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शहीदों के सम्मान के लिए सांसद निवास पर धरना
करनाल
Updated Sat, 08 Feb 2014 11:59 PM IST
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शहीद स्मारकों, शहीद प्रतिमाओं के रखरखाव, सम्मान व सुरक्षा के लिए अलग से प्रकोष्ठ बनाने और शहीद संग्रहालय के लिए जमीन देने की मांग पर प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति ने शनिवार को सांसद डा. अरविंद शर्मा के निवास पर धरना दिया।
समिति के सदस्यों ने इस दौरान शहीद शचिंद्रनाथ सान्याल के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। धरने का नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा व वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य महेश अघी ने किया। अरोड़ा ने कहा कि आज हम जिन शहीदों के बलिदान व स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों से खुली हवा में सांस ले रहे हैं। लेकिन देशभक्तों की प्रतिमाएं सरकार एवं प्रशासन की अनदेखी का शिकार होकर अपमानित हो रही हैं।
अनेकों प्रतिमाएं तो खंडित होने के कगार पर हैं, लेकिन प्रशासन व सरकार का प्रतिमाओं के रखरखाव सम्मान व सुरक्षा के प्रति सदैव नकारात्मक रवैया रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं हमारे देश के इतिहास की धरोहर हैं और उन्हें देखकर युवा व भावी पीढ़ी प्रोत्साहित होकर उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा लेती है।
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उन्होंने कहा कि समिति पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता सेनानी सम्मान संग्रहालय की जगह के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि शहीदों की प्रतिमाओं के लिए अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाए। समिति द्वारा इसके लिए बार-बार मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि समिति इन मांगों के लिए तब तक संघर्षरत रहेगी जब तक यह मांगें पूरी नहीं होंगी।
महेश अघी ने कहा कि शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान राष्ट्र की शान है। सरकार को समिति की मांगों पर विचार करे। मौके पर ओपी सचदेवा, विनोद जैन, निर्मल फुल्ले, कांता शर्मा, गुलाब सिंह पोसवाल, ताराचंद सैनी, सुरेंद्र सिंह पहलवान, मोहित नागपाल, जगदीश अरोड़ा, अमन सिंह लभाना, वजीर चंद मैहता, वासुदेव गौतम, सुखवंत सिंह बेदी, संतोष तेजान, अनिल, सरबजीत सिंह चट्ठा, सतीश राणा, सुलतान सिंह और मुनीष वधवा मौजूद थे।
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समिति के सदस्यों ने इस दौरान शहीद शचिंद्रनाथ सान्याल के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। धरने का नेतृत्व समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा व वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य महेश अघी ने किया। अरोड़ा ने कहा कि आज हम जिन शहीदों के बलिदान व स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों से खुली हवा में सांस ले रहे हैं। लेकिन देशभक्तों की प्रतिमाएं सरकार एवं प्रशासन की अनदेखी का शिकार होकर अपमानित हो रही हैं।
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अनेकों प्रतिमाएं तो खंडित होने के कगार पर हैं, लेकिन प्रशासन व सरकार का प्रतिमाओं के रखरखाव सम्मान व सुरक्षा के प्रति सदैव नकारात्मक रवैया रहा है। उन्होंने कहा कि शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों की प्रतिमाएं हमारे देश के इतिहास की धरोहर हैं और उन्हें देखकर युवा व भावी पीढ़ी प्रोत्साहित होकर उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा लेती है।
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उन्होंने कहा कि समिति पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता सेनानी सम्मान संग्रहालय की जगह के लिए संघर्ष कर रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं है। उन्होंने कहा कि शहीदों की प्रतिमाओं के लिए अलग से प्रकोष्ठ बनाया जाए। समिति द्वारा इसके लिए बार-बार मांग की जाती है। उन्होंने कहा कि समिति इन मांगों के लिए तब तक संघर्षरत रहेगी जब तक यह मांगें पूरी नहीं होंगी।
महेश अघी ने कहा कि शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान राष्ट्र की शान है। सरकार को समिति की मांगों पर विचार करे। मौके पर ओपी सचदेवा, विनोद जैन, निर्मल फुल्ले, कांता शर्मा, गुलाब सिंह पोसवाल, ताराचंद सैनी, सुरेंद्र सिंह पहलवान, मोहित नागपाल, जगदीश अरोड़ा, अमन सिंह लभाना, वजीर चंद मैहता, वासुदेव गौतम, सुखवंत सिंह बेदी, संतोष तेजान, अनिल, सरबजीत सिंह चट्ठा, सतीश राणा, सुलतान सिंह और मुनीष वधवा मौजूद थे।