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धुंध ने दी दस्तक, स्टोर में पड़ी हैं फॉग लाइटें

Wed, 07 Dec 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल Updated Wed, 07 Dec 2016 12:39 AM IST
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Haze said, knocking fog lights lying in store, Karnal
धुंध ने दी दस्तक, स्टोर में पड़ी हैं फॉग लाइटें - फोटो : Amar Ujala
 सर्दियों के साथ कोहरे यानी फॉग ने दस्तक दे दी है, लेकिन अभी तक जिला प्रशासन और रोडवेज विभाग ने इससे निपटने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। रोडवेज के स्टोर से अभी फॉग लाइटें भी नहीं निकली हैं।
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कोहरे के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत वाहन चालकों को होती है। सड़क पर चल रहे वाहनों के दिखाई न देने के कारण वाहन आपस में भिड़ जाते हैं और हादसे हो जाते हैं। बता दें कि अब तक दो दिन में छाई धुंध के कारण ही नेशनल हाईवे पर दर्जनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इसके अलावा, जीटी रोड पर कई स्थानों पर न तो संकेतक हैं और न ही पट्टी लगी है। इससे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है। वहीं, रोडवेज अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फाग लाइटें स्टोर में पड़ी हैं, लेकिन अभी तक विभाग का मानना है कि इनकी कोई जरूरत नहीं है। उधर, चालक घबराए हुए हैं और मांग कर रहे हैं बसों में फाग लाइट लगाई जाएं।
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हरियाणा रोडवेज के करनाल डिपो की दर्जनों बस अलसुबह ही विभिन्न मार्गों के लिए रवाना हो जाती हैं। इनमें से अधिकांश बसें बिना फॉग लाइट और रिफ्लेक्टर के ही चल रही हैं। ऐसे में कोहरे को भेदने में बसें सक्षम नहीं होने के कारण चालकों को दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। जिला के रोडवेज बेड़े में 183 बसें हैं। इनमें से हर रोज 177 बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित की जा रही हैं। इनमें से दस से 15 बसों में ही फॉग लाइट हैं। जिले के डिपो से हर रोज बसें दिल्ली, चंडीगढ़, जालंधर, जम्मू-कटरा सहित विभिन्न लंबे रूटों पर दौड़ती हैं। इनमें से अधिकतर बसें अलसुबह डिपो से चलती हैं और देर रात को लौटती हैं। ऐसे में बसों में फॉग लाइटें नहीं होने से कोहरे में से बसों को निकालने में चालकों को तो काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं मुसाफिरों को भी हादसा होने का डर सताता रहता है। बता दें कि दो दिन पहले अधिक कोहरा होने से जीटी रोड पर लगभग एक दर्जन वाहनों के आपस में टकराने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि दस लोग घायल हो गए थे।
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कई बसों पर रिफ्लेक्टर भी नहीं
रोडवेज की कई बसें तो ऐसी हैं, जिनके पीछे रिफ्लेक्टर भी नहीं है। धुंध में रिफ्लेक्टर न होने के कारण पीछे से आने वाले वाहनों को आगे चल रही बस दिखाई न देने के कारण दुर्घटना हो जाती है। वहीं कई बसें ऐसी भी हैं, जिन पर रिफ्लेक्टर तो लगे हुए हैं, लेकिन बस पर पेंट करते समय रिफ्लेक्टरों पर भी पेंट कर दिया गया है। इससे दूर से वाहनों की लाइट लगने के बाद रिफ्लेक्ट नहीं हो पाती।

सड़कों से पीली पट्टी भी गायब
शहर की सड़कों पर बनाई गई पीली पट्टी भी कई जगह तो धुंधली है। वहीं कई जगहों पर पट्टी बिल्कुल गायब है। यह हाल केवल शहर का ही नहीं, बल्कि शहर से बाहर जाने वाले स्टेट हाइवे पर भी पट्टी न होने से धुंध में हादसे होने का अंदेशा बना रहता है। सर्दियों के साथ धुंध हो जाने के बाद भी संबंधित विभागों ने कोई कदम नहीं उठाया है।

धुंध के कारण 0.9 डिग्री गिरा तापमान, बढ़ी ठिठुरन
मंगलवार अलसुबह से छाई धुंध शहर को अपनी चादर में लपेट लिया। कोहरे के कारण दृश्यता शून्य रही। सोमवार को अधिकतम तापमान 25.0 और न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री दर्ज किया गया था। जबकि मंगलवार को मौसम विभाग द्वारा अधिकतम तापमान 24.4 और न्यूूनतम 7.6 डिग्री दर्ज किया गया। जो सोमवार की बजाय 0.9 डिग्री घटकर 7.6 डिग्री रह गया। तापमान में आई गिरावट के कारण मौसम में ठंडक अधिक बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड ज्यादा बढ़ने की संभावना है। वहीं अगले तीन दिन तक ज्यादा धुंध छाई रहेगी।


रोडवेज की अधिकतर बसों में जो लाइट लगी हैं, वह धुंध में ठीक काम करती हैं। रोडवेज के स्टोर में फॉग लाइटें रखी हैं। इन बसों पर लाइटों की जरूरत होगी। उन बसों पर फॉग लाइटें लगा दी जाएगी।
-जयपाल राणा, जीएम, हरियाणा राज्य परिवहन, करनाल
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