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सेक्टर 32 में बनेगा अस्पताल और न्यायिक आवास
अमर उजाला ब्यूरो/करनाल
Updated Thu, 17 Jul 2014 12:12 AM IST
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करनाल। सेक्टर-32 में सिविल अस्पताल के लिए दस एकड़ और न्यायिक आवास के लिए छह एकड़ जमीन भूमि की मंजूरी मिल गई है। इसके बाद अधिकारियों ने दोनों के लिए नर्सी विलेज से बुढ़ाखेड़ा की ओर जाने वाले रास्ते पर जगह फाइनल कर दी हैं। योजना के मुताबिक अस्पताल सेक्टर-32 के दस एकड़ भूमि में और न्यायिक आवास छह एकड़ में अस्पताल के पीछे बनाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इस जमीन की लॉकेशन अच्छी है। रास्ते खुले हुए हैं और लोगों के लिए भी बेहतर है। सरकार की ओर से इसकी मंजूरी की फाइल एक्सईएन वाईएम मेहरा के पास आई है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन मिल गई है और बिल्डिंग के लिए नक्शे के साथ बजट की प्रक्रिया अपनाने की फाइल तैयार की जा रही है।
इस समय कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में ही सिविल अस्पताल चल रहा है। सिविल अस्पताल की मलेरिया शाखा जरनैली कालोनी में अस्थाई तौर पर शिफ्ट की हुई है। सिविल सर्जन मेडिकल कालेज के ऑफिस में है और सिविल अस्पताल की कई शाखाएं मेडिकल कालेज में अलग-अलग जगह पर स्थित हैं। इससे कर्मचारियों और लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए एक दूसरे रूम में चक्कर लगाने पड़ते हैं। सिविल सर्जन कार्यालय को अब अस्थाई तौर पर रेडक्रॉस बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। बिल्डिंग का मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। सेक्टर-32 में जिस जगह पर सिविल अस्पताल बनेगा वहां से कुंजपुरा रोड से भी रास्ता होगा। जिस कारण अस्पताल की लॉकेशन दर्जनों गांव के लिए बेहतर है।
अगली सरकार में ही बनेगा अस्पताल
सिविल अस्पताल के लिए जमीन का फाइनल बहुत देरी से हुआ है। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। इसलिए बिल्डिंग के लिए नक्शा पास करवाना और बजट मंजूर करवाने में काफी समय लगना तय है। इसलिए आसार हैं सिविल अस्पताल को अगली सरकार ही बनवाएगी। सरकार वोट के चक्कर में लोगों से किए गए वायदों को पूरा करने में लगे हैं। सिविल अस्पताल की बिल्डिंग बनाने की तरफ कोई ध्यान नहीं हो सकता।
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लोगों की मर्जी इलाज जहां भी कराएं
शहर में मेडिकल कालेज और सिविल अस्पताल दोनों के होने के बाद लोग इलाज को लेकर असमंजस में हैं। लोग सोचते हैं कि पहले सिविल अस्पताल जाना पड़ेगा और वहीं के डॉक्टर बीमारी को देखते हुए मेडिकल कालेज में रैफर करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। सिविल सर्जन डा. वंदना भाटिया बताती हैं कि मरीज कहीं पर भी जाकर इलाज ले सकते हैं। इलाज के प्रति कोई नियम शर्तें नहीं हैं। इलाज के लिए पर्ची भी दोनों जगह पर कटेगी।
न्यायिक आवास भी एक जगह
जो जमीन सिविल अस्पताल के लिए चिह्नित हुई है उसके पास ही छह एकड़ में न्यायिक आवास बनेंगे। सरकार की ओर से यह जमीन भी फाइनल हो गई है। एक जगह न्यायिक आवास होने से सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर होगा। मौजूदा समय में न्यायिक आवास भी अलग-अलग जगह पर स्थित हैं।
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इस समय कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कालेज में ही सिविल अस्पताल चल रहा है। सिविल अस्पताल की मलेरिया शाखा जरनैली कालोनी में अस्थाई तौर पर शिफ्ट की हुई है। सिविल सर्जन मेडिकल कालेज के ऑफिस में है और सिविल अस्पताल की कई शाखाएं मेडिकल कालेज में अलग-अलग जगह पर स्थित हैं। इससे कर्मचारियों और लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए एक दूसरे रूम में चक्कर लगाने पड़ते हैं। सिविल सर्जन कार्यालय को अब अस्थाई तौर पर रेडक्रॉस बिल्डिंग में शिफ्ट किया जा रहा है। बिल्डिंग का मरम्मत का कार्य पूरा हो चुका है। सेक्टर-32 में जिस जगह पर सिविल अस्पताल बनेगा वहां से कुंजपुरा रोड से भी रास्ता होगा। जिस कारण अस्पताल की लॉकेशन दर्जनों गांव के लिए बेहतर है।
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अगली सरकार में ही बनेगा अस्पताल
सिविल अस्पताल के लिए जमीन का फाइनल बहुत देरी से हुआ है। विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। इसलिए बिल्डिंग के लिए नक्शा पास करवाना और बजट मंजूर करवाने में काफी समय लगना तय है। इसलिए आसार हैं सिविल अस्पताल को अगली सरकार ही बनवाएगी। सरकार वोट के चक्कर में लोगों से किए गए वायदों को पूरा करने में लगे हैं। सिविल अस्पताल की बिल्डिंग बनाने की तरफ कोई ध्यान नहीं हो सकता।
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लोगों की मर्जी इलाज जहां भी कराएं
शहर में मेडिकल कालेज और सिविल अस्पताल दोनों के होने के बाद लोग इलाज को लेकर असमंजस में हैं। लोग सोचते हैं कि पहले सिविल अस्पताल जाना पड़ेगा और वहीं के डॉक्टर बीमारी को देखते हुए मेडिकल कालेज में रैफर करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं है। सिविल सर्जन डा. वंदना भाटिया बताती हैं कि मरीज कहीं पर भी जाकर इलाज ले सकते हैं। इलाज के प्रति कोई नियम शर्तें नहीं हैं। इलाज के लिए पर्ची भी दोनों जगह पर कटेगी।
न्यायिक आवास भी एक जगह
जो जमीन सिविल अस्पताल के लिए चिह्नित हुई है उसके पास ही छह एकड़ में न्यायिक आवास बनेंगे। सरकार की ओर से यह जमीन भी फाइनल हो गई है। एक जगह न्यायिक आवास होने से सुरक्षा की दृष्टि से भी बेहतर होगा। मौजूदा समय में न्यायिक आवास भी अलग-अलग जगह पर स्थित हैं।