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इनेलो-कांग्रेस व बसपा मिला सकतीं हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला,करनाल
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:10 AM IST
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उधर करनाल में अपना चेयरमैन बनाने को लेकर भाजपा नेताओं की धड़कनें भी बढ़ने लगी हैं। भाजपा के सभी विधायक जिला पार्षदों के संपर्क में हैं और रातों को उनके साथ गुप्त मीटिंग भी कर रहे हैं। हालांकि, पार्टी की तरफ से इंद्री से विधायक व मंत्री कर्ण देव कांबोज लॉबिंग कर रहे हैं।
बता दें कि इस बार जिला परिषद में कुल 25 सदस्य हैं। इनमें से छह भाजपा समर्थित हैं तो छह इनेलो के सदस्य चुनाव जीते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस समर्थित भी दो सदस्य हैं और एक सदस्य बसपा का है। आजाद दस सदस्य ऐसे हैं जो खुद को आजाद कह रहे हैं। वे फिलहाल अपनी मंशा नहीं जता रहे हैं। ऐसे में चेयरमैन पद के लिए शुरू से ही इनेलो प्रत्याशी कमलेश सांगवान जोर आजमाइश कर रही हैं। उनके पति हरेंद्र सांगवान व देवर पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान भी लगातार पार्षदों के साथ मिल रहे हैं। चेयरमैन बनने के लिए 25 में से 13 पार्षदों का साथ चाहिए। इनेलो नेता आजाद पार्षदों पर भी शुरू से डोरे डाल रहे हैं। उधर, सीएम के शहर में अपना चेयरमैन बनाना भाजपा के लिए भी चुनौती बन गया है, वहीं इनेलो इसे हर हाल में हथियाना चाहता है, क्योंकि पिछली बार भी इनेलो के पास ही चेयरमैन का पद था। ऐसे में दोनों दल इसे नाक का सवाल बनाकर जोड़ तोड़ कर रहे हैं। भाजपा की तरफ से चेयरमैन पद के लिए तीन नाम चल रहे हैं डॉ. रेखा रानी, बाला देवी व उषा रानी, हालांकि अभी तक एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। बसपा के जिला पार्षद अशोक मित्तल ने कहा कि अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है। उधर, कांग्रेस समर्थित पार्षद भी हर हाल में भाजपा के खिलाफ वोटिंग को तैयार बैठे हैं।
12 के बाद बनेगा चेयरमैन
सेक्टर 32 के ग्राउंड में 12 फरवरी को होने वाले जिला परिषद व ब्लॉक समिति सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद चेयरमैन पद के लिए माहौल गरमाएगा। संभावना यह भी जताई जा रही है कि शपथ ग्रहण समारोह में ही भाजपा अपनी ताकत दिखा सकती है और अपने चेयरमैन पद के उम्मीदवार की घोषणा भी कर सकती है।
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निगम चुनाव में पूर्व सरकार को मिली थी हार
ढाई साल पहले कांग्रेस सरकार के समय कांग्रेस की तरफ से प्रत्याशी कैलाश गोयल थे, जबकि हजकां की तरफ से रेणु बाला गुप्ता। बता दें कि कांग्रेस के तेजतर्रार नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को करनाल में पार्टी का मेयर बनाने की जिम्मेदारी मिली थी। खास बात यह रही थी कि रणदीप के साथ 14 पार्षद गए थे और वोटिंग के बाद भी वापस 14 ही आए थे, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी कैलाश गोयल को हार का सामना करना पड़ा था और रेणु बाला गुप्ता के सिर जीत का सहरा बंधा था। ऐसे में राजनीतिक पंडित कुछ इसी प्रकार के आंकड़े जिला परिषद के चेयरमैन चुनाव को लेकर भी जता रहे हैं।
भाजपा का बनेगा चेयरमैन : कबीरपंथी
