{"_id":"4c72d2f3480ae3f02853dd98fd177ff2","slug":"poeple-annoyed-over-employee-protest","type":"story","status":"publish","title_hn":"हड़ताल के विरोध में उतरी 42 संस्थाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताल के विरोध में उतरी 42 संस्थाएं
करनाल
Updated Fri, 24 Jan 2014 12:24 AM IST
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विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की तीन दिवसीय राज्य स्तरीय हड़ताल के दौरान बिजली-पानी उपलब्ध नहीं होने के कारण शहर के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
शहर के करीब 42 संस्थाओं के पदाधिकारियों ने विधायक सुमिता सिंह के न्यायपुरी स्थित आवास पर पहुंच कर कड़ी नाराजगी जताई। संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले चार दिनों से जनता बेहाल है। सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। कर्मचारियों ने हड़ताल कर बिजली-पानी बाधित कर दिया। इससे शहर की जनता बुरी तरह प्रभावित है।
उन्होंने विधायक से अपील की कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक उन लोगों की आवाज पहुंचा कर राहत दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि हमें बिजली और पानी चाहिए। सरकार चाहे कर्मियों से टकराव रखे, लेकिन लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में बाधा कतई बर्दाश्त नहीं होगी। गौरतलब है कि हड़ताल के कारण नौकरीपेेशे वाले लोगों, महिलाओं और सबसे अधिक स्कूली बच्चों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
वीरवार को सामाजिक नवचेतना मंच के तत्वावधान में करनाल की लगभग 42 समाजसेवी संस्थाओं ने पहले कमेटी चौक और उसके बाद करनाल क्लब में बैठक कर हड़ताल पर चर्चा की। चर्चा के दौरान सामने आया कि जिले भर के लाखों लोग हड़ताल बेहाल हैं।
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बिजली और पानी की सप्लाई बाधित होने से कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो रही है। अधिकारी बिजली-पानी की सप्लाई देने के झूठे दावे कर रहे हैं। जबकि किसी मोहल्ले में अधिकारियों ने पहुंच कर लोगों की तकलीफ महसूस नहीं की है। अधिकारियों और राजनीतिक लोगों के घरों में तमाम व्यवस्था सुचारु होने से पूरे जिले के लाखों लोगों को राहत नहीं मिलती है।
तीन दिन से आधे जिले में ब्लैक आउट
करनाल में ही करीब डेढ़ से दो लाख लोग बिजली पानी की दिक्कत से परेशान हैं। पिछले तीन दिन से आधे जिले में ब्लैक आउट के हालात हैं और नेता और अधिकारी आराम से सो रहे हैं।
लोग सुविधा का पैसा देते हैं। उन लोगों की समस्या अभी तक जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री को नहीं भेजी गई है। इस अवसर पर सिटीजन ग्रेवेसिंज कमेटी के एपीएस चोपड़ा, संदीप लाठर, प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा और महासचिव महेश शर्मा, भारत विकास परिषद के कृष्ण अरोड़ा, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जेएस बेदी, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के रूप नारायण चांदना, व्यापार मंडल के जेआर कालड़ा, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के परमजीत सिंह, लाज कर्ण के इंद्रजीत धमीजा, केके पासी, पर्यावरण समिति के एसडी अरोड़ा, रविंद्र जून, ओपी सचदेवा, एडवोकेट राजेश शर्मा, जागरूक मंच के अमनदीप खालसा, सतीश पांचाल, नरसिंह कांबोज, गुलाब सिंह पोसवाल, अमन सिंह लबाना, दून ग्रुप के कुलजिंद्र मोहन सिंह बाठ, बालाजी एजुकेशन के जगदीश अरोड़ा, लाला लाजपतराय रेजीमेंट के वजीरचंद, सतीश कुमार, पीआर नाथ, संजीव नरवाल समेत काफी लोगों ने कड़ा लहजा अपनाते कहा कि लोगों की तीन दिन से फजीहत हो रही है। शहर की विधायक और प्रशासन बेपरवाह है। शिकायत करने पहुंचे लोगों को विधायक ने बैठा कर सबकुछ सिलसिलेवार जाना।
