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Karnal News: अब डिब्बा देखते ही समझ जाएंगे मिठाई खराब तो नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 Nov 2023 02:31 AM IST
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Now as soon as you see the box you will know whether the sweets are bad or not....
- एनडीआरआई करनाल के वैज्ञानिकों ने तैयार की तकनीक, डिब्बे पर लगा पेपर स्ट्रिप बदलेगा रंग
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देव शर्मा
करनाल। अब मिठाई का डिब्बा देखते ही समझ जाएंगे कि मिठाई खाने योग्य है या खराब हो चुकी है। इससे मिठाई के शौकीनों की सेहत भी ठीक रहेगी, साथ ही दुकानदारों को भी शुद्ध मिठाई बेचने में आसानी होगी। ये तकनीक राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआई) ने विकसित की है।
संस्थान की ओर से इस तकनीक पर आधारित पेपर स्ट्रिप तैयार की गई है, जो पैकिंग यानी मिठाइयों के डिब्बे में लगेगी। जैसे ही डिब्बे के अंदर रखी मिठाई खराब हो डिब्बे के ऊपर से ही दिखने वाली ये स्ट्रिप रंग बदल देगी। डिब्बे पर रंगों की पहचान की जानकारी भी होगी।
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दिवाली, करवा चौथ, भैया दूज, रक्षाबंधन हो या होली, त्योहारों पर खासकर मिठाइयों की भारी मांग होती है। खासकर दुग्ध व खोवा निर्मित मिठाइयां जैसे वर्फी, कतली आदि की तैयारी महीनों पहले से की जाने लगती है। दुकानदार भी इन त्योहारी दिनों के लिए बड़ी मात्रा में मिठाइयां तैयार कराते हैं। अहम बात तो ये है कि जितनी बिक्री होती है, उतनी मिठाइयां एक दिन में तैयार होना मुश्किल होता है तो कुछ दिन पहले से ही मिठाइयां बनवाकर उनका भंडारण किया जाता है। ऐसे में मिठाइयों के खराब होने की संभावना अधिक होती है। इसके साथ-साथ हर साल खाद्य सुरक्षा विभाग जगह- जगह दबिश देता है तो अक्सर ऐसे गोदामों पर भारी मात्रा में मिठाइयां मिलती हैं, जो गंदगी के माहौल में बनाई जाती हैं, जो कि बड़ी संख्या में खराब हो जाती हैं।
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एक्सपायरी से पहले भी खराब हो सकती है मिठाइयां
मिठाइयों के डिब्बों पर सरकार के आदेशानुसार एक्सपायरी डेट लिखी जाती है। ब्रांडेड पैकिंग वाले तो ऐसा करते भी हैं मगर छोटे या मझोले दुकानदार पैकिंग के समय एक्सपायरी डेट भी नहीं डालते हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि दुकानों पर बिक्री के अलावा जो मिठाई लोग खरीद कर घर ले जाते हैं। उदाहरण के तौर पर उनमें यदि 10 दिन की एक्सपायरी डेट लिखी है, लेकिन ये एक्सपायरी डेट एक निश्चित तापमान पर रखे जाने के लिए ही तय होती है। मिठाई का डिब्बा यदि घर ले जाकर और किसी कारण अधिक तापमान में रखा गया तो मिठाई एक्सपायरी डेट से पहले ही खराब हो सकती है। ऐसे में आम आदमी के लिए मिठाई खराब हो चुकी है या नहीं, ये पहचानना काफी मुश्किल हो जाता है। एनडीआरआई की ओर से तैयार पेपर स्ट्रिप लगे डिब्बे में यदि मिठाई खरीदी गई तो एक्सपायरी डेट से पहले खराब मिठाई की भी जानकारी मिल जाएगी।
क्या है तकनीक
एनडीआरआई करनाल की ओर से तैयार की गई तकनीक की पेपर स्ट्रिप डिब्बे में कुछ इस तरह लगेगी, जो मिठाई से टच नहीं होगी, लेकिन मिठाई जब खराब होती है, तो उसके कण ऊपर उठकर पेपर स्ट्रिप से टकराएंगे तो उसके आधार पर ही स्ट्रिप रंग बदलना शुरू कर देगी। पहले पीले रंग की होगी तो मिठाई खराब होने पर गहरे भूरे रंग की हो जाएगी, जो संकेत होगा कि डिब्बे के अंदर जो मिठाई है, वह खराब हो चुकी है और खाने योग्य नहीं है। इसके लिए डिब्बा खोलकर देखने की जरूरत नहीं है। यदि डिब्बा दुकान पर है, खरीदारी से पहले ही रंग देखकर खराब मिठाई खरीदने से बचा जा सकेगा।

पेपर स्ट्रिप पैकिंग तकनीक तैयार हो चुकी है, इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकेगा। बड़ी कंपनियों से लेकर अन्य मिठाई विक्रेता भी उपयोग कर सकेंगे। इस तकनीक को शीघ्र किसी न किसी को विक्रय कर हस्तांतरित किया जाएगा। इसके बाद ये पेपर स्ट्रिप बाजार में उपलब्ध हो जाएगी। इसके अलावा भी एनडीआरआई ने कई तकनीक विकसित की हैं। 124 प्रौद्योगिकियों का व्यावसायीकरण कर चुका है और 47 आविष्कारों का पेटेंट करा चुका है।
- डॉ.धीर सिंह, निदेशक एनडीआरआई, करनाल
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