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गोहाना रैली में किसी को जबरदस्ती नहीं ला सकते : मुलाना
करनाल
Updated Sun, 27 Oct 2013 11:44 PM IST
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव और हरियाणा की सह प्रभारी आशा कुमारी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष फूलचंद मुलाना ने दस नवंबर को गोहाना में होने वाली शक्ति रैली का न्योता दिया। मुलाना रैली के सफल होने की बात तो कर गए लेकिन हरियाणा में कांग्रेस के बडे़ नेताओं के बीच हुई गुटबाजी के सवालों पर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए।
दोनों नेता पत्रकारों के सवालों से बचने के लिए मात्र इतना कहते रहे कि किसी को भी अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री को विकास के मामलों में केंद्रीय मंत्री कुमारी सैैलजा की ओर से घेरे जाने के मामले में जवाब घूमाते रहे। दोनोें नेता रविवार को करनाल के एक होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। दोनों नेताओं ने कहा कि हरियाणा में संगठन को मजबूत किया जा रहा है।
दस नवंबर को गोहाना में शक्ति रैली ऐतिहासिक होगी। मुलाना ने कहा कि रैली में सरकार की कारगुजारियाें का जिक्र करने के साथ कुछ घोषणाएं की जानी हैं। रैली सफल होगी। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि रैली के मंच पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सीएम पर विकास में भेदभाव का आरोप लगाना ठीक है तो मुलाना ने हल्के ढंग से सफाई देते कहा कि सीएम ने उनकी बात का जवाब दिया है।
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उनके खिलाफ कार्रवाई होगी के संदर्भ मेें एआईसीसी की सचिव आशा कुमारी ने कहा कि सभी सांसदों और विधायकों को अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन वह भी इस बात को घूमा गई कि सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस के सीएम पर भेदभाव का आरोप लगाया जाना चाहिए या फिर नहीं। उधर, एक सांसद के एक नवंबर को इनेलो की रैली में जाने की संभावना पर कहा कि अभी भी वे कांग्रेस के सांसद हैं। रैली में जाएंगे तो एंटनी कमेटी इस संदर्भ में कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है।
गोहाना रैली में सैलजा को नहीं बुलाया गया के सवाल पर मुलाना ने कहा कि किसी को भी लिखित तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया है। टेलीफोन से कहा गया है। किसी को जबरदस्ती नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि गोहाना की रैली भाजपा की रेवाड़ी रैली का जवाब है, के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नहीं, यह कांग्रेस की अपनी रैली है। सभी दल रैली करते रहते हैं।
आशा कुमारी ने कहा कि गुड़गांव, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ तीनों जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों को पार्टी की खिलाफत करने पर हटाया गया है। उनके स्थान पर नए अध्यक्ष बनाए जा रहे हैं। विकास के मामलों में पत्रकारों ने कहा कि करनाल से यमुनानगर स्टेट हाईवे पर इंद्री से लाडवा के बीच वाहन की बात छोड़ो पैदल भी नहीं गुजरा जाता।
इस पर सभी नेता चुप्पी साध गए। मुलाना ने कहा कि जहां आवश्यकता है, वहां विकास करवाया जा रहा है। रोहतक में अधिक विकास नहीं हुआ। हरियाणा में अभी स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया जाना है। यह गठन हरियाणा प्रभारी डॉ. शकील अहमद के दिल्ली चुनाव में व्यस्त होने के कारण नहीं हो सका।
