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इराक में युवकों ने सही यातनाएं
अमर उजाला करनाल
Updated Thu, 03 Jul 2014 12:30 AM IST
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इंद्री। इराक में फंसे क्षेत्र के गांव रामपुरा के तीन युवक स्वदेश लौट आए हैं। तीनों युवकों के घर पहुंचने पर जहां परिजनों के खुशी के आंसू छलक आए, वहीं गांव के एक और युवक के इराक में फंसे होने के कारण गांव में खुशी को फीका कर दिया। इन युवकों के परिजनों ने सरकार पर किसी भी प्रकार की मदद नही करने का आरोप लगाया। युवकों ने बताया कि मरमरा शहर में भारत के 250 लोग फंसे हुए हैं। वहां पर भारतीयों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है।
गौरतलब है कि इराक में इंद्री क्षेत्र के 13 युवक फंसे हुए हैं। इनमें से गांव रामपुरा के चार युवकों में से तीन वतन लौट आए हैं। इनके घर पहुंचने पर परिजन भावुक हो गए और लाडलाें को गले से लगा लिया। इराक से लौटे सुरजीत, सुशील व धर्म सिंह ने बताया कि इराक में भारतीयों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जा रहा है। कंपनी के लोग बिना खाना और पानी दिए लगातार भारतीयों से काम करा रहे है।
अधिकतर लोग बीमार पडे़ हैं, उन्हें दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। काफी भारतीयों के वीजा खत्म हो चुके हैं। वहां पर फंसे लोग खौफ के साए में जी रहे है। जिन कंपनियों में काम करते है वहां के मालिक पैसे नहीं दे रहे हैं, उल्टा काम करने का दबाव बनाया जा रहा है।
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कंपनी द्वारा पैसे नहीं दिए जाने पर अनहोने से डरे परिजनों ने टिकट बनवाकर इराक भेजे जिसके चलते इन युवकों की घर वापसी संभव हो पाई है। इसी गांव का हुकुम सिंह अभी भी इराक में ही फंसा हुआ हैं।
युवकाें का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वहां फंसे लोगों की हर संभव मदद करे। इराक से वापस लौटे सुरजीत की पत्नी सीमा तथा सुशील की पत्नी रीना ने बताया कि वतन वापसी से खुशी है, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रयास नही किया गया इसका उन्हे मलाल है। इतने दिन उन्होंने आधी नींद में गुजारे है।
अन्य जो लोग वहां पर फंसे हैं, उन्हें जल्द से जल्द निकालने के लिए सरकार कदम उठाए। उनके पति केवल डेढ़ दो महीने पहले कर्ज लेकर इराक में रोजगार के लिए गए थे ,लेकिन अब उन्होंने खुद इंडिया से इराक में टिकट भेजे हैं और उसका पति घर सुरक्षित पहुंचा है।
बाक्स
अभी भी इंद्री के 11 युवक इराक में फंसे
गांव रामपुरा के अलावा इंद्री क्षेत्र के गांव चंद्राव, चुरनी, जोहड़माजरा और बीबीपुर जाटान के 11 युवक अभी भी इराक में फंसे हुए है। इन युवकों के परिजन भी अपने लाड़लों की वतन वापसी के प्रयास कर रहे हैं। रामपुरा के चौथे व्यक्ति हुकम सिंह की उम्मीद है कि करीब एक सप्ताह बाद वह भी लौट आएगा। वहीं गांव चंद्राव के तीन युवक बिट्टु, अशोक व गुरमुख सिंह इराम में फंसे है। गांव चुरनी के कर्णपाल, चरणपाल और गुरमीत सिंह तीन युवक इराक में फंसे है। गांव जोहड़माजरा के बबलू और रॉकी पाल तथा बीबीपुर जाटान के नवीन कुमार फिलहाल इराम में है। इनके परिजनों भी अपने लाडलो की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि इराक में इंद्री क्षेत्र के 13 युवक फंसे हुए हैं। इनमें से गांव रामपुरा के चार युवकों में से तीन वतन लौट आए हैं। इनके घर पहुंचने पर परिजन भावुक हो गए और लाडलाें को गले से लगा लिया। इराक से लौटे सुरजीत, सुशील व धर्म सिंह ने बताया कि इराक में भारतीयों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जा रहा है। कंपनी के लोग बिना खाना और पानी दिए लगातार भारतीयों से काम करा रहे है।
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अधिकतर लोग बीमार पडे़ हैं, उन्हें दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। काफी भारतीयों के वीजा खत्म हो चुके हैं। वहां पर फंसे लोग खौफ के साए में जी रहे है। जिन कंपनियों में काम करते है वहां के मालिक पैसे नहीं दे रहे हैं, उल्टा काम करने का दबाव बनाया जा रहा है।
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कंपनी द्वारा पैसे नहीं दिए जाने पर अनहोने से डरे परिजनों ने टिकट बनवाकर इराक भेजे जिसके चलते इन युवकों की घर वापसी संभव हो पाई है। इसी गांव का हुकुम सिंह अभी भी इराक में ही फंसा हुआ हैं।
युवकाें का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वहां फंसे लोगों की हर संभव मदद करे। इराक से वापस लौटे सुरजीत की पत्नी सीमा तथा सुशील की पत्नी रीना ने बताया कि वतन वापसी से खुशी है, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रयास नही किया गया इसका उन्हे मलाल है। इतने दिन उन्होंने आधी नींद में गुजारे है।
अन्य जो लोग वहां पर फंसे हैं, उन्हें जल्द से जल्द निकालने के लिए सरकार कदम उठाए। उनके पति केवल डेढ़ दो महीने पहले कर्ज लेकर इराक में रोजगार के लिए गए थे ,लेकिन अब उन्होंने खुद इंडिया से इराक में टिकट भेजे हैं और उसका पति घर सुरक्षित पहुंचा है।
बाक्स
अभी भी इंद्री के 11 युवक इराक में फंसे
गांव रामपुरा के अलावा इंद्री क्षेत्र के गांव चंद्राव, चुरनी, जोहड़माजरा और बीबीपुर जाटान के 11 युवक अभी भी इराक में फंसे हुए है। इन युवकों के परिजन भी अपने लाड़लों की वतन वापसी के प्रयास कर रहे हैं। रामपुरा के चौथे व्यक्ति हुकम सिंह की उम्मीद है कि करीब एक सप्ताह बाद वह भी लौट आएगा। वहीं गांव चंद्राव के तीन युवक बिट्टु, अशोक व गुरमुख सिंह इराम में फंसे है। गांव चुरनी के कर्णपाल, चरणपाल और गुरमीत सिंह तीन युवक इराक में फंसे है। गांव जोहड़माजरा के बबलू और रॉकी पाल तथा बीबीपुर जाटान के नवीन कुमार फिलहाल इराम में है। इनके परिजनों भी अपने लाडलो की सकुशल वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।