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बिन अध्यापक कैसे पढ़ेंगी म्हारी छोरियां

Sun, 22 Dec 2013 11:37 PM IST
अमर उजाला, कैथ्ाल
अमर उजाला, कैथ्ाल Updated Sun, 22 Dec 2013 11:37 PM IST
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no teacher in girls school
कैथल के सबसे बड़े दो राजकीय कन्या स्कूलों में अध्यापकों की कमी से छात्राओं को अब सिलेबस की चिंता सताने लगी है। विभिन्न विषयों के अध्यापक न होने से छात्राओं को कक्षाओं में खाली बैठकर घर लौट जाती है। शहर के बीच में स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय व राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा में दर्जनों की संख्या में अध्यापक-प्राध्यापक न होने से दोनों स्कूलों में हजारों छात्राओं को अलग-अलग विषय में बिना कक्षाएं लगाए लौट जाती हैं।
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इन विषयों के अध्यापकों की है कमी
शहर में स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में फिजिक्स, गणित, केमिस्ट्री, कॉमर्स के अध्यापकों की कमी है। इसी प्रकार से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली अड्डा में गणित, संस्कृति, कॉमर्स, हिंदी, एसएसटी, डीपी अध्यापकों की कमी है।
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अपने बलबूते साइंस की पढ़ाई
विद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने आ रही छात्राआें को बिना अध्यापक के फेल होने का डर सता रहा रहा है। छात्रा मोनिका, रीतु, कविता, ममता, सोनिया, अंकिता, संगीता, रिया, तान्या, शिवानी, शिखा, पूजा, काजल ने बताया कि वे साइंस विषय की छात्राएं हैं उनके पास गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री तीनों विषयों के अध्यापक नहीं है।
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छात्राओं ने बताया बिना अध्यापक वे कक्षाओं में खाली बैठकर लौट जाती हैं। अध्यापक न होने से कई बार विद्यालय के प्रधानाचार्य से भी मिली है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो पाया है। छात्रा सोनिया, मनीषा, योगिता, भावना सैनी, नीरू शर्मा ने बताया कि कॉमर्स व आर्ट्स में कॉमर्स, संस्कृति, हिंदी, एसएसटी, गणित विषय के अध्यापक नहीं है। छात्राओं ने मांग है जल्द से जल्द अध्यापकों का प्रबंध किया जाए ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।


पॉलिसी के चलते अधिकारी मजबूर
इस संदर्भ में खंड शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि अभी 160 प्राध्यापकों की नई भर्ती हुई है, लेकिन पॉलसी के अनुसार प्राध्यापकों को 5 साल तक गांवों में नौकरी करनी पड़ेगी। ऐसे में शहर के बड़े स्कूलों में अध्यापकों की कमी की समस्या फिल्हाल दूर नहीं हो सकती। सरकार पॉलिसी में राहत देती है तो इन्हीं प्राध्यापकों में से कइयों को जरूरत अनुसार शहर के स्कूलों में नियुक्त किया जा सकता है।
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