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हाई प्रोफाइल डबल मर्डर केस : कांग्रेसी नेता दोषी करार
करनाल
Updated Fri, 09 May 2014 11:58 PM IST
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छह साल पहले शहर के सेक्टर-14 में हुए हाईप्रोफाइल डबल मर्डर मामले में
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एडीजे अजय कुमार शारदा ने अहम फैसला सुनाते हुए कांग्रेसी नेता रामकुमार
कल्याण को दोषी करार दे दिया है।
उनकी पत्नी ओम लता कल्याण को इस मामले में आरोपों से बरी कर दिया गया है। रामकुमार कल्याण की सजा के लिए 12 मई को बहस होगी। इस मामले में सालों से पूरे शहर की निगाहें टिकी थी।
जब से फैसले का दिन मुकर्रर हुआ था, उसी दिन यह केस फिर से शहर में चर्चा का विषय बना हुआ था। शुक्रवार को इसमें फैसला आया।
शहर के नामी वकील रणबीर सिंह बलड़ी की बेटी रेणुका की शादी सेक्टर-14 निवासी कांग्रेसी नेता रामकुमार कल्याण के बेटे नबित कल्याण के साथ हुई थी। दोनों ही परिवार एक दूसरे के बेहद नजदीकी थी, लेकिन शादी के बाद धीरे-धीरे नबित और रेणुका के रिश्तों में खटास शुरू हो गई।
रेणुका के आरोप थे कि उसे परेशान किया जाता था और मारपीट तक की जाती थी। इसके चलते दोनों परिवारों में पंचायतें भी हुई, लेकिन शिकायतों का सिलसिला जारी रहा। 22 अप्रैल 2008 को रेणुका ने अपने पिता रणबीर सिंह और भाई शरणबीर सिंह को फोन करके इसी तरह की शिकायत की।
इसके बाद शरणबीर अपनी रिवाल्वर लेकर गुस्से में रामकुमार कल्याण के घर पहुंचा और जैसे ही नबित ने दरवाजा खोला, उसे गोली मार दी। गोली लगने से नबित की मौके पर ही मौत हो गई। घर में मौजूद रामकुमार कल्याण ने अपने बेटे की हत्या करने वाले शरणबीर को उनके ही घर में तभी गोली मार दी, जिससे शरणबीर की भी मौत हो गई। आरोप है कि रामकुमार कल्याण एक गोली पास में ही खड़ी अपनी पुत्रवधु रेणुका को भी मारी, जो उसके मुंह के पास लगी।
रेणुका की शिकायत पर केस दर्ज
रेणुका को अस्पताल में भर्ती कराया गया और होश में आने पर उसने अपने ससुर रामकुमार कल्याण और सास ओमलता कल्याण के खिलाफ बयान दिए। उसके बयानों के आधार पर कल्याण दंपति पर शरणवीर की हत्या और रेणुका की हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किए गए।
रामकुमार कल्याण दो धाराओं में दोषी करार
शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाते हुए एडीजे अजय कुमार शारदा ने चश्मदीद रेणुका के बयानों को मद्देनजर रखते हुए रामकुमार कल्याण को धारा 302 और धारा 307 के तहत दोषी करार दिया है। रामकुमार कल्याण की पत्नी ओमलता को अदालत ने बरी कर दिया है। रामकुमार कल्याण की सजा के लिए 12 मई को अदालत में बहस होगी, जिसमें शिकायतकर्ता पक्ष ज्यादा से ज्यादा सजा दिए जाने की मांग करेगा।
हंसते खेलते दो परिवार उजड़े
शहर में इस हाई प्रोफाइल मामले को एक उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है, जिसमें बेहद नजदीकी दो परिवार उजड़ गए। रणबीर सिंह ने जहां अपना बेटा और बेटी का सुहाग गवां दिया, वहीं रामकुमार कल्याण ने भी अपने बेटे और उसके परिवार को खो दिया।
उनकी पत्नी ओम लता कल्याण को इस मामले में आरोपों से बरी कर दिया गया है। रामकुमार कल्याण की सजा के लिए 12 मई को बहस होगी। इस मामले में सालों से पूरे शहर की निगाहें टिकी थी।
जब से फैसले का दिन मुकर्रर हुआ था, उसी दिन यह केस फिर से शहर में चर्चा का विषय बना हुआ था। शुक्रवार को इसमें फैसला आया।
शहर के नामी वकील रणबीर सिंह बलड़ी की बेटी रेणुका की शादी सेक्टर-14 निवासी कांग्रेसी नेता रामकुमार कल्याण के बेटे नबित कल्याण के साथ हुई थी। दोनों ही परिवार एक दूसरे के बेहद नजदीकी थी, लेकिन शादी के बाद धीरे-धीरे नबित और रेणुका के रिश्तों में खटास शुरू हो गई।
रेणुका के आरोप थे कि उसे परेशान किया जाता था और मारपीट तक की जाती थी। इसके चलते दोनों परिवारों में पंचायतें भी हुई, लेकिन शिकायतों का सिलसिला जारी रहा। 22 अप्रैल 2008 को रेणुका ने अपने पिता रणबीर सिंह और भाई शरणबीर सिंह को फोन करके इसी तरह की शिकायत की।
इसके बाद शरणबीर अपनी रिवाल्वर लेकर गुस्से में रामकुमार कल्याण के घर पहुंचा और जैसे ही नबित ने दरवाजा खोला, उसे गोली मार दी। गोली लगने से नबित की मौके पर ही मौत हो गई। घर में मौजूद रामकुमार कल्याण ने अपने बेटे की हत्या करने वाले शरणबीर को उनके ही घर में तभी गोली मार दी, जिससे शरणबीर की भी मौत हो गई। आरोप है कि रामकुमार कल्याण एक गोली पास में ही खड़ी अपनी पुत्रवधु रेणुका को भी मारी, जो उसके मुंह के पास लगी।
रेणुका की शिकायत पर केस दर्ज
रेणुका को अस्पताल में भर्ती कराया गया और होश में आने पर उसने अपने ससुर रामकुमार कल्याण और सास ओमलता कल्याण के खिलाफ बयान दिए। उसके बयानों के आधार पर कल्याण दंपति पर शरणवीर की हत्या और रेणुका की हत्या के प्रयास के आरोप में केस दर्ज किए गए।
रामकुमार कल्याण दो धाराओं में दोषी करार
शुक्रवार को मामले में फैसला सुनाते हुए एडीजे अजय कुमार शारदा ने चश्मदीद रेणुका के बयानों को मद्देनजर रखते हुए रामकुमार कल्याण को धारा 302 और धारा 307 के तहत दोषी करार दिया है। रामकुमार कल्याण की पत्नी ओमलता को अदालत ने बरी कर दिया है। रामकुमार कल्याण की सजा के लिए 12 मई को अदालत में बहस होगी, जिसमें शिकायतकर्ता पक्ष ज्यादा से ज्यादा सजा दिए जाने की मांग करेगा।
हंसते खेलते दो परिवार उजड़े
शहर में इस हाई प्रोफाइल मामले को एक उदाहरण के तौर पर याद किया जाता है, जिसमें बेहद नजदीकी दो परिवार उजड़ गए। रणबीर सिंह ने जहां अपना बेटा और बेटी का सुहाग गवां दिया, वहीं रामकुमार कल्याण ने भी अपने बेटे और उसके परिवार को खो दिया।