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लापता दूध वाले की हत्या, शाहाबाद के पास खेतों में मिला शव
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Tue, 14 Jan 2014 12:39 AM IST
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डेढ़ महीने पहले करनाल से लापता दूध का काम करने वाले राजेश का शव शाहाबाद के पास गांव जंदेहड़ी के खेतों से बरामद हुआ है।
थाना शहर पुलिस पहले ही मृतक के भाई की शिकायत पर एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करने के बाद तीन आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल में भेज चुकी है, जबकि वारदात करने वाले दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
बहरहाल, पुलिस ने राजेश के अपहरण के मामले में जेल में बंद दो आरोपियों को रिमांड पर ले लिया है। पुलिस का मानना है कि एक दंपति सहित तीन लोगों ने राजेश का अपहरण कर उसकी हत्या की थी। मृतक और हत्यारे सभी बिहार के रहने वाले हैं।
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से बिहार के जिला समस्तीपुर के गांव बेला का रहने वाला राजेश पिछले काफी समय से रामदेव कॉलोनी के ऋषि नगर में किराए के मकान में रहकर दूध व क्रीम बेचने का काम करता था।
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जिस मकान में राजेश रहता था, उसी मकान में रेनू अपने पति अजय, उसके दो भाइयाें प्रवीन और अनिल के अलावा अजय के गांव के गांव के जितेंद्र के साथ रहती थी। राजेश और रेनू में लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था और रेनू राजेश से शादी करना चाहती थी, लेकिन राजेश ने शादी के लिए मना कर दिया। इसलिए रेनू के मन में राजेश के प्रति नफरत पैदा हो गई।
29 नबंवर 2013 को रेनू, अजय, प्रवीन, अनलि और जितेंद्र राजेश का अपहरण कर अपने साथ शाहबाद ले गए। वहां आरोपियों ने राजेश को अधिक शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया और उसका गला दबाकर हत्या कर शाहबाद के गांव जंदेहड़ी के खेतों में राजेश का शव फेंक दिया।
ऐसे हुई पहचान
दो जनवरी को शाहबाद पुलिस को जंदेहड़ी के ईख के खेत में अज्ञात शव होने की सूचना मिली। पुलिस को मृतक की पैंट की जेब से मोबाइल का सिम मिला और मृतक की बाजू पर राजेश लिखा हुआ था।
शाहाबाद पुलिस ने जांच में पाया कि सिम करनाल से राजेश के नाम पर जारी हुआ था। पुलिस ने सिम के आधार पर थाना शहर पुलिस को राजेश की हत्या की सूचना दी।
थाना शहर पुलिस पहले की राजेश के भाई देबन की शिकायत पर महिला सहित पांच आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर आरोपी जितेंद्र 21 दिसंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर जेल भेज चुकी थी, जबकि बाकी आरोपी फरार थे।
इसी बीच शाहबाद पुलिस ने इतेफाकिया कार्रवाई करने के बाद मृतक के शव का पोस्टमार्टम रोहतक के पीजीआई से करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया।
आरोपी दंपति गिरफ्तार
राजेश की हत्या के खुलासे के बाद थाना शहर पुलिस ने छापेमारी कर रेनू और उसके पति अजय को गिरफ्तार कर लिया, जबकि प्रवीन व अनिल फरार बताए जा रहे हैं। हत्या की पुष्टि होने के बाद अब थाना शहर पुलिस ने जेल में बंद आरोपी जितेंद्र को भी प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद अजय और जितेंद्र को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है।
थाना शहर प्रभारी नायाब सिंह ने बताया कि 30 नवंबर को राजेश के भाई देबन की शिकायत पर राजेश के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। 21 दिसंबर को आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन अब राजेश का शाहाबाद में शव मिलने के बाद बाकी आरोपियों की गिरफ्तार के लिए छापेमारी शुरू कर दी थी। इसमें रेनू और उसके पति अजय को गिरफ्तार कर लिया गया। जेल में बंद जितेंद्र को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद अदालत में पेश कर अजय और जितेंद्र को रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वारदात के दो अन्य आरोपियों प्रवीन और अनिल को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
