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धर्मनगरी को देख गदगद हो गए रघुवंश
कुरुक्षेत्र
Updated Fri, 10 Jan 2014 11:48 PM IST
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पूर्व केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री एवं बिहार से लोकसभा सदस्य डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र का भ्रमण किया। उन्होंने कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक स्थलों के इतिहास के बारे में जानकारी ली।
उनका स्वागत थानेसर के एसडीएम अशोक बांसल ने किया।
डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने ब्रह्मसरोवर पर स्थापित भव्य रथ का अवलोकन किया। उसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण संग्रहालय, पैनोरमा एवं ज्योतिसर का अवलोकन किया।
संग्रहालय पहुंचने पर संग्रहालय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा ने उनका स्वागत किया तथा संग्रहालय की विषय-वस्तु के बारे में जानकारी दी। संग्रहालय की पुरातत्व एवं महाभारत गैलेरी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह सब विश्व स्तरीय है।
उन्होंने कहा कि धर्मनगरी में भ्रमण का यह दिन उनके जीवन का अति स्मरणीय दिन रहेगा।
कुरुक्षेत्र के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आज विश्व की सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
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निसंदेह देश की सबसे बेहतरीन धार्मिक नगरी, जिसका ऐतिहासिक महत्व सर्वविदित है। गीता का संदेश और महाभारत के युद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं के अनुपम दृश्य अद्भुत हैं।
संग्रहालय भ्रमण के पश्चात उन्होंने पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र का भी अवलोकन किया। अंत में वह गीता की जन्मस्थली ज्योतिसर के दर्शनों के लिए पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया एवं विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टीन की भेंट का विवरण भी सुनाया।
उन्होंने बताया कि आइंस्टीन के डेस्क में एकमात्र धार्मिक पुस्तक गीता रखी होती थी। उन्हाेंने कहा कि मैं भविष्य में दो दिन का कार्यक्रम निश्चित कर फिर से कुरुक्षेत्र के पर्यटक स्थलों का बारीकी से अध्ययन करना चाहूंगा।
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उनका स्वागत थानेसर के एसडीएम अशोक बांसल ने किया।
डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह ने ब्रह्मसरोवर पर स्थापित भव्य रथ का अवलोकन किया। उसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण संग्रहालय, पैनोरमा एवं ज्योतिसर का अवलोकन किया।
संग्रहालय पहुंचने पर संग्रहालय अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा ने उनका स्वागत किया तथा संग्रहालय की विषय-वस्तु के बारे में जानकारी दी। संग्रहालय की पुरातत्व एवं महाभारत गैलेरी की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह सब विश्व स्तरीय है।
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उन्होंने कहा कि धर्मनगरी में भ्रमण का यह दिन उनके जीवन का अति स्मरणीय दिन रहेगा।
कुरुक्षेत्र के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें आज विश्व की सर्वश्रेष्ठ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक धरोहर के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
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निसंदेह देश की सबसे बेहतरीन धार्मिक नगरी, जिसका ऐतिहासिक महत्व सर्वविदित है। गीता का संदेश और महाभारत के युद्ध से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं के अनुपम दृश्य अद्भुत हैं।
संग्रहालय भ्रमण के पश्चात उन्होंने पैनोरमा एवं विज्ञान केंद्र का भी अवलोकन किया। अंत में वह गीता की जन्मस्थली ज्योतिसर के दर्शनों के लिए पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने डॉ. राममनोहर लोहिया एवं विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टीन की भेंट का विवरण भी सुनाया।
उन्होंने बताया कि आइंस्टीन के डेस्क में एकमात्र धार्मिक पुस्तक गीता रखी होती थी। उन्हाेंने कहा कि मैं भविष्य में दो दिन का कार्यक्रम निश्चित कर फिर से कुरुक्षेत्र के पर्यटक स्थलों का बारीकी से अध्ययन करना चाहूंगा।