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जिले बारिश से आफत, फसलें जलमग्न

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 02:51 AM IST
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heavy rain in karnal
करनाल। बारिश से जिले के 20 गांवों में फसलें सात दिन से जलमग्न हैं। हजारों एकड़ खेतों में धान की फसल खराब हो चुकी हैं। किसान बचाव के जद्दोजहद में लगे हैं। ऐसे में सोमवार की सुबह से बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
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गांव चुरनी, दरड़, कुराली, समौरा, संगोहा, संगोही, माखूमाजरा, जयरामपुरा, बड़ागांव, रिंडल, नगला रोड़ान, सलारपुरा, घीड़, उचाना, उचानी, अब्दुल्लापुर, कतलाहेड़ी, सिंघड़ा, प्यौंत, बांसा, भांबरेहड़ी, धिगताना, ब्रास में हजारों एकड़ खेतों में जलभराव से किसानों को राहत नहीं मिली है। अब बारिश ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश से धान की अगेती फसलों को लाभ होगा, लेकिन पछेती फसलों में कई दिनों तक जलभराव से धान की फसल खराब हो सकती है।
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दूसरी ओर सेक्टर 12 जिला सचिवालय के प्रवेश द्वार व सामने की सड़क पर सुबह वर्षा से जलभराव हो गया। जिला सचिवालय आने वाले सैकड़ों लोगों को जूते हाथ में लेकर पानी के बीच से गुजरना पड़ा। सड़क पर करीब एक फुट पानी था, हालांकि दोपहर तक पानी ढलने से लोगों को राहत मिली। इसके अलावा शहर में बारिश के चलते रविवार को फिर सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। मॉडल टाउन, मुगल कैनाल रोड, स्टेशन रोड सहित अन्य क्षेत्रों में जलभराव से लोगों को परेशानी हुई। जबकि दुर्गा कॉलोनी, गीता कॉलोनी, वसंत विहार क्षेत्र, न्यू आरके पुरम व बुढाखेड़ा गांव में कई रास्ते पानी और कीचड़ से लबालब हैं। इन कालोनियों में खाली प्लाटों में भरा पानी भी लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन रहा है।
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कतलाहेड़ी गांव में बरसाती नाला पानी से लबालब है। नाला टूटने से इस गांव में करीब 100 एकड़ फसल डूब गई थी। किसानों का कहना है कि औंगद, जुंडला व हथलाना की ओर से पानी का बहाव जारी है।
उचाना व उचानी गांव के खेतों के समीप नाले में रविवार को जलस्तर कुछ कम हुआ है। हालांकि आसपास के करीब 50 एकड़ में फसलें जलमग्न हैं। धान नष्ट हो चुकी है। किसान लाल सिंह का कहना है कि नहरी रजबाहे से अब्दुल्लापुर गांव की तरफ का पानी टकरा रहा है।
कुंजपुरा खंड के जयरामपुरा गांव में 20 एकड़ फसल से पानी का रास्ता बना हुआ है। इन खेतों में फसल नष्ट हो चुकी है। कई दिन पहले चांदसमंद गांव से ट्रेन टूटने के कारण सलारपुरा व रिंडल के खेतों से होते हुए पानी जयरामपुरा व बड़गांव की ओर बह रहा है। जयरामपुरा डेरा के तीन घर पानी की चपेट में हैं। डेरे में करीब 25 परिवार हैं। मकानों को भी खतरा बना हुआ है।
माखूमाजरा गांव के समीप आवर्धन नहर के नीचे साइफन बंद है, जिस कारण पानी की निकासी नहीं हो रही।
नबीपुर गांव के किसान कमल कांबोज ने कहा कि यमुना में फिलहाल स्थिति सामान्य है। ग्रामीण नजर रखे हुए हैं। अभी फसलों का बचाव है। इस बार जलस्तर की स्थिति नहीं बनी।
यदि वर्षा जारी रही तो गांव में फिर मुश्किल बढ़ेगी। अभी ड्रेन में पानी कुछ कम हुआ है। इसके बावजूद 200 एकड़ फसल डूबी हुई है। इन खेतों में फसल नष्ट हो चुकी है। गहरे खेतों में पानी की निकासी नहीं हो रही।
-कृष्ण कुमार, निवर्तमान सरपंच, कतलाहेड़ी।