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थाना शहर पुलिस पहले ही मृतक के भाई की शिकायत पर एक महिला सहित पांच लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करने के बाद तीन आरोपियाें को गिरफ्तार कर जेल में भेज चुकी है, जबकि वारदात करने वाले दो आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
बहरहाल, पुलिस ने राजेश के अपहरण के मामले में जेल में बंद दो आरोपियों को रिमांड पर ले लिया है। पुलिस का मानना है कि एक दंपति सहित तीन लोगों ने राजेश का अपहरण कर उसकी हत्या की थी। मृतक और हत्यारे सभी बिहार के रहने वाले हैं।
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पुलिस के मुताबिक मूलरूप से बिहार के जिला समस्तीपुर के गांव बेला का रहने वाला राजेश पिछले काफी समय से रामदेव कॉलोनी के ऋषि नगर में किराए के मकान में रहकर दूध व क्रीम बेचने का काम करता था।
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जिस मकान में राजेश रहता था, उसी मकान में रेनू अपने पति अजय, उसके दो भाइयाें प्रवीन और अनिल के अलावा अजय के गांव के गांव के जितेंद्र के साथ रहती थी। राजेश और रेनू में लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था और रेनू राजेश से शादी करना चाहती थी, लेकिन राजेश ने शादी के लिए मना कर दिया। इसलिए रेनू के मन में राजेश के प्रति नफरत पैदा हो गई।
29 नबंवर 2013 को रेनू, अजय, प्रवीन, अनलि और जितेंद्र राजेश का अपहरण कर अपने साथ शाहबाद ले गए। वहां आरोपियों ने राजेश को अधिक शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया और उसका गला दबाकर हत्या कर शाहबाद के गांव जंदेहड़ी के खेतों में राजेश का शव फेंक दिया।
ऐसे हुई पहचान
दो जनवरी को शाहबाद पुलिस को जंदेहड़ी के ईख के खेत में अज्ञात शव होने की सूचना मिली। पुलिस को मृतक की पैंट की जेब से मोबाइल का सिम मिला और मृतक की बाजू पर राजेश लिखा हुआ था।
शाहाबाद पुलिस ने जांच में पाया कि सिम करनाल से राजेश के नाम पर जारी हुआ था। पुलिस ने सिम के आधार पर थाना शहर पुलिस को राजेश की हत्या की सूचना दी।
थाना शहर पुलिस पहले की राजेश के भाई देबन की शिकायत पर महिला सहित पांच आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर आरोपी जितेंद्र 21 दिसंबर को गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर जेल भेज चुकी थी, जबकि बाकी आरोपी फरार थे।
इसी बीच शाहबाद पुलिस ने इतेफाकिया कार्रवाई करने के बाद मृतक के शव का पोस्टमार्टम रोहतक के पीजीआई से करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया।
आरोपी दंपति गिरफ्तार
राजेश की हत्या के खुलासे के बाद थाना शहर पुलिस ने छापेमारी कर रेनू और उसके पति अजय को गिरफ्तार कर लिया, जबकि प्रवीन व अनिल फरार बताए जा रहे हैं। हत्या की पुष्टि होने के बाद अब थाना शहर पुलिस ने जेल में बंद आरोपी जितेंद्र को भी प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद अजय और जितेंद्र को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है।
थाना शहर प्रभारी नायाब सिंह ने बताया कि 30 नवंबर को राजेश के भाई देबन की शिकायत पर राजेश के अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। 21 दिसंबर को आरोपी जितेंद्र को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया था, जबकि बाकी आरोपी फरार हो गए थे, लेकिन अब राजेश का शाहाबाद में शव मिलने के बाद बाकी आरोपियों की गिरफ्तार के लिए छापेमारी शुरू कर दी थी। इसमें रेनू और उसके पति अजय को गिरफ्तार कर लिया गया। जेल में बंद जितेंद्र को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेने के बाद अदालत में पेश कर अजय और जितेंद्र को रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर वारदात के दो अन्य आरोपियों प्रवीन और अनिल को भी गिरफ्तार किया जाएगा।