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Karnal News: भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद गेट पास का सत्यापन शुरू
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गेट नंबर एक पर गेट पास के लिए लगी ट्रैक्टर ट्रॉली की लाइन।
करनाल। अनाज मंडियों में धान की खरीद पूरी होने के करीब पहुंच गई है लेकिन मार्केट कमेटी को अब गेट पास के सत्यापन की याद आई है। खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार की आशंका को देखते हुए मार्केट कमेटी सचिव ने एजेंसियों को नोटिस जारी करने के बाद गेट पास का सत्यापन शुरू करने के आदेश दिए हैं। सत्यापन का कार्य कमेटी कार्यालय में शुरू किया गया है। सीजन के अंतिम दौर में शुरू हुई इस प्रक्रिया ने खरीद व्यवस्था की निगरानी और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
धान खरीद के दौरान गेट पास अहम दस्तावेज होता है। इसके आधार पर मंडी में फसल की आवक का रिकॉर्ड तैयार होता है और खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। ऐसे में गेट पास के रिकॉर्ड का समय पर सत्यापन नहीं होने से खरीद में अनियमितताओं की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। अब मार्केट कमेटी की ओर से सत्यापन कराने के आदेश दिए जाने के बाद यह देखना अहम होगा कि रिकॉर्ड में कोई अंतर मिलता है या नहीं। हालांकि, सत्यापन में अभी किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के समय पर उठ रहे सवाल
गेट पास का सत्यापन कराने पहुंचे किसान धर्मवीर, जोगा राम, जयवीर, हुकम सिंह आदि का कहना है कि धान खरीद का सीजन अंतिम चरण में पहुंचने के बाद सत्यापन शुरू होने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यदि गेट पास के रिकॉर्ड की नियमित जांच की जाती, तो किसी भी संभावित गड़बड़ी का समय रहते पता लगाया जा सकता था। उनका कहना है कि अब जांच के दौरान यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सत्यापन केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाए और नियमानुसार कार्रवाई हो।
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किसान शिकायत करें, करेंगे कार्रवाई
मार्केट कमेटी सचिव विकास गुप्ता ने बताया कि एमएसपी से कम भाव पर खरीद करने कि किसी भी किसान ने लिखित या माैखिक ताैर पर शिकायत नहीं दी है। अगर किसान लिखित में शिकायत देते हैं तो वे मामले की जांच कराएंगे। जांच के बाद अगर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता मिलती है, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए उपायुक्त को लिखा जाएगा।
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धान खरीद के दौरान गेट पास अहम दस्तावेज होता है। इसके आधार पर मंडी में फसल की आवक का रिकॉर्ड तैयार होता है और खरीद प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाता है। ऐसे में गेट पास के रिकॉर्ड का समय पर सत्यापन नहीं होने से खरीद में अनियमितताओं की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता। अब मार्केट कमेटी की ओर से सत्यापन कराने के आदेश दिए जाने के बाद यह देखना अहम होगा कि रिकॉर्ड में कोई अंतर मिलता है या नहीं। हालांकि, सत्यापन में अभी किसी तरह की गड़बड़ी सामने आने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने के बाद ही अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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जांच के समय पर उठ रहे सवाल
गेट पास का सत्यापन कराने पहुंचे किसान धर्मवीर, जोगा राम, जयवीर, हुकम सिंह आदि का कहना है कि धान खरीद का सीजन अंतिम चरण में पहुंचने के बाद सत्यापन शुरू होने से निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यदि गेट पास के रिकॉर्ड की नियमित जांच की जाती, तो किसी भी संभावित गड़बड़ी का समय रहते पता लगाया जा सकता था। उनका कहना है कि अब जांच के दौरान यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सत्यापन केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाए और नियमानुसार कार्रवाई हो।
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किसान शिकायत करें, करेंगे कार्रवाई
मार्केट कमेटी सचिव विकास गुप्ता ने बताया कि एमएसपी से कम भाव पर खरीद करने कि किसी भी किसान ने लिखित या माैखिक ताैर पर शिकायत नहीं दी है। अगर किसान लिखित में शिकायत देते हैं तो वे मामले की जांच कराएंगे। जांच के बाद अगर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता मिलती है, उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए उपायुक्त को लिखा जाएगा।