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सरकारी बैंक कल से दो दिन की हड़ताल पर
करनाल
Updated Sat, 08 Feb 2014 11:27 PM IST
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करनाल के बैंक उपभोक्ताओं को सोमवार से सरकारी बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल के कारण लेन-देन न होने के कारण फजीहत झेलनी पड़ेगी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले पूरे जिले में सभी बैंकों की लगभग दो सौ शाखाओं के हजारों बैंक कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि हड़ताल में प्राइवेट सेक्टर का कोई बैंक शामिल नहीं होगा। निजी बैंकों के उपभोक्ताओं को हड़ताल के दौरान दोनों दिनों में सामान्य सेवा मिलेंगी। दूसरी ओर हड़ताल से जिले भर के करीब पांच लाख उपभोक्ताओं के प्रभावित होने का अनुमान है।
सरकारी आंकडो़ं के अनुसार, प्रदेश में हर जिले में सरकारी बैंकों की 200 शाखाएं है। इन शाखाओं में रोजाना कई करोड़ का लेन देन होता है, जो प्रभावित होगा। इस दौरान बैंकों में एटीएम की सेवाएं बहाल रहेंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष बीएन शर्मा ने कहा यूनियन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर 10 और 11 फरवरी को दो दिन तक हड़ताल रखी जाएगी।
देश के बैंकों के करीब दस लाख कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे। निजी क्षेत्र का कोई बैंक इसमें शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा बैंक कर्मियों की मुख्य मांग वेज रिविजन की है। मुख्य श्रम आयुक्त से कई बार बात हो चुकी है, लेकिन बैंक कर्मियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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ऋण के बाद एनपीए होने वाले उपभोक्ताओं से रिकवरी करने के बाद बैंकों के पास कोई पावर नहीं है। अधिकत्तर ऐसे मामले राजनीतिक लोगों और ब्यूरोक्रेटस से जुडे़ हैं। करीब 75 प्रतिशत पैसा बैंकों का कारपोरेटस में डूबा पड़ा है।
बैंक कर्मियों का कहना है 75 प्रतिशत रुपया डूबा होने बाद भी सरकार को कोई परवाह नहीं है और बैंक कर्मियों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। उनका वेतन भी रिवाइज नहीं किया जा रहा है। इस विरोध में हड़ताल के दोनों दिनों में बैंकों के चतुर्थ श्रेणी कर्मी से लेकर अधिकारी तक हड़ताल पर जाएंगे।
उन्होंने कहा विदेशी मुद्रा और सरकारी खातों के दौरान होेने वाला काम भी पूरी तरह प्रभावित रहेगा। इसके अलावा यह तो नहीं कहा जा सकता है कि उपभोक्ता कितने प्रभावित होंगे, लेकिन लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी होगी।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के बैनर तले पूरे जिले में सभी बैंकों की लगभग दो सौ शाखाओं के हजारों बैंक कर्मी हड़ताल पर रहेंगे। हालांकि हड़ताल में प्राइवेट सेक्टर का कोई बैंक शामिल नहीं होगा। निजी बैंकों के उपभोक्ताओं को हड़ताल के दौरान दोनों दिनों में सामान्य सेवा मिलेंगी। दूसरी ओर हड़ताल से जिले भर के करीब पांच लाख उपभोक्ताओं के प्रभावित होने का अनुमान है।
सरकारी आंकडो़ं के अनुसार, प्रदेश में हर जिले में सरकारी बैंकों की 200 शाखाएं है। इन शाखाओं में रोजाना कई करोड़ का लेन देन होता है, जो प्रभावित होगा। इस दौरान बैंकों में एटीएम की सेवाएं बहाल रहेंगी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष बीएन शर्मा ने कहा यूनियन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आह्वान पर 10 और 11 फरवरी को दो दिन तक हड़ताल रखी जाएगी।
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देश के बैंकों के करीब दस लाख कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल होंगे। निजी क्षेत्र का कोई बैंक इसमें शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा बैंक कर्मियों की मुख्य मांग वेज रिविजन की है। मुख्य श्रम आयुक्त से कई बार बात हो चुकी है, लेकिन बैंक कर्मियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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ऋण के बाद एनपीए होने वाले उपभोक्ताओं से रिकवरी करने के बाद बैंकों के पास कोई पावर नहीं है। अधिकत्तर ऐसे मामले राजनीतिक लोगों और ब्यूरोक्रेटस से जुडे़ हैं। करीब 75 प्रतिशत पैसा बैंकों का कारपोरेटस में डूबा पड़ा है।
बैंक कर्मियों का कहना है 75 प्रतिशत रुपया डूबा होने बाद भी सरकार को कोई परवाह नहीं है और बैंक कर्मियों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। उनका वेतन भी रिवाइज नहीं किया जा रहा है। इस विरोध में हड़ताल के दोनों दिनों में बैंकों के चतुर्थ श्रेणी कर्मी से लेकर अधिकारी तक हड़ताल पर जाएंगे।
उन्होंने कहा विदेशी मुद्रा और सरकारी खातों के दौरान होेने वाला काम भी पूरी तरह प्रभावित रहेगा। इसके अलावा यह तो नहीं कहा जा सकता है कि उपभोक्ता कितने प्रभावित होंगे, लेकिन लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी होगी।