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उचाना में निगम ने रुकवाया अवैध निर्माण
करनाल
Updated Tue, 17 Sep 2013 10:32 PM IST
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गांव उचाना में जमीन विवाद मंगलवार को गहरा गया। ग्रामीणों की ओर से जमीन पर निर्माण किए जाने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर जा पहुंचा। इसको देख ग्रामीण भड़क गए।
बाद में ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास जमीन की रजिस्ट्री है। इस पर निगम अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि अगर उनके पास कागज हुए तो वे नक्शा पास कर देंगे। मंगलवार को किसी ने निगम अधिकारियों को सूचना दी कि गांव उचाना में ग्रामीणों की ओर से अवैध कब्जा कर उस पर निर्माण किया जा रहा है।
इस पर नगर निगम प्रशासन व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जा पहुंचे। मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, डिप्टी मेयर मनोज वधवा, पार्षद जोगेंद्र चौहान, बलविंदर, ड्यूटी मैजिस्ट्रेट हरिओम अत्री मौके पर पहुंचे। लोगाें ने अधिकारियाें की बात का विरोध किया और कहा कि 1987 में वे बाडे़ के नाम की जगह की रजिस्ट्री करा चुके हैं लेकिन प्रशासन ने उन्हें रजिस्ट्री दिखाने की बात कही।
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प्रशासन का कहना था कि जिन लोगों के पास रजिस्ट्री है। वे अपनी रजिस्ट्री दिखाकर नक्शा पास करा निर्माण कर सकते हैं और जिनके पास नहीं हैं, वे जल्द ही कब्जा की गई जमीन को खाली कर दें। फिलहाल नगर निगम प्रशासन ने उन्हें दस्तावेज दिखाने की बात कहकर निर्माण कार्य रुकवा दिया है।
यदि लोगों ने अपने दस्तावेज पेश नहीं किए तो नगर निगम व प्रशासन कड़े रुख दिखा सकता है। मौके पर पहुंचीं मेयर रेनू बाला गुप्ता ने भी ग्रामीणों से बात की। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने बताया कि उचाना गांव में खाली पड़ी जमीन का पहले से हाईकोर्ट द्वारा स्टे किया हुआ है लेकिन नगर निगम बनने के बाद से स्थानीय ग्रामीणों ने खाली पड़ी जमीन पर अवैध कब्जा करना शुरू कर दिया था।
सूचना मिलते ही नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों को समझाया कि यदि उनके पास जमीन की रजिस्ट्री है तो अपनी रजिस्ट्री दिखाकर निर्माण कर सकते हैं। अभी मामला चल रहा है। जिनके पास रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें जल्द कब्जा छोड़ना होगा।
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बाद में ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास जमीन की रजिस्ट्री है। इस पर निगम अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिया कि अगर उनके पास कागज हुए तो वे नक्शा पास कर देंगे। मंगलवार को किसी ने निगम अधिकारियों को सूचना दी कि गांव उचाना में ग्रामीणों की ओर से अवैध कब्जा कर उस पर निर्माण किया जा रहा है।
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इस पर नगर निगम प्रशासन व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जा पहुंचे। मेयर रेनू बाला गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, डिप्टी मेयर मनोज वधवा, पार्षद जोगेंद्र चौहान, बलविंदर, ड्यूटी मैजिस्ट्रेट हरिओम अत्री मौके पर पहुंचे। लोगाें ने अधिकारियाें की बात का विरोध किया और कहा कि 1987 में वे बाडे़ के नाम की जगह की रजिस्ट्री करा चुके हैं लेकिन प्रशासन ने उन्हें रजिस्ट्री दिखाने की बात कही।
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प्रशासन का कहना था कि जिन लोगों के पास रजिस्ट्री है। वे अपनी रजिस्ट्री दिखाकर नक्शा पास करा निर्माण कर सकते हैं और जिनके पास नहीं हैं, वे जल्द ही कब्जा की गई जमीन को खाली कर दें। फिलहाल नगर निगम प्रशासन ने उन्हें दस्तावेज दिखाने की बात कहकर निर्माण कार्य रुकवा दिया है।
यदि लोगों ने अपने दस्तावेज पेश नहीं किए तो नगर निगम व प्रशासन कड़े रुख दिखा सकता है। मौके पर पहुंचीं मेयर रेनू बाला गुप्ता ने भी ग्रामीणों से बात की। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग ने बताया कि उचाना गांव में खाली पड़ी जमीन का पहले से हाईकोर्ट द्वारा स्टे किया हुआ है लेकिन नगर निगम बनने के बाद से स्थानीय ग्रामीणों ने खाली पड़ी जमीन पर अवैध कब्जा करना शुरू कर दिया था।
सूचना मिलते ही नगर निगम का अमला मौके पर पहुंचा। ग्रामीणों को समझाया कि यदि उनके पास जमीन की रजिस्ट्री है तो अपनी रजिस्ट्री दिखाकर निर्माण कर सकते हैं। अभी मामला चल रहा है। जिनके पास रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें जल्द कब्जा छोड़ना होगा।