हरियाणा में महापौर सम्मेलन: करनाल में जुटेंगे देशभर के मेयर, वित्तीय व प्रशासनिक अधिकारों की उठ सकती है मांग
अखिल भारतीय महापौर परिषद का सम्मेलन दो सितंबर से करनाल में होगा। इस सम्मेलन में देशभर के मेयर शामिल होंगे। इसके लिए पूरी तैयारियां कर ली गई हैं। डिटेल में पढ़ें खबर...
विस्तार
22 राज्यों से पहुंचेंगे मेयर
देश के 234 नगर निगम के महापौर अखिल भारतीय महापौर परिषद के सदस्य हैं लेकिन मौजूदा समय में सिर्फ 144 महापौर ही कार्य कर रहे हैं, महाराष्ट्र. जम्मू-कश्मीर, झारखंड, राजस्थान, कर्नाटक सहित कई राज्यों में फिलहाल महापौर नहीं चुने जा सके हैं। 144 में भी कई महापौर के पहले से कार्यक्रम लगे हैं, कुछ व्यक्तिगत कारणों से भी नहीं आ पा रहे हैं लेकिन परिषद के सचिव मनोज गुप्ता ने बताया कि 22 राज्यों के 70 महापौर बैठक में पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये वार्षिक बैठक ढाई साल बाद हो रही है, मौजूदा महापौर परिषद की अध्यक्ष माधवी पटेल (महापौर बुरहानपुर, मध्यप्रदेश) का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इसलिए इसी बैठक मे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा।
उठ सकती हैं ये मांगें
बता दें कि महापौर अपने महानगरों के प्रथम नागरिक हैं, लेकिन हरियाणा सहित देश के अधिकतर राज्यों में इनके हाथों में वित्तीय और प्रशासनिक शक्ति नहीं है, जिससे वह अपनी इच्छा से न तो एक रुपये व्यय कर सकते हैं और न ही किसी कर्मचारी का तबादला या दंडित कर सकते हैं, क्योंकि ये शक्ति निगमायुक्त (आईएएस अधिकारी) में निहित हैं। हर महापौर का ये सबसे बड़ा दर्द है। दूसरा दर्द ये भी है लोकसभा, विधानसभा के बाद तीसरी सबसे बड़ी सरकार होने के बावजूद इनके हाथों में नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सरकारी विभाग भी नहीं है, महापौर चाहते हैं कि नगरीय क्षेत्र के अंदर कार्य करने वाले स्वास्थ्य, शिक्षा, ट्रैफिक, पीडब्ल्यूडी आदि सभी 64 विभागों पर उनका नियंत्रण हो।
तीसरा मुद्दा सांसद व विधायक निधि की तरह महापौर निधि देने और वेतन देने का भी उठ सकता है, क्योंकि हरियाणा सहित कई राज्यों में महापौर भी पांच साल के लिए सीधे जनता से चुनकर आते हैं। कई साल पहले संविधान में 73वां व 74वां संशोधन किया गया लेकिन इसे लागू करना राज्यों की मर्जी पर छोड़ दिया गया है, इसलिए कुछ राज्यों ने लागू नहीं किया, कुछ ने आधा अधूरा लागू किया, जिससे वित्तीय, प्रशासनिक शक्तियों सहित महापौर को उनके अधिकार नहीं मिल पाए, उसे सभी राज्यों में लागू कराने और लोकसभा-विधानसभा की तरह ही वन नेशन-वन इलेक्शन में महापौर चुनाव को भी शामिल करने की मांग की जा सकती है।
दो सितंबर को सुबह 11 बजे करनाल के होटल नूर महल में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल बैठक का उद्घाटन करेंगे। उनका संबोधन भी होगा। दोपहर एक बजे लंच होगा। इसके बाद तीन से शाम पांच बजे तक परिषद की साधारण सभा की बैठक होगी। जिसमें सभी मेयर अपने मुद्दे रखेंगे, कैसे शहर स्वच्छ और विकसित बने, इस पर चर्चा होगी। इसी में राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव होगा। परिणाम भी घोषित किया जाएगा। शाम पांच बजे के बाद सभी महापौर महाभारत से जुड़े स्थलों को देखने के लिए कुरूक्षेत्र जाएंगे। वहां महाकाली के दर्शन कर जियो गीता संस्थानम जाने के बाद ज्योतिसर, ब्रह्मसरोवर पर आरती करेंगे। वहीं, रात्रिभोजन के बाद करनाल लौटेंगे।
तीन सितंबर की सुबह 10 बजे से होटल नूर महल में ही महापौर सम्मेलन होगा, जिसमें हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और हरियाणा के स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल मौजूद रहेंगे। दोपहर को दो दिवसीय महापौर सम्मेलन का समापन हो जाएगा।
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