फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Karnal News ›   Iligal clinic sealed in karnal

स्वास्थ्य विभाग की छापामारी, अवैध एमआरआई सेंटर सील

Fri, 24 Jan 2014 11:50 PM IST
करनाल
करनाल Updated Fri, 24 Jan 2014 11:50 PM IST
विज्ञापन
Iligal clinic sealed in karnal
न्यायपुरी में अवैध स्थान पर अवैध रूप से चलाए जा रहे एमआरआई और सीटी सेंटर को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को सील कर दिया।
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग ने न्यायपुरी स्थित मेड स्कैन डायनोस्टिक इमेजिंग सेंटर के संचालक सरदार भगत सिंह के खिलाफ थाना सिविल लाईन में मामला दर्ज करा दिया है। करीब सवा तीन साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने इसी सेंटर का अल्ट्रासाउंड केंद्र भी सील किया था।

उसके बाद भी संचालक के हौसले बुलंद थे कि वह एमआरआई और सीटी स्कैन को पिछले काफी समय से अवैध रूप से चला रहा था। सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को जानकारी मिली थी कि न्यायपुरी क्षेत्र में अवैध रूप से एमआरआई और सीटी स्कैन सेंटर चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजकर सेंटर में रखी सीटी स्कैन और एमआरआई मशीन के कमरों को ही सील कर दिया है।
विज्ञापन


डॉ. भाटिया ने बताया कि सेंटर के संचालक सरदार भगत सिंह के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मामला दर्ज करा दिया गया है।

वर्ष 2010 में भी सील किया था
उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2010 को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इसी सेंटर में चल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन को सील किया था। सेेंटर सील करने पहुंची टीम में उप सिविल सर्जन डॉ. राजिंद्र कुमार, मेडिकल ओफिसर डॉ. क्रांति व ड्रग्स इंस्पेक्टर परमिंदर मलिक ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर छापेमारी कर एमआरआई और सीटी स्कैन के कमरों को सील किया। पिछले कुछ दिनों से स्वास्थ्य विभाग जिले की अस्पतालों पर छापेमारी कर रहा है। इंद्री व करनाल में कई डाक्टरों व संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी हो चुकी है। सिविल सर्जन डॉ. वंदना भाटिया का कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए विभाग आने वाले दिनों में छापेमारी की गति को बढ़ाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के अवैध क्लीनिक चलाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने की सूचनाएं मिल रही हैं। उन स्थानों की जांच की जा रही है, जल्द ही छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना लाइसेंस चल रहा था सेंटर

डॉ. वंदना भाटिया ने बताया कि यह सेंटर बिना स्वास्थ्य विभाग से लाइसेंस प्राप्त किए चलाया जा रहा था। यहां तक कि सेंटर का भी पंजीकरण नहीं कराया गया था। कोई भी डायग्नोस्टिक सेंटर बिना लाइसेंस और पंजीकरण के नहीं चलाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed