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वीडियो में लेन देन करते दिखे जेई और ठेकेदारों पर पुलिस की नजर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 02:12 AM IST
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Police eyes on JE and contractors seen doing transactions in the video
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नगर निगम के एसई दीपक किग्गर की गिरफ्तारी के बाद निगम अधिकारियों और कर्मचारियों में भी हड़कंप मचा है, क्योंकि एसई से पूछताछ में कब से कमीशनखोरी का खेल चल रहा था। एसई किन्हें रिश्वत में से हिस्सा देता था और किन-किन ठेकेदारों या अन्य लोगों से रिश्वत लेता था इसका खुलासा हो सकता है।
32 वीडियो में से 19 में एसई रुपये लेते देखाई दे रहा है। इसमें कई जेई और ठेकेदार भी दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पुलिस की अब जेई और ठेकेदारों पर भी नजर है। पुलिस पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि एसई रोजाना 70 से 80 हजार रुपये कमीशन और घूस के रूप में कमाते थे। विकास कार्य से संबंधित हर फाइल पर उनका कमीशन फिक्स था। बिना कमीशन के कोई भी फाइल आगे नहीं बढ़ती थी। पिछले दिनों रिमांड के दौरान एसई के पीए विकास शर्मा ने भी कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के खेल को उजागर किया था। जांच में सामने आया कि हर फाइल में एसई की आधा प्रतिशत कमीशन तय थी। पीए विकास के जरिये ही उनका कमीशन का खेल चलता था। वही कमीशन को लेकर गुणाभाग करता था। हर फाइल पीए के जरिये ही एसई तक पहुंचती थी, इसमें वह फाइल में बिल और टेंडर की राशि का हिसाब लगाता था। कमीशन की राशि देने के बाद ही फाइल आगे बढ़ती थी। विकास कार्यों के नाम पर उनकी रिश्वत तय थी जो ठेेकेदार या अन्य लोग रिश्वत नहीं देते थे, उनकी फाइल पास नहीं करता था।
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रिमांड के दौरान करीब एक साल तक कार्यरत रहे एसई के पीए विकास शर्मा ने भी खुलासा किया था कि उसे हर फाइल पर 500 से एक हजार रुपये तक खर्चे के रूप में दिए जाते थे। जिन 32 वीडियो की एडीसी योगेश कुमार ने जांच की है, उनमें से 19 वीडियो में एसई रुपये लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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कई साल से करनाल में कार्यरत था एसई
एसई कई साल से करनाल में कार्यरत था। ढाई महीने की 32 वीडियो रिकॉर्डिंग में साफ नजर आ रहा है कि आरोपी एक-एक काम के लाखों रुपये लेता था। आरोपी के पुलिस गिरफ्त में आने के बाद अब नगर निगम और स्मार्ट सिटी में भी बड़े भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हो सकता है।
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