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शहर के करीब 42 संस्थाओं के पदाधिकारियों ने विधायक सुमिता सिंह के न्यायपुरी स्थित आवास पर पहुंच कर कड़ी नाराजगी जताई। संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले चार दिनों से जनता बेहाल है। सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है। कर्मचारियों ने हड़ताल कर बिजली-पानी बाधित कर दिया। इससे शहर की जनता बुरी तरह प्रभावित है।
उन्होंने विधायक से अपील की कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा तक उन लोगों की आवाज पहुंचा कर राहत दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि हमें बिजली और पानी चाहिए। सरकार चाहे कर्मियों से टकराव रखे, लेकिन लोगों को मिलने वाली सुविधाओं में बाधा कतई बर्दाश्त नहीं होगी। गौरतलब है कि हड़ताल के कारण नौकरीपेेशे वाले लोगों, महिलाओं और सबसे अधिक स्कूली बच्चों को परेशानियां उठानी पड़ रही हैं।
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वीरवार को सामाजिक नवचेतना मंच के तत्वावधान में करनाल की लगभग 42 समाजसेवी संस्थाओं ने पहले कमेटी चौक और उसके बाद करनाल क्लब में बैठक कर हड़ताल पर चर्चा की। चर्चा के दौरान सामने आया कि जिले भर के लाखों लोग हड़ताल बेहाल हैं।
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बिजली और पानी की सप्लाई बाधित होने से कोई दूसरी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो रही है। अधिकारी बिजली-पानी की सप्लाई देने के झूठे दावे कर रहे हैं। जबकि किसी मोहल्ले में अधिकारियों ने पहुंच कर लोगों की तकलीफ महसूस नहीं की है। अधिकारियों और राजनीतिक लोगों के घरों में तमाम व्यवस्था सुचारु होने से पूरे जिले के लाखों लोगों को राहत नहीं मिलती है।
तीन दिन से आधे जिले में ब्लैक आउट
करनाल में ही करीब डेढ़ से दो लाख लोग बिजली पानी की दिक्कत से परेशान हैं। पिछले तीन दिन से आधे जिले में ब्लैक आउट के हालात हैं और नेता और अधिकारी आराम से सो रहे हैं।
लोग सुविधा का पैसा देते हैं। उन लोगों की समस्या अभी तक जनप्रतिनिधि ने मुख्यमंत्री को नहीं भेजी गई है। इस अवसर पर सिटीजन ग्रेवेसिंज कमेटी के एपीएस चोपड़ा, संदीप लाठर, प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा और महासचिव महेश शर्मा, भारत विकास परिषद के कृष्ण अरोड़ा, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के जेएस बेदी, चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के रूप नारायण चांदना, व्यापार मंडल के जेआर कालड़ा, प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन के परमजीत सिंह, लाज कर्ण के इंद्रजीत धमीजा, केके पासी, पर्यावरण समिति के एसडी अरोड़ा, रविंद्र जून, ओपी सचदेवा, एडवोकेट राजेश शर्मा, जागरूक मंच के अमनदीप खालसा, सतीश पांचाल, नरसिंह कांबोज, गुलाब सिंह पोसवाल, अमन सिंह लबाना, दून ग्रुप के कुलजिंद्र मोहन सिंह बाठ, बालाजी एजुकेशन के जगदीश अरोड़ा, लाला लाजपतराय रेजीमेंट के वजीरचंद, सतीश कुमार, पीआर नाथ, संजीव नरवाल समेत काफी लोगों ने कड़ा लहजा अपनाते कहा कि लोगों की तीन दिन से फजीहत हो रही है। शहर की विधायक और प्रशासन बेपरवाह है। शिकायत करने पहुंचे लोगों को विधायक ने बैठा कर सबकुछ सिलसिलेवार जाना।