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नारायण की गिरफ्तारी की कहानी प्रत्यक्षदर्शी की जुबानी
करनाल
Updated Fri, 06 Dec 2013 12:12 AM IST
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कई राज्यों की पुलिस को 58 दिन से चकमा देने के बाद बुधवार को कुुरुक्षेत्र से पकड़ा गया दुराचार का आरोपी नारायण साईं पिपली में पेट्रोल पंप पर नहीं, जीटी रोड पर एक दुकान के पास दबोचा गया था।
जहां से उसे पुलिस टीम के काफिले सहित पिपली जीटी रोड स्थित नीलकंठ फीलिंग स्टेशन पर लाया गया। यह खुलासा किया है घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी और सिरसिला कॉलोनी के वासी कृष्ण कुमार ने।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में कृष्ण कुमार ने बताया कि घटना की रात वह सिरसिला कॉलोनी से पिपली आ रहा था। कृष्ण कुमार के अनुसार तेज गति से एक गाड़ी एसयूवी 500 लाडवा की ओर बढ़ी। इसके बाद गाड़ी काफी तेजी से अमर कॉलोनी में घुस गई।
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कृष्ण ने बताया कि रुटीन में सड़कों पर रात के समय कई गाड़ियां तेज गति से निकलती हैं, लिहाजा उन्होंने इस पर गौर नहीं किया। लेकिन जब वह थोड़ा आगे बढ़ा तो देखा कि उसी ओर से और चार- पांच गाड़ियां लाडवा रोड की ओर बढ़ती हुई नजर्र आइं। काफिले में शामिल गाड़ियों पर लाल तथा नीली बत्तियां लगी थीं।
कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्हें लगा कि शायद ये गाड़ियां अमर कॉलोनी में घुसी गाड़ी के ही पीछे हैं, मगर बत्ती वाली गाड़ियों का काफिला अमर कॉलोनी में घुसने के बजाय लाडवा की ओर निकल गया। इस दौरान वह वहां कुछ देर के लिए रुके रहे।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें पिपली-जीटी रोड टी प्वाइंट के पास वही एसयूवी गाड़ी एक बार फिर नजर आई। इस दौरान गाड़ी लाडवा रोड से जीटी रोड करनाल की ओर मुड़ गई। लेकिन तब तक पुलिस का काफिला भी इसके काफी करीब पहुंच चुका था।
इस काफिले ने जीटी रोड पर स्थित नीलकंठ पेट्रोल पंप से चंद कदम पहले एक सिगरेट और पान की दुकान के पास एसयूवी गाड़ी को घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी से एक व्यक्ति को बाहर निकाला और उसकी धुनाई की। इसके बाद यह काफिला थोड़ी ही दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचा।
पेट्रोल पंप पर नहीं हुई थी गिरफ्तारी
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार पूरा घटनाक्रम करीबन आधे घंटे का है। साढ़े 11 से पौने बारह बजे के बीच काफिला पेट्रोल पंप पर पहुंचा था। यानी पेट्रोल पंप पर नारायण साईं की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
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जहां से उसे पुलिस टीम के काफिले सहित पिपली जीटी रोड स्थित नीलकंठ फीलिंग स्टेशन पर लाया गया। यह खुलासा किया है घटनाक्रम के प्रत्यक्षदर्शी और सिरसिला कॉलोनी के वासी कृष्ण कुमार ने।
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‘अमर उजाला’ से बातचीत में कृष्ण कुमार ने बताया कि घटना की रात वह सिरसिला कॉलोनी से पिपली आ रहा था। कृष्ण कुमार के अनुसार तेज गति से एक गाड़ी एसयूवी 500 लाडवा की ओर बढ़ी। इसके बाद गाड़ी काफी तेजी से अमर कॉलोनी में घुस गई।
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कृष्ण ने बताया कि रुटीन में सड़कों पर रात के समय कई गाड़ियां तेज गति से निकलती हैं, लिहाजा उन्होंने इस पर गौर नहीं किया। लेकिन जब वह थोड़ा आगे बढ़ा तो देखा कि उसी ओर से और चार- पांच गाड़ियां लाडवा रोड की ओर बढ़ती हुई नजर्र आइं। काफिले में शामिल गाड़ियों पर लाल तथा नीली बत्तियां लगी थीं।
कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्हें लगा कि शायद ये गाड़ियां अमर कॉलोनी में घुसी गाड़ी के ही पीछे हैं, मगर बत्ती वाली गाड़ियों का काफिला अमर कॉलोनी में घुसने के बजाय लाडवा की ओर निकल गया। इस दौरान वह वहां कुछ देर के लिए रुके रहे।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्हें पिपली-जीटी रोड टी प्वाइंट के पास वही एसयूवी गाड़ी एक बार फिर नजर आई। इस दौरान गाड़ी लाडवा रोड से जीटी रोड करनाल की ओर मुड़ गई। लेकिन तब तक पुलिस का काफिला भी इसके काफी करीब पहुंच चुका था।
इस काफिले ने जीटी रोड पर स्थित नीलकंठ पेट्रोल पंप से चंद कदम पहले एक सिगरेट और पान की दुकान के पास एसयूवी गाड़ी को घेर लिया। इसके बाद पुलिस ने गाड़ी से एक व्यक्ति को बाहर निकाला और उसकी धुनाई की। इसके बाद यह काफिला थोड़ी ही दूरी पर स्थित पेट्रोल पंप पर पहुंचा।
पेट्रोल पंप पर नहीं हुई थी गिरफ्तारी
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार पूरा घटनाक्रम करीबन आधे घंटे का है। साढ़े 11 से पौने बारह बजे के बीच काफिला पेट्रोल पंप पर पहुंचा था। यानी पेट्रोल पंप पर नारायण साईं की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।