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Karnal News: मंदिर में प्रेम विवाह... लड़का निकला नाबालिग, चार के खिलाफ प्राथमिकी
Mon, 26 Jan 2026 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:05 AM IST
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करनाल।
निर्मल विहार के मां बंगलामुखी ज्योतिष अनुष्ठान केंद्र श्री हनुमान मंदिर में प्रेम विवाह कर पुलिस के पास सुरक्षा लेने पहुंचा प्रेमी जोड़ा खुद फंस गया। पुलिस की जांच में लड़का नाबालिग निकला। सेक्टर 32,33 थाने में प्रेमिका, दो गवाहों और शादी करवाने वाले पंडित के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि 14 जनवरी को उनके पास सीतामाई चौकी प्रभारी की शिकायत आई थी। शिकायत में बताया गया था कि 13 जनवरी की रात को करीब 8 बजे उनके पास सुरक्षा के लिए एक प्रेमी जोड़ा पहुंचा था। दोनों ने करनाल के निर्मल विहार में मंदिर में प्रेम विवाह किया था। पुलिस ने दोनों के दस्तावेजों की जांच की तो मामला बाल विवाह का निकला।
जांच की तो लड़की ने अपने बयान में बताया कि उसने 13 जनवरी को मां बगलामुखी ज्योतिष अनुष्ठान केंद्र, श्री हनुमान मंदिर, निर्मल विहार में अपनी मर्जी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी की है। उनका विवाह पंडित कमलकांत ने संपन्न कराया था और विवाह प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। अधिकारी ने जब लड़की के स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र चेक किया तो उसकी जन्मतिथि 20 सितंबर, 2003 पाई गई। इससे शादी के समय लड़की की उम्र 22 वर्ष 3 माह 26 दिन हुई।
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लड़के ने भी प्रेम विवाह की पुष्टी की। जांच के दौरान लड़के ने हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया जन्म प्रमाणपत्र सौंपा। इसमें लड़के की जन्मतिथि 25 मार्च, 2005 अंकित थी। इससे शादी के समय लड़का 20 वर्ष 2 माह का था और नाबालिग पाया गया। जांच के बाद संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने एसपी करनाल को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के आधार पर थाना सेक्टर-32-33 में प्रेमिका, पंडित कमलकांत, गवाह प्रवीन और मनीष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। सेक्टर 32,33 थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि बाल विवाह की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस कार्रवाई कर रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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शादी के लिए लड़के की उम्र 21 और लड़की की 18 वर्ष होना जरूरी
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि मैरिज एक्ट 2006 के अनुसार लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। इस मामले में लड़का नाबालिग पाया गया है, इसलिए प्रेमिका, पंडित और गवाहों पर कार्रवाई की गई है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं है। उन्होंने अपील की कि अगर इससे कम उम्र में कोई शादी करता पाया जाए तो इसकी सूचना पुलिस या संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को दें।
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निर्मल विहार के मां बंगलामुखी ज्योतिष अनुष्ठान केंद्र श्री हनुमान मंदिर में प्रेम विवाह कर पुलिस के पास सुरक्षा लेने पहुंचा प्रेमी जोड़ा खुद फंस गया। पुलिस की जांच में लड़का नाबालिग निकला। सेक्टर 32,33 थाने में प्रेमिका, दो गवाहों और शादी करवाने वाले पंडित के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि 14 जनवरी को उनके पास सीतामाई चौकी प्रभारी की शिकायत आई थी। शिकायत में बताया गया था कि 13 जनवरी की रात को करीब 8 बजे उनके पास सुरक्षा के लिए एक प्रेमी जोड़ा पहुंचा था। दोनों ने करनाल के निर्मल विहार में मंदिर में प्रेम विवाह किया था। पुलिस ने दोनों के दस्तावेजों की जांच की तो मामला बाल विवाह का निकला।
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जांच की तो लड़की ने अपने बयान में बताया कि उसने 13 जनवरी को मां बगलामुखी ज्योतिष अनुष्ठान केंद्र, श्री हनुमान मंदिर, निर्मल विहार में अपनी मर्जी से हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार शादी की है। उनका विवाह पंडित कमलकांत ने संपन्न कराया था और विवाह प्रमाणपत्र भी जारी किया गया। अधिकारी ने जब लड़की के स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र चेक किया तो उसकी जन्मतिथि 20 सितंबर, 2003 पाई गई। इससे शादी के समय लड़की की उम्र 22 वर्ष 3 माह 26 दिन हुई।
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लड़के ने भी प्रेम विवाह की पुष्टी की। जांच के दौरान लड़के ने हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी किया गया जन्म प्रमाणपत्र सौंपा। इसमें लड़के की जन्मतिथि 25 मार्च, 2005 अंकित थी। इससे शादी के समय लड़का 20 वर्ष 2 माह का था और नाबालिग पाया गया। जांच के बाद संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी ने एसपी करनाल को रिपोर्ट भेजी। रिपोर्ट के आधार पर थाना सेक्टर-32-33 में प्रेमिका, पंडित कमलकांत, गवाह प्रवीन और मनीष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। सेक्टर 32,33 थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि बाल विवाह की प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस कार्रवाई कर रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शादी के लिए लड़के की उम्र 21 और लड़की की 18 वर्ष होना जरूरी
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सविता राणा ने बताया कि मैरिज एक्ट 2006 के अनुसार लड़के की आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। इस मामले में लड़का नाबालिग पाया गया है, इसलिए प्रेमिका, पंडित और गवाहों पर कार्रवाई की गई है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह विवाह कानूनी रूप से मान्य नहीं है। उन्होंने अपील की कि अगर इससे कम उम्र में कोई शादी करता पाया जाए तो इसकी सूचना पुलिस या संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी को दें।