भाजपा के जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीर पंथी का कहना है कि जिला परिषद समेत ब्लॉक समिति के चेयरमैन भाजपा की सोच वाले व्यक्ति ही बनेंगे। जल्द ही एक नाम पर सहमति हो जाएगी। पार्षदों के साथ मंत्रणा चल रही है। जल्द ही चेयरमैन बना लिया जाएगा। इससे पहले, 12 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह होगा, उसके बाद ही आगामी कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।
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बता दें कि इस बार जिला परिषद में कुल 25 सदस्य हैं। इनमें से छह भाजपा समर्थित हैं तो छह इनेलो के सदस्य चुनाव जीते हैं। इसी प्रकार कांग्रेस समर्थित भी दो सदस्य हैं और एक सदस्य बसपा का है। आजाद दस सदस्य ऐसे हैं जो खुद को आजाद कह रहे हैं। वे फिलहाल अपनी मंशा नहीं जता रहे हैं। ऐसे में चेयरमैन पद के लिए शुरू से ही इनेलो प्रत्याशी कमलेश सांगवान जोर आजमाइश कर रही हैं। उनके पति हरेंद्र सांगवान व देवर पूर्व विधायक नरेंद्र सांगवान भी लगातार पार्षदों के साथ मिल रहे हैं। चेयरमैन बनने के लिए 25 में से 13 पार्षदों का साथ चाहिए। इनेलो नेता आजाद पार्षदों पर भी शुरू से डोरे डाल रहे हैं। उधर, सीएम के शहर में अपना चेयरमैन बनाना भाजपा के लिए भी चुनौती बन गया है, वहीं इनेलो इसे हर हाल में हथियाना चाहता है, क्योंकि पिछली बार भी इनेलो के पास ही चेयरमैन का पद था। ऐसे में दोनों दल इसे नाक का सवाल बनाकर जोड़ तोड़ कर रहे हैं। भाजपा की तरफ से चेयरमैन पद के लिए तीन नाम चल रहे हैं डॉ. रेखा रानी, बाला देवी व उषा रानी, हालांकि अभी तक एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। बसपा के जिला पार्षद अशोक मित्तल ने कहा कि अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया है। उधर, कांग्रेस समर्थित पार्षद भी हर हाल में भाजपा के खिलाफ वोटिंग को तैयार बैठे हैं।
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12 के बाद बनेगा चेयरमैन
सेक्टर 32 के ग्राउंड में 12 फरवरी को होने वाले जिला परिषद व ब्लॉक समिति सदस्यों के शपथ ग्रहण समारोह के तुरंत बाद चेयरमैन पद के लिए माहौल गरमाएगा। संभावना यह भी जताई जा रही है कि शपथ ग्रहण समारोह में ही भाजपा अपनी ताकत दिखा सकती है और अपने चेयरमैन पद के उम्मीदवार की घोषणा भी कर सकती है।
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निगम चुनाव में पूर्व सरकार को मिली थी हार
ढाई साल पहले कांग्रेस सरकार के समय कांग्रेस की तरफ से प्रत्याशी कैलाश गोयल थे, जबकि हजकां की तरफ से रेणु बाला गुप्ता। बता दें कि कांग्रेस के तेजतर्रार नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला को करनाल में पार्टी का मेयर बनाने की जिम्मेदारी मिली थी। खास बात यह रही थी कि रणदीप के साथ 14 पार्षद गए थे और वोटिंग के बाद भी वापस 14 ही आए थे, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी कैलाश गोयल को हार का सामना करना पड़ा था और रेणु बाला गुप्ता के सिर जीत का सहरा बंधा था। ऐसे में राजनीतिक पंडित कुछ इसी प्रकार के आंकड़े जिला परिषद के चेयरमैन चुनाव को लेकर भी जता रहे हैं।
भाजपा का बनेगा चेयरमैन : कबीरपंथी
भाजपा के जिलाध्यक्ष भगवानदास कबीर पंथी का कहना है कि जिला परिषद समेत ब्लॉक समिति के चेयरमैन भाजपा की सोच वाले व्यक्ति ही बनेंगे। जल्द ही एक नाम पर सहमति हो जाएगी। पार्षदों के साथ मंत्रणा चल रही है। जल्द ही चेयरमैन बना लिया जाएगा। इससे पहले, 12 फरवरी को शपथ ग्रहण समारोह होगा, उसके बाद ही आगामी कार्यक्रम घोषित किया जाएगा।