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मीठी यादों के साथ संपन्न हुआ गीता जयंती उत्सव

Tue, 17 Dec 2013 11:58 PM IST
कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र Updated Tue, 17 Dec 2013 11:58 PM IST
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Gita Jayanti festival concluded with sweet memories
मीठी-मीठी यादों के साथ एक बार फिर कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह का शिल्प मेला संपन्न हुआ। इस उत्सव में देश-विदेश और प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए पर्यटकों ने भीड़ के पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए।
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अहम पहलु यह है कि कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह में विभिन्न प्रदेशों से आए कलाकार और पर्यटक अगले वर्ष फिर से मिलने का वादा कर गए।

वर्ष 2014 में 2 दिसंबर को फिर से कुरुक्षेत्र उत्सव में दीपदान करने की रस्म को निभाया जाएगा।

उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के कलाकार भगत सिंह राणा, सतबीर कौर, बालक राम, बशीर अहमद, अनीता, रोबिना, कन्नू बाई, गोबिंद कटिका ने कहा कि इस उत्सव में मिली पगार से खूब मजे किए। पर्यटकों का मनोरंजन करने के साथ-साथ सभी कलाकारों ने धर्मनगरी की फिजा में खुब नजारे किए।
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उन्हें अगले वर्ष इस उत्सव का इंतजार रहेगा। वहीं जींद से आए पर्यटक शिखा मेहरा, तस्वी, करनाल से मोनिका खुराना, अम्बाला से कन्नू प्रिया, पबनावा से पवन आदि का कहना है कि शिल्पकारों ने अपने स्टालों पर अच्छी शिल्पकला के जरिये बनाया हुआ सामान रखा, जोकि सभी पर्यटकों ने खूब खरीदा।
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वेस्ट बंगाल के शिल्पकार मोटाकबीर के कांथा कढ़ाई के सूट, ताऊ बलजीत की गोहाना जलेबी, बदायू के गुलाम नबी की खानदानी बांसुरी, अतुल का गुड़ का हलवा आदि पर्यटकों को मन भाया। उन्होंने बताया कि उत्सव में प्रशासन की तरफ से पुख्ता और अच्छे इंतजाम किए जिसकी जितनी सराहना की जाए वह कम होगी।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनाई पहचान
कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह ने राष्ट्र ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक पहचान बनाई है। इंटरनेट व दूरसंचार के साधनों के जरिए इस उत्सव की झलकियों को दुनिया के कोने-कोने में बैठकर लोगों ने देखा है। इस उत्सव को अनौपचारिक रूप से लाखों लोगों ने अवलोकन किया, यह कहना हैं उपायुक्त निखिल गजराज का।


आज ब्रह्मसरोवर तट पर 9 से 17 दिसंबर तक चले गीता जयंती समारोह का विधिवत समापन हुआ। उपायुक्त ने कहा कि इस उत्सव में देश व प्रदेश के कोने-कोने से सांस्कृतिक कलाकारों व शिल्पकारों ने भाग लिया। यहां के लोगों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर कलाकारों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि ठंड का मौसम होने के बावजूद रोजाना पर्यटकों व श्रद्धालुओं ने इस मेले में आकर जमकर खरीददारी की।
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