माखूमाजरा सड़क स्थित जयरामपुरा डेरा के घरों को पानी से खतरा कायम है। तीन घर पानी से घिरे हुए हैं। तहसीलदार से मुलाकात कर नष्ट हुई धान के मुआवजे की मांग की थी लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिला।
-मनोज सेतिया, निवर्तमान सरपंच, जयरामपुरा।
गांव में अब स्थिति नियंत्रण में है। वर्षा का पानी बस अड्डा क्षेत्र में व कुछ रिहायशी इलाके में घुस गया था। तीन दिन परेशानी रही। जेसीबी लगाकर पानी निकासी खोली गई है। करीब 100 एकड़ फसल डूबी हुई है जो नष्ट हो चुकी है।
-अनिल गंभीर, निवर्तमान सरपंच, घीड़।
बीबीपुर जाटान, कमालपुर रोड़ान, चुरनी, दरड़, कुराली, समौरा व संगोही क्षेत्र में अभी भी सैकड़ों एकड़ धान के खेत जलमग्न हैं। डूबी फसलें खराब हो चुकी हैं। आगे यदि वर्षा जारी रहती है तो नुकसान बढ़ जाएगा।
-कृष्ण खोखर, किसान, बीबीपुर जाटान।
सेक्टर नौ में फटी सीवरलाइन, सेक्टर में फैली दुर्गंध
करनाल। सेक्टर नौ में सामुदायिक केंद्र वाली सड़क पर पुलिस चौकी तक सड़क पर जलभराव के न केवल सड़क जर्जर हो गई बल्कि मंदिर के समीप सीवरलाइन टूट गई है। सात दिन से इस बिंदू पर सीवर का पानी सड़क पर बह रहा है। यहां यातायात भी बाधित हो रहा है। सीवर के दूषित पानी से सेक्टर में दुर्गंध फैल रही है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की ओर से सीवरलाइन की मुरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया। समस्या को रामभरोसे छोड़ दिया गया है। यदि सड़क पर फिर जलभराव होता है तो टूटे सीवरलाइन के गड्ढे के कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
सेक्टर नौ की मुख्य सड़क पर नई रेन वाटर लाइन डलवाने की कोशिश की गई थी। एक बार इसकी सफाई भी हो चुकी है। इस क्षेत्र का पानी 13 एक्सटेंशन की तरफ नाले में जाता है। सीवरलाइन फटने से सड़क पर पानी बह रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से संपर्क कर रहे हैं। शीघ्र समस्या का समाधान करवाएंगे।
-प्रो. एएस समरान, पूर्व प्रधान, सेक्टर नौ रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन।
सेक्टर नौ में पुलिस चौकी व मंदिर के समीप टंकी वाली सड़क के मोड़ पर सीवरलाइन फटने से बना गड्ढा किसी भी राहगीर के लिए आफत से कम नहीं। सड़क पर सात दिन से सीवर का पानी बह रहा है। इस तरफ किसी ने ध्यान नहीं दिया। यहां से वाहन गुजारना मुश्किल हो चुका है। सीवरलाइन को शीघ्र दुरुस्त किया जाए।
-एडवोकेट सुरेंद्र शर्मा।
23.2 एमएम हुई वर्षा, सक्रिय रहेंगे मानसून के बादल
करनाल। जिले में सोमवार की सुबह से दोपहर बाद तक रुक-रुककर बारिश होती रही। इस दौरान करीब 23.2 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई। राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान के कृषि विज्ञान केंद्र स्थित जिला स्तरीय कृषि मौसम सेवा इकाई के अनुसार हरियाणा के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में जिनमें करनाल भी शामिल है, मानसून काफी सक्रिय है। ऐसे में अभी और अच्छी बारिश की संभावना जताई जा रही है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरना, बादलों की तेज गरज-चमक भी संभव है।

केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान सुबह 32.2 डिग्री और न्यूनतम 26.0 डिग्री सेल्सियस रहा। संस्थान के सिंचाई, जल निकास एवं अभियांत्रिकी विभाग के अध्यक्ष प्रधान वैज्ञानिक डा. डीएस बुंदेला ने कहा जुलाई में अब तक 348.6 एमएम वर्षा हो चुकी है। वहीं इस वर्ष अब तक 542.3 एमएम वर्षा हुई है।
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