हरियाणा में बाढ़ का खतरा: हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी, 4200 एकड़ में लगी फसलों को नुकसान
नदियों में बढ़े जलस्तर से हरियाणा में करीब 90 गांव प्रभावित हुए हैं। मौसम विभाग ने अभी राज्य में एक से पांच सितंबर तक बारिश की संभावना जताई है जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
विस्तार
कुरुक्षेत्र के झांसा में मारकंडा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दबाव कम करने के लिए सतलुज-यमुना लिंक (एसवाईएल) नहर के तीन गेट खोल दिए गए हैं। नदी के आसपास के आठ गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। सिरसा-फतेहाबाद में घग्गर नदी खतरे के निशान के पास बह रही है। सिरसा और फतेहाबाद में इससे 80 गांव प्रभावित हुए हैं और करीब 4200 एकड़ फसल में पानी भर गया है। कैथल के गुहला-चीका में घग्गर नदी फिलहाल खतरे के निशान से दो फीट नीचे बह रही है। पानीपत में यमुना नदी खतरे के निशान के नजदीक बह रही है। उधर, अंबाला से अमृतसर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार शाम चार बजे बलदेव नगर के पास सड़क का हिस्सा धंस गया है। इससे यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसे देखते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कमिश्नर एवं सचिव आईएएस मोहम्मद शाइन ने सभी विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। वहीं, सीएम नायब सिंह सैनी ने भी अपना तीन दिवसीय यूएई का दौरा रद्द कर दिया है। प्रदेश में रविवार को बारिशजनित हादसों में चार लोगों की जान चली गई।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में मारकंडा का जलस्तर घटकर 13 हजार क्यूसेक तक रह गया है। झांसा में नदी ओवरफ्लो होने के कगार पर बह रही है। बाढ़ की आशंका से झांसा, ठस्का मिरांजी, नैसी, अजमतपुर, दुनियां माजरा, मेघा माजरा, जलबेहड़ा, दीवाना, अजराना खुर्द के ग्रामीण भयभीत हैं। दर्जनों लोगों व भाकियू कार्यकर्ता पुराने झांसा पुराना पुल पर पहुंच गए। जहां अधिकारियों के साथ जमकर बहस हुई। बाद में किसानों की मांग पर मारकंडा के तीन गेट एसवाईएल में खोले गए तो करीब 1200 क्यूसेक पानी इस नहर में छोड़ा गया। एसवाईएल में पंजाब से भी शनिवार से 800 क्यूसेक पानी आ रहा है। यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में पानी का जलस्तर बढ़ने के बाद यमुना नदी में 65,854, पश्चिमी यमुना में 2,510 और पूर्वी यमुना में 1,510 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गुहला-चीका के खेतों में घुसा पानी
कैथल जिले में गुहला-चीका क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी खतरे के निशान (23 फीट) से महज दो फीट नीचे (21 फीट) है। रविवार को हरियाणा -पंजाब बॉर्डर पर जुलाहा गांव में तटबंध टूटा। इस कारण चीका क्षेत्र के गांव सिहाली और रत्ता खेड़ घड़ाम में खेतों में धान की फसल में पानी आ गया। इससे करीब 10 एकड़ फसल के नुकसान का अंदेशा है।
सिरसा में घग्गर और पानीपत में यमुना नदी के कारण भूमि कटाव
सिरसा में ओटू हेड में खतरे के निशान से ऊपर पानी बह रहा है। रविवार को शाम तक ओटू हेड पर 28 हजार क्यूसेक जलस्तर था। इस ओटू हेड पर खतरे का निशान 21 हजार क्यूसेक है। घग्गर बेल्ट के साथ लगते 40 से 50 गांवों में हालात विकट हैं। मिट्टी का कटाव भी कई जगह पर देखने को मिला है। घग्गर के बहाव के कारण क्षेत्र की 500 एकड़ फसल का नुकसान किसानों का जरूर हुआ है। वहीं, पानीपत में भी यमुना नदी खतरे के निशान के पास बह रही है। इसके चलते कई जगह भूमि का कटाव हुआ है।
फतेहाबाद में घग्गर का जलस्तर 4000 क्यूसेक बढ़ा
फतेहाबाद जिले में शनिवार को घग्गर नदी का जलस्तर 6500 क्यूसेक था। रविवार को 4000 क्यूसेक जलस्तर बढ़कर घग्गर नदी में 10500 क्यूसेक पानी हो गया है। जलभराव से 30 गांव प्रभावित हुए हैं जिनमें 1000 एकड़ में फसल डूबी हुई है।
बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि सितंबर में पहले सप्ताह में 1 से 4 सितंबर के दौरान हरियाणा, एनसीआर व दिल्ली पर लगातार मानसून मेहरबान बना रहेगा। कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान बिजली गिरने के भी आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक प्रदेश में बारिश का यह सिलसिला 5 सितंबर तक जारी रहेगा। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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