चुनाव से निपटने के बाद यह किया जाएगा। मौके पर विधायक सुमिता सिंह, राज्य मीडिया प्रभारी त्रिलोचन सिंह, ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नरवाल, शहरी जिलाध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, बिहार कांग्रेस के पर्यवेक्षक पंकज पूनिया, राज्य कांग्रेस पंचायत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरविंद मान उर्फ नीटू, बीरेंद्र लांबडा, अशोक खुराना, प्रदीप बेक्टर, मुकेश चौधरी व दिनेश अग्रवाल मौजूद रहे।
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दोनों नेता पत्रकारों के सवालों से बचने के लिए मात्र इतना कहते रहे कि किसी को भी अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री को विकास के मामलों में केंद्रीय मंत्री कुमारी सैैलजा की ओर से घेरे जाने के मामले में जवाब घूमाते रहे। दोनोें नेता रविवार को करनाल के एक होटल में पत्रकारों से बात कर रहे थे। दोनों नेताओं ने कहा कि हरियाणा में संगठन को मजबूत किया जा रहा है।
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दस नवंबर को गोहाना में शक्ति रैली ऐतिहासिक होगी। मुलाना ने कहा कि रैली में सरकार की कारगुजारियाें का जिक्र करने के साथ कुछ घोषणाएं की जानी हैं। रैली सफल होगी। पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर कि रैली के मंच पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सीएम पर विकास में भेदभाव का आरोप लगाना ठीक है तो मुलाना ने हल्के ढंग से सफाई देते कहा कि सीएम ने उनकी बात का जवाब दिया है।
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उनके खिलाफ कार्रवाई होगी के संदर्भ मेें एआईसीसी की सचिव आशा कुमारी ने कहा कि सभी सांसदों और विधायकों को अपनी बात कहने का अधिकार है लेकिन वह भी इस बात को घूमा गई कि सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस के सीएम पर भेदभाव का आरोप लगाया जाना चाहिए या फिर नहीं। उधर, एक सांसद के एक नवंबर को इनेलो की रैली में जाने की संभावना पर कहा कि अभी भी वे कांग्रेस के सांसद हैं। रैली में जाएंगे तो एंटनी कमेटी इस संदर्भ में कार्रवाई करने के लिए अधिकृत है।
गोहाना रैली में सैलजा को नहीं बुलाया गया के सवाल पर मुलाना ने कहा कि किसी को भी लिखित तौर पर आमंत्रित नहीं किया गया है। टेलीफोन से कहा गया है। किसी को जबरदस्ती नहीं लाया जा सकता। उन्होंने कहा कि गोहाना की रैली भाजपा की रेवाड़ी रैली का जवाब है, के संदर्भ में उन्होंने कहा कि नहीं, यह कांग्रेस की अपनी रैली है। सभी दल रैली करते रहते हैं।
आशा कुमारी ने कहा कि गुड़गांव, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ तीनों जिलों के कांग्रेस जिलाध्यक्षों को पार्टी की खिलाफत करने पर हटाया गया है। उनके स्थान पर नए अध्यक्ष बनाए जा रहे हैं। विकास के मामलों में पत्रकारों ने कहा कि करनाल से यमुनानगर स्टेट हाईवे पर इंद्री से लाडवा के बीच वाहन की बात छोड़ो पैदल भी नहीं गुजरा जाता।
इस पर सभी नेता चुप्पी साध गए। मुलाना ने कहा कि जहां आवश्यकता है, वहां विकास करवाया जा रहा है। रोहतक में अधिक विकास नहीं हुआ। हरियाणा में अभी स्टेट कोऑर्डिनेशन कमेटी का गठन किया जाना है। यह गठन हरियाणा प्रभारी डॉ. शकील अहमद के दिल्ली चुनाव में व्यस्त होने के कारण नहीं हो सका।
चुनाव से निपटने के बाद यह किया जाएगा। मौके पर विधायक सुमिता सिंह, राज्य मीडिया प्रभारी त्रिलोचन सिंह, ग्रामीण जिलाध्यक्ष सुरेंद्र नरवाल, शहरी जिलाध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, बिहार कांग्रेस के पर्यवेक्षक पंकज पूनिया, राज्य कांग्रेस पंचायत प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरविंद मान उर्फ नीटू, बीरेंद्र लांबडा, अशोक खुराना, प्रदीप बेक्टर, मुकेश चौधरी व दिनेश अग्रवाल मौजूद रहे।