरे में आग नहीं लगाता।
शहर को चार जोन में बांट सड़कों किनारे कर रहे छिड़काव
पानी छिड़काव के लिए नगर निगम को चार जोन में बांटा गया है। पानी के टैंकर की व्यवस्था की है। जोन नंबर एक में ताऊ देवीलाल चौक से शुगर मिल तक, आईटीआई चौक से बुढ़ाखेड़ा व प्रीतमपुरा तक, जोन नंबर दो में रणबीर हुड्डा चौक से कमेटी चौक, रामगढ़िया चौक व रेलवे स्टेशन तक, भगवाड़िया गैस एजेंसी से हांसी चौक रामगढ़िया चौक तक, कमेटी चौक से बस स्टैंड, अंबेडकर चौक से अग्रसेन चौक तक, मीरा घाटी चौक से जाटों गेट, जुंडला गेट, नावल्टी सिनेमा तक, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से अंबेडकर चौक, गांधी चौक से मटका चौक तक सड़कों किनारे प्रतिदिन पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
जोन नंबर तीन में कैथल पुल से गुरूनानकपुरा तक, काछवा पुल से पाल नगर तक तथा जोन नंबर चार में सेक्टर 12 व 13 डिवाइडर व हुडा कार्यालय तक, सेक्टर 13-14 का डिवाइडर व सेक्टर छह व सात सांई मंदिर तक, सेक्टर सात व आठ का डिवाइडर से नूर महल चौक तक, नूर महल चौक से सांई मंदिर मेरठ रोड तक, सेक्टर नौ की मार्केट से ऊधम सिंह चौक तक व अटल पार्क मेन रोड के किनारे टैंकर से पानी छिड़कवाया जा रहा है ताकि धूल-मिट्टी ना उड़े।
पेड़ के पत्ते जलाने का मामला पकड़ा
नगर निगम की टीम ने जरनैली कॉलोनी क्षेत्र में प्रताप पब्लिक स्कूल के समीप स्कूल के कर्मचारी को पेड़ों के पत्तों में आग लगाते उसका फोटो लिया। बुधवार को निगम की टीम जांच पर थी। उसी दौरान स्कूल का सफाई कर्मचारी ऐसा करते पाया गया। नगर निगम की ओर से स्कूल प्रबंधन को चालान भेजा जाएगा और जुर्माना किया जाएगा। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर का कहना है कि सोमवार को नोटिस भेजा जाएगा।
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करनाल जिले में पिछले छह दिन से वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्थिति में पहुंचा हुआ है। शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स 407 पर आंका गया। चौथे दिन शुक्रवार को भी आसमान में स्मॉग छाई रही। जिस कारण सुबह दृृश्यता कम हुई। दिन में भी आसमान में प्रदूषण की छाया बरकरार है। अभी कई दिन इसके छंटने के आसार नहीं लग रहे। एयर क्वालिटी इंडेक्स 2.5पीएम का स्तर शाम पांच बजे औसतन 407, न्यूनतम 315 व अधिकतम 465 आंका गया। 10-पीएम का स्तर औसतन 372, न्यूनतम 191 व अधिकतम 455 आंका गया। यह फिजा सांस लेने के लिए खतरनाक मानी जाती है।
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तारकोल प्लांट बंद करने के दिए आदेश
प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के एसडीओ शैलेंद्र अरोड़ा का कहना है कि गुड़गांव, फरीदाबाद, बहादुरढ़, सोनीपत व पानीपत में कोयला से चलने वाले उद्योग बंद करवा दिए गए हैं। करनाल जिले में तारकोल प्लांट बंद करने के निर्देश दिए हैं। सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि बर्निंग पर एक्शन लें। पराली जलने पर एफआइआर की रिपोर्ट मांगी जा रही है। शहर में कूड़ा जलाने वालों पर कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।
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छह कर्मचारी शहर में कर रहे जांच
नगर निगम के चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सुरेंद्र चोपड़ा का कहना है कि निगम की छह कर्मचारियों की टीम सुबह शहर में जांच के लिए निकलती है, ताकि कचरा जलाने वालों को मौके पर पकड़ा जा सके और घटना का फोटो लिया जा सके। दो दिन पहले हुडा के अधीन क्षेत्र में महिला कर्मचारी को कचरा जलाते देखा गया। उसकी रिपोर्ट ईओ हुडा को भेजी गई है। नगर निगम का कोई कर्मचारी कचरे में आग नहीं लगाता।
शहर को चार जोन में बांट सड़कों किनारे कर रहे छिड़काव
पानी छिड़काव के लिए नगर निगम को चार जोन में बांटा गया है। पानी के टैंकर की व्यवस्था की है। जोन नंबर एक में ताऊ देवीलाल चौक से शुगर मिल तक, आईटीआई चौक से बुढ़ाखेड़ा व प्रीतमपुरा तक, जोन नंबर दो में रणबीर हुड्डा चौक से कमेटी चौक, रामगढ़िया चौक व रेलवे स्टेशन तक, भगवाड़िया गैस एजेंसी से हांसी चौक रामगढ़िया चौक तक, कमेटी चौक से बस स्टैंड, अंबेडकर चौक से अग्रसेन चौक तक, मीरा घाटी चौक से जाटों गेट, जुंडला गेट, नावल्टी सिनेमा तक, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस से अंबेडकर चौक, गांधी चौक से मटका चौक तक सड़कों किनारे प्रतिदिन पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
जोन नंबर तीन में कैथल पुल से गुरूनानकपुरा तक, काछवा पुल से पाल नगर तक तथा जोन नंबर चार में सेक्टर 12 व 13 डिवाइडर व हुडा कार्यालय तक, सेक्टर 13-14 का डिवाइडर व सेक्टर छह व सात सांई मंदिर तक, सेक्टर सात व आठ का डिवाइडर से नूर महल चौक तक, नूर महल चौक से सांई मंदिर मेरठ रोड तक, सेक्टर नौ की मार्केट से ऊधम सिंह चौक तक व अटल पार्क मेन रोड के किनारे टैंकर से पानी छिड़कवाया जा रहा है ताकि धूल-मिट्टी ना उड़े।
पेड़ के पत्ते जलाने का मामला पकड़ा
नगर निगम की टीम ने जरनैली कॉलोनी क्षेत्र में प्रताप पब्लिक स्कूल के समीप स्कूल के कर्मचारी को पेड़ों के पत्तों में आग लगाते उसका फोटो लिया। बुधवार को निगम की टीम जांच पर थी। उसी दौरान स्कूल का सफाई कर्मचारी ऐसा करते पाया गया। नगर निगम की ओर से स्कूल प्रबंधन को चालान भेजा जाएगा और जुर्माना किया जाएगा। चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर का कहना है कि सोमवार को नोटिस भेजा जाएगा।